13/06/2026
आज बात करते है फ़्लाईट टिकट बुकिंग की
ट्रेवल ट्रेड में आज भी ठगी के मामले में यह सेक्टर नम्बर 1 पर आता है,
लोग पीडीएफ एडिट कर लाखो रुपए ठग लेते है , जबकि असल मे टिकट ही नही बनी होती, इसका सबसे बड़ा उदाहरण केदारनाथ हेलिकॉप्टर टिकट है।
लोगो को चाहिए होती है सस्ती टिकट या यूं कहें कि कम से कम पैसे में जाने का।
एयरलाइंस का खेल है इसका बिल्कुल विपरीत है,
एयरलाइन अपनी पर सीट कमाई देखती है , उनको हर सीट पर ज्यादा से ज्यादा कमाई चाहिए, न कि जहाज को सस्ते में पूरा भरना,
इस लिए जिसको घरेलू उड़ानों के लिए टिकट चाहिए तो आप लगभग महीना से सवा महीना पहले टिकट बुक करें,
ओर विदेश यात्रा करनी है तो लगभग 3 महीने पहले टिकट खरीदने प्लान करे,
यह कोई पत्थर की लकीर नही लेकिन फिर भी 90% सही होता यह फार्मूला।
फ़्लाईट टिकट के इतने तरह के प्रकार है कि एक सामान्य ग्राहक का सिर चकरा जाए तो भी कुछ पले ना पड़े,
मुजे 13 साल हो गए फ़्लाईट टिकट के इस माया जाल को खंगालने में, ओर इस शौक के ही कारण में ट्रेवल के फील्ड में आ गया फिर भी आज तक इस मायाजाल को समझ ही रहा हु,
अब अगर आपको कोई ट्रेवल एजेंट दावा करे कि वो सबसे सस्ती टिकट आपको बना कर दे देगा तो, आप ओर उस एजेंट से बड़ा मूर्ख कोई नही दुनियां में,
जितनी भी बार आप टिकट सर्च करते है उसकी कुकीज आपके फोन ,लेपटाप में कुकीज डाऊनलोड होकर एयरलाइंस को बताती रहती है कि आप कौनसे रूट की टिकट चाहते हो और वो उतनी ही टिकट प्राइज आपको महंगी होती जाती है,
सामान्यतया हर पोर्टल पर कमोबेश आपको टिकट उसी रेट में आती है,
जो फर्क है वो है उस पोर्टल का या जो आपको टिकट बना के दे रहा है उसके सेवा शुल्क का है,
ओर अगर आप कभी कभार जाते है तो पुरी जानकारी के बिना टिकट खुद न बनाये
आप खुद जो ऑनलाइन टिकट बुक कर रहे या ऑनलाइन देखते है उनकी कस्टमर सर्विसेज ज़ीरो है , यह सबसे पहले जान ले,
ओर कोई भी गलती करने पर क्या करना है वो आपको हरगिज नही पता चलेगा कि उसको कैसे सही करे।
यही पर एक अच्छे ट्रेवल एजेंसी का रोल आता है,
वो आपको अलग अलग सेक्टर , तारीख किराए आदि देखकर बुकिंग कर अपनी सेवाएं देता है और किसी भी अकस्मात होने वाली परिस्थितियों में आपके एक फोन कॉल पर सारी चीजें अपडेट करता है।
सस्ती टिकट तभी होती जब किसी ट्रेवेल एजेंसी से आप सीरीज फेयर या किसी फिक्स डिपार्चर में से टिकट ले और यह भी तब काम आती जब आपको एक दो दिन में या एक हफ्ते भर में ट्रेवल करना हो , ध्यान रखे यह हमेशा नॉन रिफंडेबल होगी दूसरा यह हर रोज ओर हर सेक्टर में नही होती
ऐसा नही है कि हमसे गलती नही होती, लाखो बार टिकट बनाने के बाद भी गलती होना स्वाभाविक है , पर हमें उसे सही करना आता है।
समस्या यह नही की आप ठगे गए समस्या यह है कि आप अब तक किसी अच्छी ट्रेवल एजेंसी के सम्पर्क में ही नही है।
अगर आप किसी को नही जानते तो सबसे अच्छा है कि आप उस एयरलाइंस की वेबसाइट से टिकट बनाये
या जँहा से आपके मित्र या जानकार सर्विस ले रहे उंसका रेफरेंस ले।
टिकट का रेट कभी फिक्स नही होता, आपको जिस वक्त किसी ने रेट दिया और उसी वक्त बुकिंग करते करते ही उसका टिकट प्राइज बदल सकता है उसमें ट्रेवेल एजेंसी भी कुछ नही कर सकती।
इस लिए आइंदा ध्यान रखे कि सस्ता जैसा कुछ नही होता है , आप क्या अफोर्ड कर सकते वो ही असली कीमत है।
Lily Holidays & Travel Planner