Apna Bharat Tours & Travels

Apna Bharat Tours & Travels ➤ Smart travel tips, hidden gems & honest itineraries
➤ Trusted tours across India & abroad since 1971

Established in 1971, Apna Bharat Tours and Travels, based in Ahmedabad, Gujarat, has long been a trusted name in the travel industry, renowned for its transparency, integrity, and ethical practices. With over five decades of experience, we offer comprehensive tour services across India, promising unforgettable travel experiences. Our knowledgeable team curates immersive and personalized itinerarie

s, ensuring that every traveler discovers the hidden gems and cultural nuances that make India a truly extraordinary destination.

28/07/2026

एक बात Notice की है?

जब भी कैलाश पर्वत का कोई "Golden View" वीडियो वायरल होता है, उसके कमेंट सेक्शन में ज़्यादातर लोग सिर्फ़ दो तरह की बातें लिखते हैं...

➤ पहला समूह:
"ये धरती का नहीं लगता..."
"ऐसा लगता है किसी दूसरी दुनिया की जगह हो..."
"दिव्यता इंसानी समझ से परे है..."

➤ दूसरा समूह:
"ये मेरी Wish List में है!"
"ज़िंदगी में एक बार यहाँ ज़रूर जाना है!"
"इतनी सुंदर जगह सच में हो सकती है?"

दिलचस्प बात ये है कि...
एक ही दृश्य को देखकर किसी को दिव्यता दिखाई देती है,
तो किसी को सपना।

शायद कैलाश सिर्फ़ एक पर्वत नहीं...
वो हर इंसान के भीतर जो है, उसी का प्रतिबिंब दिखाता है।

अब आपकी बारी...

अगर आपको कैलाश जाने का अवसर मिले, तो आप वहाँ
Adventure के लिए जाएंगे, Beauty के लिए, या Spiritual Experience के लिए?

20/07/2026

➤ खाटू श्याम धाम का संदेश:
राजस्थान का खाटू श्याम धाम पूरे देश में आस्था का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है।

हर दिन लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुँचते हैं। अधिकांश लोगों ने यह कथा तो सुनी होगी कि महाबली बर्बरीक ने श्रीकृष्ण को अपना शीश दान कर दिया था।

➤ लेकिन कहानी यहीं समाप्त नहीं होती...
➤ कहते है महाभारत का पूरा युद्ध बर्बरीक ने अपने कटे हुए शीश से देखा था।
युद्ध समाप्त होने के बाद श्रीकृष्ण ने उनसे पूछा:
"तुमने पूरा युद्ध देखा... बताओ, विजय का श्रेय किसे जाता है?"
➤ बर्बरीक का उत्तर आज भी हर भक्त को सोचने पर मजबूर कर देता है...
➤ उन्होंने कहा:
"मुझे युद्धभूमि में केवल श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र ही दिखाई दे रहा था। वही अधर्म का नाश कर रहा था। बाकी सभी योद्धा तो केवल निमित्त मात्र थे।"

खाटू श्याम जी के संदेश का अर्थ:
➤ जब ईश्वर साथ हों, तब मनुष्य केवल माध्यम बनता है।
➤ विजय अहंकार से नहीं, प्रभु की कृपा से मिलती है।
➤ हारे का सहारा... बाबा श्याम हमारा 🙏

18/07/2026

ड्यूटी पहले या आस्था?
रथयात्रा के दौरान एक पुलिसकर्मी ने भगवान जगन्नाथ के सामने सिर झुकाया... और इंटरनेट पर एक बड़ी बहस छिड़ गई!

