29/02/2020
"खड़े हो जाओ अपाहिज हिन्दुस्तानियो एक हो जाओ बीजेपी की मुफ्त की बैशाखियों के सहारे नहीं शाहीन बाग़ की बूढ़ी माओ की उम्मीद के लिए खड़े हो एक हो.. अपने बच्चो के लिए खड़े हो अपने जिगर के टुकड़े के लिए खड़े हो एक हो.. अपने सपनो के घर के लिए खड़े हो अपनी प्यारी यादो के लिए खड़े हो एक हो.. अपने बचपन की यादो के लिए खड़े हो अपने जानी दोस्तों के लिए खड़े हो अपने परिवार के लिए खड़े हो अपने अधिकार के लिए खड़े हो अपने भगवान् के लिए खड़े हो एक हो और सबसे बढ़कर अपने देश के लिए खड़े हो अपने तिरंगे के लिए खड़े हो अपने सविंधान के लिए खड़े हो अपनी आज़ादी के लिए खड़े हो एक हो.. तुम दूर से देखोगे की तुम्हारा कुछ नहीं जा रहा तुम पास जाकर देखोगे तुम्हारा सपनो का घर तुम्हारी सालो की मेहनत तुम्हारा जान से प्यारा परिवार सब राख में मिल जाएगा सब खाख हो जाएगा.. अभी भी वक़्त है खड़े हो एक हो 130 करोड़ है हम एक होंगे तभी सब ठीक हो पायेगा.. तुम्हारा परिवार बच जाएगा अपना देश बच जाएगा.. इसलिए खड़े हो निकलो एक हो पहले देश बचाओ अपना संसार बचाओ!!"
एकता ज़िंदाबाद.. सविधान ज़िंदाबाद..
◘•••••••••••••-जय हिन्द-•••••••••••••◘