08/03/2022
चुराह के समर हाउस थल्ली की कहानी
तीसागढ के पूर्वी छोर की तरफ ऐतिहासिक गांव थल्ली स्थित है। किलवाला और गडफरी के जंगलों से घिरा थल्ली गांव उपजाऊ जमीन का मालिक है। सतसर की प्रसिद्ध कहानी हम अपने पूर्वजों से सुनते आ रहे है । वर्ष 1925 में राजा रामसिंह थली गांव आए, उन्होंने वहां भागडू और राधू दो बहनों से प्रेम सम्बन्ध स्थापित किया 1928 _30 में राजा ने उस गांव में अपनी प्रेयसियो के लिए आलिशान पैलेस बनवाया ।प्रेम का प्रभाव इतना था कि, राजा ने 5 साल तक अपनी रियासत की राज्य व्यवस्था भी थल्ली से चलाई।भाई के विरोध करने पर राजा ने केसर सिंह को वजीर के पद से हटा दिया ।
दिसंबर 1935 में राजा अपनी प्रेयसी भागनू के साथ लाहौर गया था,दिल का दौरा पड़ने से उनका देहांत हो गया । यह समर हाउस बिजली, पानी, बागों इत्यादि से सुसज्जित था ।भीतरी सजावट बिलकुल पैलेस की तरह थी ।सन 1970 में भागणू की निर्मम हत्या कर दी गई।सब कीमती सामान चोरी हो चुका था तत्पश्चात् समर हाउस का दुर्भाग्य भी आरंभ हुआ ।आज दयनीय स्थिति में यह ऐतिहासिक इमारत पुनः निर्माण कार्य की आस में है ।अगर इस पर विचार नही किया गया तो यह ऐतिहासिक इमारत खंडर में बदल जायेगी ।