दो अलग-अलग सोच, दोनों अपनी जगह बिल्कुल ठोस:

➤ पहला पक्ष:
"यह बिल्कुल गलत है! एक पुलिसवाले के लिए उसकी ड्यूटी ही उसका सबसे पहला भगवान है। इंसानों द्वारा बनाए गए नियम और कर्तव्य पहले आते हैं, बाकी सब बाद में।"

➤ दूसरा पक्ष:
"सिर्फ दो सेकंड के लिए सिर झुका देने से कोई अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हट जाता... बल्कि लाखों की भीड़ के बीच उसी ड्यूटी को बिना किसी गलती के निभाने के लिए, ब्रह्मांड के सबसे बड़े 'सुप्रीम अथॉरिटी' से ताकत मांगना है। भारत में पुलिसिंग सिर्फ कानून से नहीं, समाज के भरोसे और हमारी गहरी सांस्कृतिक जड़ों से चलती है।"

सवाल आपसे:
नियमों का पक्का होना सही है या फर्ज के साथ थोड़ी आस्था भी जरूरी है? आपकी क्या राय है?

➤ पहली नज़र में यह सिर्फ़ एक धार्मिक परंपरा लगती है… लेकिन पंढरपुर वारी का 'रिंगण समारोह' एक ऐसा गहरा आध्यात्मिक रहस्य स...
12/07/2026

➤ पहली नज़र में यह सिर्फ़ एक धार्मिक परंपरा लगती है… लेकिन पंढरपुर वारी का 'रिंगण समारोह' एक ऐसा गहरा आध्यात्मिक रहस्य समेटे हुए है, जो आपकी सोच बदल सकता है।

➤ यह सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि 'अद्वैत वेदांत' का एक जीता-जागता रूप है, जिसे आम जनता के लिए बेहद सरल बना दिया गया है। आइए इसके गहरे रहस्यों को समझते हैं... ⏭️

1. 'रिंगण' (गोल घेरे) का आंतरिक अर्थ ⭕
समारोह में लाखों लोग मिलकर एक विशाल 'गोल रिंगण' (वृत्ताकार रचना) बनाते हैं:
➤ ब्रह्मांड का प्रतीक: यह गोलाकार आकृति पूरे ब्रह्मांड को दर्शाती है, जिसका न कोई आदि है और न अंत। पूरा ब्रह्मांड एक ही केंद्र (ईश्वर) के इर्द-गिर्द घूम रहा है।

➤ पवित्र केंद्र: इस इंसानी पहिये के बिल्कुल बीच में संतों की 'पालखी' होती है। यह प्रतीक है कि जब मनुष्य का जीवन आध्यात्मिक ज्ञान पर केंद्रित होता है, तो जीवन में संतुलन और सद्भाव अपने आप आ जाता है। ..... ⏭️

2. पूर्ण और परम समानता (अभेद)
वारी का सबसे बड़ा दर्शन है अहंकार और सामाजिक भेदभाव को पूरी तरह मिटा देना।
➤ भेदभाव का अंत: 21 दिनों की इस यात्रा में लाखों वारकरी जाति, धन, लिंग या सामाजिक स्तर भूलकर एक साथ नंगे पैर चलते हैं।

➤ "माउली" दर्शन: यहाँ हर कोई एक-दूसरे को "माउली" (माँ) कहकर पुकारता है। दूसरों में ईश्वर का रूप देखने से इंसान का अहंकार खत्म होता है, और यह अहसास होता है कि हर जीव के भीतर एक ही दिव्य आत्मा है। ...... ⏭️

3. बिना घुड़सवार का घोड़ा (माउलींचा अश्व)
रिंगण के बीच एक बेहद खूबसूरत, बिना घुड़सवार के घोड़े को दौड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके पीछे का रहस्य कमाल का है:
➤ आत्मा की तड़प: यह बिना सवार का घोड़ा शुद्ध मानव आत्मा (जीवात्मा) का प्रतीक है।

➤ अनंत की ओर दौड़: जब आत्मा पर सांसारिक इच्छाओं, मोह-माया और अहंकार का कोई 'सवार' (दबाव) नहीं होता, तो वह सीधे परमात्मा (भगवान विट्ठल) की ओर दौड़ती है।

➤ भक्ति की धूल (चरणधूलि): जैसे ही यह घोड़ा दौड़ता है, हजारों वारकरी उसके टापों से उड़ने वाली धूल को अपने माथे पर लगाते हैं। यह परम विनम्रता और ईश्वर की कृपा पाने का प्रतीक है।
यही है पंढरपुर वारी : जहाँ पैर जमीन पर होते हैं, लेकिन आत्मा अनंत की गहराइयों को छू रही होती है।

➤ 250 किलोमीटर से भी लंबी यह यात्रा पैदल चलने की शारीरिक क्रिया को 'सक्रिय ध्यान' (active meditation) में बदल देती है।

08/07/2026

You won't believe this machine was developed in India.

