23/09/2021
#भैया_हमारी_मदद_करो
नमस्कार दोस्तों जंग जारी है जिंदगीयों को बचाने की इस केस में भी कुछ संघर्ष करना पड़ा असल में जिस तरीके से टाइप कर रहा हूं लिख देना शायद बहुत आसान होता है पर उस माहौल को जीना उस माहौल में रहना और हर एक स्थिति को देखते हुए सामने वाले की मदद किस तरह से की जाए इसके लिए काफी कुछ सोच समझकर आगे बढ़ना पड़ता है तब जाकर कहीं किसी एक की मदद हो पाती है आप में से शायद बहुत से लोग स्लाइड करके आगे बढ़ जाएंगे। हां कहानी लंबी होती है क्योंकि इसके पीछे का संघर्ष भी लंबा होता है कोशिश करता हूं की इस पूरे सेवा की गतिविधि से आपको रूबरू करवा पाऊं यह छोटा सा प्रयास होता है
बात लगभग 3 दिन पहले की है हमारी रायपुर टीम को सूचना दिया गया एक व्यक्ति मां को लेकर बिलासपुर के एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती है उनकी मां का बच्चा दानी का ऑपरेशन हुआ है इस दौरान ऑपरेशन का बजट बढ़ गया परिवार काफी परेशान है रायपुर टीम से मुझ तक यह सूचना पहुंचे और तब से शुरू हुई इस सेवा की शुरुआत रायपुर टीम ने मरीज के बेटे गुलशन को मेरा नंबर दिया और कहा आप इनसे संपर्क कीजिए कुछ मदद हो सकती हैं आपको पता है दोस्तों जब कॉल मेरे पास आया था मुझे बहुत अच्छे से याद है उस समय दिन के 10:00 बज रहे थे और मैं अपने रोजाना शेड्यूल के हिसाब से अपने काम के लिए तैयार हो रहा था तभी फोन आया पहला शब्द था भैया अनुराग जी बोल रहे हैं क्या मेरी तरफ से जवाब था हां और तभी भरे हुए गले से घबराए हुए स्वर में सिर्फ एक ही बात सामने वाला कहे जा रहा था #भैया_प्लीज_हमारी_मदद_करो_,भैया प्लीज हमारी मदद करो* इस शहर में हमारा कोई अपना नहीं है और परिस्थिति ऐसी है जिस से निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है अब मुझे मैंने पूछा पहले पूरा मामला बताइए क्या बात है और हम आपकी किस तरह से मदद कर सकते हैं उस समय उन्होंने बताया कि गांव की किसी व्यक्ति ने उन्हें बिलासपुर आकर बच्चा दानी का ऑपरेशन करवाने की सलाह दी साथ ही यह कहा कि आयुष्मान कार्ड द्वारा आप का इलाज पूरी तरह निशुल्क होगा क्योंकि यह मारीज् डिंडोरी जिला मध्य प्रदेश के पास एक गांव से आए हुए थे । मरीज की स्थिति ऐसी थी जिसको देखकर बेटे की हिम्मत नहीं पड़ रही थी कि बिना इलाज करवाएं वापस चला जाए इतनी दूर आने के बाद कुछ हद तक जब ट्रीटमेंट हो गया तभी इन्हें पता चला की इलाज कार्ड से नहीं हो पाएगा अपनी स्थिति के हिसाब से जब इन्होंने जानकारी ली तो पता चला कि ऑपरेशन में जो खर्च हैं वह है तो थोड़ी ज्यादा अपनी हैसियत के हिसाब से इन्होंने हामी भर दी और अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों की मदद से लगभग आधे पैसे तो जुटा लिए पर पर मुश्किल यहीं पर खत्म नहीं थे ऑपरेशन होते होते यही खर्चा दुगना हो गया क्योंकि कुछ जरूरी मेडिसिन और बाकी चीजें के कारण बजट ज्यादा हो गया । ऑपरेशन हो चुका था अब बारी थी पेशेंट को डिस्चार्ज करवाने की दोस्तों सबसे भावुक कर देने वाला पल यह था पेशेंट का ऑपरेशन सफल होने के बाद भी अब उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह पैसे चुका कर अपने मरीज को डिस्चार्ज करा कर वापस गांव ले जाएं लिहाजा इन्होंने इधर-उधर मदद के लिए कोशिश करना शुरू किया काफी जगह इन्होंने प्रयास किया पर कहीं से कोई मदद नहीं मिली अंततः कहीं से इनको हमारा नंबर मिला संपर्क हुआ आप सबका सहयोग हुआ हॉस्पिटल प्रबंधन से निवेदन करने पर उन्होंने भी अपना एक हिस्सा कम कर दिया धन्य है ऐसे डॉक्टर और ऐसे अस्पताल जो लोगों का दर्द वास्तव में समझते हैं और यह सेवा सफल भी हुई आज बताते हुए खुशी हो रही है कि कल शाम बचत की जो भी पैसे थे वह हमारी टीम के कुछ सदस्यों की ही मदद से दे दिए गए पेशेंट को डिस्चार्ज करवा दिया गया है वह अपने घर के लिए आज ही सुबह निकल गए हैं दोस्तों जिस समय मैं हॉस्पिटल का बिल दे रहा था
बिल देने के बाद जैसे ही पीछे मुड़ा वह लड़का जिसकी मां एडमिट थी हमारे पैरों के नीचे छूने की कोशिश करने लगा मैंने उठाया अरे अरे यह क्या कर रहे हो आपको पता है उसके मुंह से जो शब्द निकला वो था भैया कैसे धन्यवाद दूँ आप सब को आज आप सामने आए और हमारी इतनी बड़ी मदद अपने पूरे ग्रुप की तरफ से किया इस चीज को मैं कभी जीवन में नहीं भूलूंगा मैंने उसे कह दिया अरे आप हमारे भाई हो भले ही आप कहीं से आए हैं पर इस वक्त आप हमारे अपने हो आपको पता है जब सुबह आपके लिए पैसे जुटाने थे समय इतना नहीं था सोशल मीडिया में यह मैसेज वायरल करुँ और लोगों से अपील करूं तब उस वक्त कुछ हाथ उठे सेवा के लिए और उन सब की मदद से आज यह सेवा हो पाए तब भरी हुई आंखों से उसने दिल से दुआएं दी और कहां भैया जिन्होंने मेरी मदद की है उन्हें तो मैंने कभी नहीं देखा है पर हां भगवान से हमेशा कहूंगा भगवान उन्हें और उनके परिवार को हमेशा खुश रखें यह दिल से दुआ है तो दोस्तों इस तरह से यह सेवा संपन्न हुई आइए जानते हैं इस सेवा में किस-किस ने अपना अमूल्य योगदान दिया हमारी आदरणीय बानी संधू जी, आदरणीय भीमसेन( राहुल) अग्रवाल जी, बी प्रमिला जी, श्री अभिषेक बुधिया जी, ने आर्थिक सहयोग प्रदान किया इस सेवा में समय दान करने वाले हमारे साथी आदरणीय पालन सिंह जी, सनी वैष्णो जी, आप दोनों का सहयोग भी काफी सराहनीय रहा🙏
#आइये_ऐसे_लोगों_की_मदद_करें_आप_भी_हमसे_जुड़े_केवल_एक_कॉल_करके_हमसे_जुड़ने_के_लिए_दिए_हुए_नम्बर_पर #सम्पर्क_करें
अनुराग तिवारी
सुमित फाउन्डेशन"जीवनदीप"
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