04/12/2025
जय हो 🙏
#महाराष्ट्र के #अहिल्यानगर के रहने वाले वेदमूर्ति देवव्रत
महेश रेखे ने 200 सालों बाद शुक्ल यजुर्वेद की माध्यंदिनी शाखा का दुर्लभ 'दंडक्रम पारायण' पूरा कर वैदिक जगत में नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। महेश रेखे ने 2 अक्टूबर से 30 नवंबर तक वाराणसी स्थित वल्लभराम शालिग्राम सांगेवेद विद्यालय में दंडक्रम पारायण पूरा किया।
#वाराणसी में आयोजित एक ऐतिहासिक समारोह में 19 वर्षीय वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे को शुक्ल यजुर्वेद (माध्यंदिन शाखा) के अत्यंत कठिन दण्डक्रम पारायण को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर सम्मानित किया गया। इस प्रकार की साधना पिछले तीन सौ वर्षों में केवल कुछ ही बार सम्पन्न हुई है।
जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री भारती तीर्थ महास्वामीजी और जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री विदुशेखर भारती महास्वामीजी के आशीर्वाद से भव्य शोभायात्रा और नागरिक अभिनंदन का आयोजन किया गया। शोभायात्रा के दौरान काशी की सड़कों पर वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि, दक्षिण भारतीय वाद्ययंत्रों की ताल और बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे वातावरण को दिव्य बना दिया।