From skilled hands... to smart machines.

One innovation is transforming a centuries-old tradition - making garland production faster, cleaner, and far more efficient. The future of traditional craftsmanship is already here.

Save this if you love seeing Indian innovation.

25/06/2026

क्या यह केवल मंदिर है या रहस्य का द्वार?
स्थान : गुद्दत्तु विनायक मंदिर, कुंडापुरा, कर्नाटक

मंदिर की विशेषता
➤ नामकरण : जलाधिवास गणपति
➤ निर्माण : लगभग 1700 वर्ष पुराना
➤ संरचना : न भव्य गर्भगृह, न ऊँचा सिंहासन
➤ दर्शन : शिला के छोटे छिद्र से जल में विराजमान मूर्ति के दर्शन

पौराणिक मान्यता
➤ अत्यधिक मधु सेवन से उत्पन्न ताप शांत करने हौतु भगवान शिव के आदेश पर गणेश जी ने जल में निवास स्वीकार किया
➤ वर्तमान में प्रतिदिन "Aayira Koda Abhisheka" सेवा में 1000 कलशों से जलाभिषेक किया जाता है
➤ उद्देश्य : देवता का ताप शांत रहे और भक्तों का जीवन भी शांत रहे

आध्यात्मिक विश्लेषण
➤ जल का प्रतीक : स्थिरता, शांति, निर्मलता
➤ संदेश : जब मन जल की तरह स्थिर हो जाता है, तब अहंकार, क्रोध, अशांति और अतृप्त इच्छाएँ विलीन हो जाती हैं
➤ विघ्नहर्ता का अर्थ : सबसे बड़े विघ्न बाहरी परिस्थितियाँ नहीं, आंतरिक विकार हैं

निष्कर्ष
यह मंदिर केवल ऐतिहासिक संरचना नहीं है.
यह प्राचीन भारतीय

20/06/2026

कोलकाता इतिहास रचने के लिए तैयार है!

ज़रा कल्पना कीजिए…
सुबह की सुनहरी किरणें ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज पर पड़ रही हैं, और उसकी भव्य परछाईं पवित्र हुगली गंगा नदी में चमक रही है।

और ठीक उसके नीचे… एक ऐसा नज़ारा जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा -
500 नावें, शांत पानी पर तैरती हुईं, जिन पर हजारों योग साधक एक साथ, एक लय में योग करते दिखाई देंगे।

पहली बार, City of Joy यानी कोलकाता एक भव्य प्रयास करने जा रहा है -
Guinness World Record बनाने का, जहाँ योग, संस्कृति और भारत की समृद्ध विरासत एक साथ एक तैरते मंच पर जीवंत होगी। 🇮🇳

ऐतिहासिक घाटों से लेकर हावड़ा ब्रिज की शानदार मेहराबों तक… कोलकाता पूरी दुनिया को एकता, शांति और भारतीय संस्कृति का संदेश देने जा रहा है। ❤️

12/06/2026

Most traffic jams happen because many tourists leave Nubra at the same time after breakfast. The result? Long queues of vehicles on narrow mountain roads.

Travel Tip: Start early from Nubra. You'll enjoy fewer vehicles, better photo opportunities, and a more relaxed journey through the Himalayas.

Address

Apna Bharat Tours & Travels, 4, Ground Floor, Aditya Arcade, Choice Restaurant Lane, Opp: Pagarkha Bazar, Chimanlal Girdharlal Rd, Navrangpura
Ahmedabad
380009

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