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Kailashdalhousietravels Tourist information regarding Destination of North India

07/03/2026

हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा का एक पारंपरिक वाद्य यंत्र जिसे "बीन बाजा"और मशक बीन के नाम से भी जाना जाता है इसका उपयोग पहाड़ी शादियों में धार्मिक उत्सावों और स्थानीय मेलों में किया जाता है हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी शादियों में मशक बीन बाजा के बिना संगीत अधूरा ही माना जाता है पहाड़ों में भी इस बिन बजे का उपयोग पारंपरिक नाती नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में धूमधाम से किया जाता है इस बिन बजे के साथ अक्सर ढोल तंदूर हुड़का जैसे वाद्य यंत्र बजाए जाते हैं जो एक ताल से ताल मिलाकर एक उत्साह पूर्ण माहौल बनाते हैंI

17/02/2026
The Bhuri Singh Museum, located in the heart of Chamba, Himachal Pradesh, is one of the oldest museums in India, establi...
12/02/2026

The Bhuri Singh Museum, located in the heart of Chamba, Himachal Pradesh, is one of the oldest museums in India, established on September 14, 1908, to preserve the cultural heritage of the Chamba region. Named after Raja Bhuri Singh, who donated his personal collection of royal artifacts and family portraits, the museum houses over 8,500 antiquities spanning art, archaeology, and anthropology.

हर हर महादेव 🙏
12/02/2026

हर हर महादेव 🙏

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जयगढ़ किला (Jaigarh Fort) जयपुर के पास अरावली पहाड़ियों पर स्थित एक ऐतिहासिक किला है, जिसे आमेर किले की सुरक्षा के लिए ब...
12/02/2026

जयगढ़ किला (Jaigarh Fort) जयपुर के पास अरावली पहाड़ियों पर स्थित एक ऐतिहासिक किला है, जिसे आमेर किले की सुरक्षा के लिए बनाया गया था; यह अपनी विशाल दीवारों, तोपखाने के कारखाने (जयवाण तोप के लिए प्रसिद्ध), और आसपास के मनोरम दृश्यों के लिए जाना जाता है, जिसे महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने 1726 में बनवाया था और इसे 'अजय दुर्ग' भी कहा जाता है।

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ग्रामीण पर्यटन शहरी भीड़भाड़ से दूर ग्रामीण इलाकों, प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव करने वाली यात्रा है। ...
11/02/2026

ग्रामीण पर्यटन शहरी भीड़भाड़ से दूर ग्रामीण इलाकों, प्रकृति, संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली का अनुभव करने वाली यात्रा है। यह कृषि, होमस्टे, हस्तशिल्प और पारंपरिक गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा मिलता है।
ग्रामीण पर्यटन की मुख्य विशेषताएँ:
सांस्कृतिक अनुभव: ग्रामीण जीवन, लोक कला, संगीत, नृत्य, पारंपरिक भोजन और संस्कृति का प्रत्यक्ष अनुभव।
प्रकृति के करीब: प्राकृतिक परिवेश, कृषि फॉर्म, वन क्षेत्र और शांत वातावरण में समय बिताना।
होमस्टे: स्थानीय निवासियों के साथ रहकर उनके रहन-सहन को समझना।
शिल्पकला और गतिविधि: मिट्टी के बर्तन बनाना, बुनाई, खेत में काम करना और मछली पकड़ना जैसी गतिविधियों में भागीदारी।
टिकाऊ पर्यटन: यह पर्यावरण के अनुकूल और नैतिक पर्यटन को बढ़ावा देता है।
ग्रामीण पर्यटन के लाभ:
आर्थिक विकास: गांवों में रोजगार पैदा करता है और स्थानीय कारीगरों व किसानों की आय बढ़ाता है।
शहरी-ग्रामीण संपर्क: शहरी पर्यटकों को ग्रामीण विरासत और परंपराओं से परिचित कराता है।
स्थानीय कला का संरक्षण: ग्रामीण कला, शिल्प और पारंपरिक तरीकों को पुनर्जीवित करता है।
प्रवासी दर में कमी: स्थानीय रोजगार मिलने से युवाओं का पलायन कम होता है।
भारत में ग्रामीण पर्यटन:
भारत में इसे बढ़ावा देने के लिए 'स्वदेश दर्शन' योजना और 'अतुल्य भारत' (Incredible India) के माध्यम से 'इंक्रेडिबल इंडिया बेड एंड ब्रेकफास्ट' (होमस्टे) जैसी पहलें चल रही हैं, {Link: PIB और Incredible India के अनुसार। राजस्थान में ऊन सफारी, पंजाब में एग्री टूरिज्म, केरल में स्पाइस फॉर्म्स और उत्तर प्रदेश के 234 ग्रामीण गांव इस क्षेत्र के प्रमुख उदाहरण हैं, YouTube और YouTube के अनुसार।
यह वीडियो ग्रामीण पर्यटन के महत्व और इसके फायदों के बारे में जानकारी देता है:

