29/11/2025
*HAJJ 2026*
*उमराह और हज के दौरान मक्का व मदीना में इस्तेमाल होने वाले ज़रूरी कठिन अरबी शब्दों के अर्थ 👇👇👇*
1. वुकूफ़ – ठहरना / रुकना
2. वुकूफ़े अरफ़ात – 9 ज़िलहिज्जा को अरफ़ात के मैदान में ठहरना।
3. तुलू-ए-आफ़ताब – सूरज का निकलना / सूर्योदय।
4. ज़वाल-ए-आफ़ताब – दोपहर में सूरज का सिर के बिल्कुल ऊपर आना और फिर ढलान की ओर जाना (लगभग 12–12:30 बजे)।
5. ग़ुरूब-ए-आफ़ताब – शाम को सूरज का डूबना।
6. तवाफ़-ए-काबा – काबा का सात बार चक्कर लगाना।
7. दम देना – किसी वाजिब अमल के छूट जाने या एहराम की मनाही वाली चीज़ करने पर कफ़्फ़ारे के तौर पर जरूरत के हिसाब से क़ुर्बानी देना।
8. हलक करना – सिर के सारे बाल मुंडवाना।
9. रमी जमारात – शैतान के प्रतीक तीन खंभों/ढाँचों को कंकरी मारना।
10. मीक़ात – वह हद जहाँ से मक्का में प्रवेश के लिए एहराम पहनना ज़रूरी है।
11. रमल – उमराह के तवाफ़ के पहले तीन चक्करों में तेज और जोश वाले अंदाज़ में चलना (सिर्फ पुरुषों के लिए सुन्नत)।
12. इज्तिबा – तवाफ़ के दौरान पुरुषों द्वारा दाहिना कंधा खुला रखना।
13. मताफ़ – काबा के आसपास का खुला स्थान जहाँ नमाज़ और तवाफ़ किया जाता है।
14. तल्बिया – "लَب्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक…" (आगे तक) पढ़ना।
15. मुअल्लिम – सऊदी सरकार द्वारा नियुक्त स्थानीय व्यक्ति जो मिऩा में पाँच दिनों के दौरान ठहरने, खाने और यात्रा की व्यवस्था करता है।
16. आफ़ाक़ी – जो मीक़ात की सीमाओं के बाहर रहने वाला व्यक्ति हो।
17. बकाला स्टोर्स – मक्का और मदीना की किराना दुकानें।
18. हरीक हाजी – आगे बढ़ते रहिए हाजी।
19. लबन – दही।
20. मुसल्ला निसा – महिलाओं की नमाज़ का स्थान।
21. मुसल्ला रिज़ाल – पुरुषों की नमाज़ का स्थान।
22. वुकूफ़े मुज़दलिफ़ा – 10 ज़िलहिज्जा की सुबह फ़ज्र के बाद कुछ देर मुज़दलिफ़ा में ठहरकर दुआ करना।
23. ज़ियारत – मक्का-मदीना के पवित्र स्थलों का भ्रमण।
24. तक्सीर – उमराह की सई के बाद महिलाओं द्वारा बालों का एक उँगली जितना काटना ताकि एहराम की स्थिति समाप्त हो जाए।
25. क़स्र – पुरुष हाजियों द्वारा सिर के कम से कम चौथाई हिस्से से एक इंच या अधिक बाल कटवाना।
26. इस्तिलाम – हजरे अस्वद (काले पत्थर) को चूमना या हाथ से इशारा करके सलाम करना।
27. मकतब – दफ़्तर / कार्यालय (मुअल्लिम का दफ़्तर)।
28. मा-सा – सई का मार्ग (सफ़ा से मरवा का रास्ता)।
29. ज़नाना – महिलाएँ।
30. अदाही – क़ुर्बानी।
31. मशाएर-ए-मुक़द्दसा – मिऩा, अरफ़ात, मुज़दलिफ़ा और जमारात — इन पवित्र स्थानों का सामूहिक नाम।
32. यल्ला यल्ला हाजी – चलिए हाजी, आगे बढ़िए।
33. हतीम – काबा के पश्चिमी हिस्से से जुड़ी अर्ध-गोलाकार सफेद संगमरमर की दीवार।
34. शोये शोये – धीरे-धीरे, नर्मी से।
**नोट:👇👇*
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