म्हारो मरुधर देश

म्हारो मरुधर देश केसरिया बालमा आओ नी
पधारो म्हारे देस

10/04/2026
13/02/2023

छोरी दे अर छोरी लेली, मति में पड़ गया भाटा बेटा न परणावा खातिर, कर लिया आटा साटा

घर देख्यो तो वर नही देख्यो नाही कुटुम कबीलो जोड़ भल्या ही ना मिल्या पण बणग्यो बींद हठीलो सावो आग्यो लग्न होईगो बंट ग्या खांड बताशा बेटा न परणावा खातिर कर लिया आटा साटा

नन्दल बाई की नन्दल बन्गी, भाभी की भौजाई भाई जी ननदोई बनग्यो, सलहज माँ की जाइ एक तरफ की गलती स्यूदोन्यूं का होवे नाता बेटे न परणावा बहाने, कर लिया आटा साता

बड़ी बहन क सागे सागे छोटी न परणाई कलम किताबों का टाइम में बींदणी बणाई स्याही में रमतोड़ा हाथ मेहंदी स्यू कर दिया राता बेटा न परणावा खातिर कर लिया आटा साटा

कुण बेरी आ रीत चलाई, कुण न काळो खायो घणा बेटों का घर उजड़ ग्या बेटियां तन जळायो घणा घरां में हँसी भूल ग्या पसर गिया सन्नाटा बेटा न परणाबा खातिर, कर लिया आटा साटा

18/11/2022

तेज तीर तलवार खनकती
शौणित रक्त उबलता था,
चेतक पर असवार वीर जब
बेरी देख मचलता था।।
हाथों में हथियार चमकते
आँखों में अंगार थे,
एकलिंग भगवान प्रभू के
हर हर लगते नारे थे।।
झाला पुंजा तोमर जैसे
रणवीरों की टोली थी,
महाकाल बन युद्ध में सबने
खेली खून की होली थी।।
हल्दी घाटी गूँज उठी जिस
योद्धा की ललकार से,
चेतक अश्व सवार प्रतापी
राणा की हूँकार से।
ऐसे प्रबल शिरोमणि को
शीश नमन हम करते हैं,
मेवाड़ मुकुट राणा प्रताप को
शत शत वंदन करते हैं।।

प्रमोद सनाढ़्य
नाथद्वारा

मेवाड़ के गौरव महाराणा प्रताप की जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं।

30/03/2021

जब तक गोरा के कंधे पर दुर्जय शीश रहेगा
महाकाल से भी राणा का मस्तक नहीँ कटेगा

तुम निश्चिन्त रहो महलो में देखो समर भवानी
और खिलजी देखेगा केसरिया तलवारो का पानी
राणा के सकुशल आने तक गोरा नहीँ मरेगा
एक पहर तक सर कटने पर धड़ युद्ध करेगा

एक लिंग की शपथ महाराणा वापस आएँगे
महा प्रलय के घोर प्रभंजन भी न रोक पाएँगे
शब्द शब्द मेवाड़ी सेनापति का था तूफानी
शंकर के डमरू में जैसे जाएगी वीर भवानी
जिसके कारन मिट्टी भी चन्दन है राजस्थानी
दोहराता हूँ सुनो रक्त से लिखी हुई कुर्बानी ।

राजस्थान स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ।

वीरां री धरती  #मरुधर देश
01/02/2021

वीरां री धरती
#मरुधर देश

26/08/2020

हाँ हाँ में राजस्थान हु ।
क्या आपको भी राजस्थानी होने पर गर्व है ।
#वीरराजस्थानी
#म्हारोमरुधर देश
#संस्कृतिहमारीपहचान

01/06/2020

परदे मे मत झांकी
ढकयोडो भरभ उगड ज्यासी ।।

जीवण मे गांठयां उल्ज जासी,,
थुं जाणे देख कितरा अठे बेठा है ,
मुंड मुंडायोडा ,
थुं जाणे कितरा देख अठे
बगला नर भेख बणायोडा ,