North India First Hydro power project in Chamba H.Pचंबा के राजा भूरी सिंह ने 1908 में बालू (Chamba) नामक स्थान पर 450 कि...
11/02/2026

North India First Hydro power project in Chamba H.P
चंबा के राजा भूरी सिंह ने 1908 में बालू (Chamba) नामक स्थान पर 450 किलोवाट का पहला हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट स्थापित किया था। यह न केवल भारत का पहला, बल्कि एशिया का दूसरा जलविद्युत स्टेशन था। यह परियोजना अंबाला से टरबाइन लाकर, बिना सड़कों के कठिन रास्तों से चंबा तक पहुँचाकर पूरी की गई थी, जिसने उस समय चंबा को रोशन किया।
प्रमुख बिंदु:
स्थान: बालू (चंबा शहर के समीप)।
स्थापना वर्ष: 1908।
क्षमता: 450 किलोवाट।
उद्देश्य: चंबा शहर को रोशन करना।
महत्व: यह उत्तर भारत का पहला और एशिया के शुरुआती जलविद्युत परियोजनाओं में से एक था, जो उस समय के महानगरीय क्षेत्रों से पहले चंबा में बिजली लाया।
राजा भूरी सिंह के इस दूरदर्शी प्रोजेक्ट ने चंबा को उस समय आत्मनिर्भर बना दिया था। इस परियोजना के लिए भारी मशीनें उस समय की विषम परिस्थितियों (बिना सड़कों के) में भी चंबा लाई गईं।

Tourism students visit at Historical Monument Nurpur fort and Baglamukhi Temple Kotla and HPTDC .
14/01/2020

Tourism students visit at Historical Monument Nurpur fort and Baglamukhi Temple Kotla and
HPTDC .

09/12/2019

जाब 'जाब', चंबा का अरबी नाम है। इसके जाफ, हाब, आब और गाँव नाम भी हैं। इसकी प्राचीन राजधानी ब्रह्मपुर (वयराटपट्टन) थी। हुएनत्सांग ने इसका वर्णन करते हुए लिखा है कि यह अलखनंदा और करनाली नदियों के बीच बसा है। कुछ काल बाद इस प्रदेश की राजधानी चंबा हो गई। १५ अप्रैल १९४८ में इसका विलयन भारत सरकार द्वारा शासित हिमाचल प्रदेश में हो गया।

अरब लेखकों ने सामान्यत: चंबा के सूर्यवंशी राजपूत शासकों को 'जाब' की उपाधि के साथ लिखा है। हब्न रुस्ता का मत है कि यह शासन सालुकि वंश के थे परंतु राजवंश की उत्पत्ति के संबंध में विद्वानों में मतभेद है। ८४६ ई. में सर्वप्रथम हब्न खुर्रदद्बी ने 'जाब' का प्रयोग किया, पर ऐसा लगता है कि इस शब्द की उत्पत्ति अरब साहित्य में इससे पूर्व हो चुकी थी। इस प्रकार यह प्रामाणिक माना जाता है कि चंबा नगर ९ वीं शताब्दी के प्रथम दशक में विद्यमान था। इब्न रुस्ता ने लिखा है कि चंबा के शासक प्राय: गुर्जरों और प्रतिहारों से शत्रुता रखते थे।
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिला के पांगी वैली
का एक सुंदर सांस्कृतिक नृत्य
आपने culture के लिए जाना जाता है!

Address

Dalhousie Distt. Chamba
Chamba
176313

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