07/03/2024
एक दौर वह भी था जब रेडिया पर यह सुनने को मिलता था कि इस बार गेंदबाज द्वारा जोरदार अपील और अंपायर कि अंगुली हवा में खङी हो गयी है। एकदम से भौचक्के से रह गये हैं सचिन तेंदुलकर और उनको कुछ भी समझ में नही आ रहा है कि अब क्या करें? अब्दुल रज्जाक की यह गेंद थी और इस बार सचिन तेंदुलकर पूरी तरह से बीट तो हो गये थे लेकिन ऐसा साफ लग रहा है कि गेंद और बल्ले के बीच में कोई संपर्क स्थापित नही हुआ था लेकिन रज्जाक और साथी खिलाङियों ने जोरदार अपील की और अंपायर स्टीव बकनर ने आउट का इशारा कर दिया। कुछ ऐसे ही लाइनों से आमतौर पर उस दौर में रेडियो पर विनीत गर्ग साहब या फिर कोई अन्य ही कमेन्ट्री करते हुए सुने जा सकते थे जब स्टीव बकनर सचिन तेंदुलकर को गलत आउट देते थे।
क्रिकेट इतिहास में वेस्टइंडीज के अंपायर स्टीव बकनर भारत के लिए सबसे बङे खतरे के रूप में जाने जाते थे। आमतौर पर स्टीव बकनर के निर्णय सचिन तेंदुलकर और भारतीय टीम के खिलाफ ही आते थे। जो सबसे विवादित दो निर्णय थे उनमें से एक बार साल 2003 में गाबा में आस्ट्रेलियाई गेंदबाज जेसन गिलेस्पी की गेंद पर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर को पगबाधा आउट दे दिया था जबकि गेंद स्टंप के काफी ऊपर से चली जाती। इस निर्णय के बाद तमाम भारतीय क्रिकेट प्रशंसक स्टीव बकनर से खफा हो गये थे।
गाबा में सचिन को गलत आउट देने के लगभग दो साल बाद कोलकाता के ईडेन गार्डेन मैदान पर सचिन तेंदुलकर को एक बार फिर से स्टीव बकनर ने गलत आउट दे दिया था। इस बार अब्दुल रज्जाक गेंदबाजी कर रहे थे और गेंद सचिन तेंदुलकर के बल्ले से बिल्कुल नजदीक से गुजरने के बादा कांटा बदल लिया था जिसकी वजह से जब रज्जाक ने जोरदार अपील की थी तब अंपायर स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर कैच आउट दे दिया था। इसके बाद सचिन तेंदुलकर काफी गुस्से में दिखाई दिए थे।
स्टीव बकनर ने कुल 128 टेस्ट मैचों में अंपायरिंग की थी और 181 वनडे अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भी अंपायरिंग की थी। स्टीव बकनर ने लगभग बीस साल तक अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायर कि भूमिका निभाया था। वे एक बेहतरीन अंपायर थे लेकिन उनके कुछ निर्णय और खासकर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ उनके निर्णय विवादित और गलत निर्णय रहे थे जिसका दुख उन्होंने बाद में प्रकट किया था और बताया था कि कोई भी अंपायर जानबूझकर गलती नही करना चाहता लेकिन इंसान से गलती हो जाती है। साल 1989 से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग शुरू करने वाले स्टीव बकनर ने साल 2009 में आखिरी बार अंपायर की भूमिका निभाई और सन्यास ले लिया।
स्टीव बकनर के कुछ निर्णय भले ही विवादित रहे लेकिन उनका नाम जब भी सुनने को मिलता है तो हमें सचिन तेंदुलकर और रेडियो कमेंट्री का वह शानदार दौर और वह बेफिक्र घूमता बचपन एक बार पुनः याद आ ही जाता है। क्या आपको भी स्टीव बकनर से संबंधित कोई घटना याद है? कमेन्ट करके जरूर बताएं।