थुं जाणे कितरा देख अठै मठधारी तिलक लगायोडा ।

बेठा कितरा अउधूत अठे
तन माँई राख रमायोडा ,,

भग्त री भग्ती ने मत देख ।
धर्म री धज्जियां उड ज्यासी ।।

परदे रै भितर मत झांक ठकियोडो भरम उघड ज्यासी ।

पिछै पडदे री छायां मे जाणे
छल री माया ,
दस तेरा के बीसा पथी ,
थु जाणे जाने सब उल्लझाया है ।
गाबा मे सेंग उघाडा ,
हर पांव तिसलता पाया है ।
मिनका री ने कांई दोस ,
अठे बे देव लुङकता आया है ।।

जमियोडी रंजी मती उडाय ।
पेडारी जडा उखड ज्यासी

।।परदे रै भितर.......

भिन्ता भीतर सु खोली है,
उपर रंग रचोला है ।
चोला तो उपर का खोला ,
भीतर ले समन्द हबोला ।
देख्यां सुं घणा पिस्तावोला ,

किं नही पोल का गोला है
।।
सागर री लहेरा देखी ,
पण भीतर किणी ने नब्ज ने टंटोली है ।।

सोने री खोली उतरता ही ,
ठाकुरजी पिथल रज रल ज्यासी ।।~~

पडदे रे भितर मत झांक ,
जमियोडी ढकयोडो
भरम उघड ज्यासी।।

धरम री चादर ताण ,
सुता कुण मोजा माणे है ।

कणी बने बनीती बिगाडी देख ,
कुणा रो जीव ठिकाणे है ।

करै कुण किरतब काली रात,
बां ने के थु नही जाणे ।
हवा मे खोज मन्डे उणारा ,
पागी थु पग पिछाणे है ।

भेद री बातां ने मत खोल
पोल रो ढोल बिखर ज्यासी ।

पडदे रै भितर मत जांक ढक्योडो भरम उगड ज्यासी ।।

आप री अपणायत ने देख ,
अणेसो मन अवेला ।
थारा ने निजरा सु निहार ,
घिरणा सु नाक चढावेला ,

परवाडा बाच्यां जे पांछा ,
नेण री नींद उडावेला ।

चाले ज्युं चालण दे चरखो ,
आंख्यां री सर्म गमावेला ,

जीवन सु मती री खिलवाड ,
कागजी फुल बिखर ज्यसी ।

पडदे भितर मत झांकी ,
ढकरौडो भरम उगड ज्यासी॥

जीवण जीणो धीर धार ,
कदेयी गांठ्या ने पड ज्यावेली |

21/04/2020

*कोरोना काल*

आजकाल न तो पूर्वज फोडा़ पाड रिया
न डाकण-भूत लाग रिया।
भोपा भी कोरोना ऊं, भड़किया-भड़किया भाग रिया।

जठे जातरियां का जमघट लागता,
उठे खाली बाईरा बाज रिया।
अमलां प्याला ठपकारता भोपा,
अबे भाव कां न काड रिया।।

कोरोना को टोटको,
जागीर थान कां न बता रिया।
अस्यान लागे है,
भोपा आपणी दुकाना चला रिया।।

अंधविश्वास का पडपंच में
देवता को नाम घटा रिया।
बावजी का नाम पे ले चढा़वो,
भोपा चटकारा लगा रिया।

रातीजगा को सीजन,
पण घर में बाटियां गुडा रिया।
भजन गाबा वाला ने,
भेंट पूजा का मरोडा आ रिया।।

हलवायां का जारा,
पडिया-पडिया कांट खा रिया।
जीमणा का शौक वाला,
घर में बैठ लसण छुला रिया।।

डोपर वाला की डाडियां बढगी,
सब बाबाजी नजर आ रिया।।
मूरख लोग हेरिया में दौड़ रिया,
डावा मनख घर में टेम बिता रिया।।

गांव में ज्याने न हुंवातो,
दौड़-दौड़ न गाँवा म घरे भागा आ रिया।
गणा जणा के तो लांबा-लांबा,
लठ पांती आ रिया।।

गुटका तंबाकू खाबा वाला,
नुई-नुई जुगाड़ लगा रिया।
बिडिया को स्टोक खतम,
मनखा का जीव आंख्या में आ रिया।।

आईस्क्रीम का टेम्पुडा में
टिंडका भर-भर न ला रिया।।
गणा भाया तो मारूति में
साग-भाजी बेचबा जा रिया।।

करसाण खेती में मस्त,
फसल काट घरे ला रिया।
माने भी घरे आणो,
परदेश वाला हाका लगा रिया।।

दारुडिया की दशा बगड गी
ठेका के चक्कर खा रिया।।
बिना मेकप के दुखी छोरियां,
सेल्फी वाला फोटू न आ रिया।।

धन दौलत धंधा सब झूठा,
दाल-रोटी ही काम आ रिया।
मनख भूल्या औकात आपणी,
आपू आप ही लेण में आ रिया।।

चडा़-छुरकलियां होरी बेगी,
जंगल में मौज मना रिया।
कोरोना का रोग कारण लोगां ने,
दिन में तारा नजर आ रिया।।

छोरा-छोरी बना परीक्षा के
गरमी की छुट्टियां मना रिया।
मां-बाप ने तंग कर नाक्या,
मारसाब अब गणा याद आ रिया।।

रोडां सारी खाली वेगी,
साधन भचेडा़ न खा रिया।।
चाट-कचोरियां का फोडा पड गया ,
एसिडिटी का केस नेम न आ रिया।।

घर माही मेलो मंडियो,
सब गोट गुडिंदा खा रिया।
आपणी आपणी स्टाईल में
सगला लोकडाउन निभा रिया।।

नमन कोराना योद्धा ने
जो बना थाकिया ड्यूटी निभा रिया।।
वांका भण्डार सदा भरिया रेवे
ज्यो सेवा को धरम निभा रिया।।

कार-मोटरां गाड़िया पे धूलो जमियो
पण प्रदूषण ने खूब ढाब रिया।
समझदार थाने याही केवे
एकांत सूं कोरोना भी कांप रिया।।

🙏🏻🙏🏻

24/03/2020

🙏🙏वेन्डपणों छोड़ो 🙏🙏
😞😞😞😞
हाथ जोड़,अरज करूं,
मती निकळ जो बाने,
आज आकोदन,हंगळा,
बैठा रिज्यों,ठाम-ठकाणें।

जीवता रिया तो आपां,
ओर कमाई,खावां ला,
पण कोरोना,लागी ग्यों तो,
हुदा ऊपरे,पौची जावां ला।

यो वेन्डपणों न हैकड़ी,
थौड़ा दन,परी छोड़ जो,
आपाणें घरे,राजी-खुसी,
आरामु परा,पौड जो।

आप बाने,जावों ला तो,
कोरोना पामणों आवें ला,
अर सरग जस्या घर ने,
वो मसाण,वणाई जावें ला।

आगलो होच-होच न,म्हारा,
रूवां-रूवां,ऊबा वेई रा,
आप आल्तक ई,हंगळा,
परवां क्यूं नी,करी रा।

नीट-नीट,मौकों मल्यों,
देस भगति,वतावां रो,
अणी मी आपां फैल वैइजावां,
तो कई सार है,जीवां रो।

हंगळा पेली होचा आपां,
आपाणों जीव किस्तर वचावां,
तरकूट कोरोना री आपां,
बैंड किस्तर,वजावां।

राजन अबे मरा ला तो,
आपाणी डोपर ऊं,मरा ला,
थौड़ाक सावचेत रेईग्या तो,
तो और आगे जीवां ला।
तो और आगे जीवां ला।।

*सर्वे भवन्तु सुखिन:*

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Ajmer District
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