27/05/2026
क्या ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था सिर्फ हरियाणा के पर्यटकों पर टिकी है?
इसका सीधा जवाब है - नहीं।
हाल ही में हुई घटनाओं के बाद, हरियाणा के कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स (जैसे हर्ष छिकारा) ने यह दावा किया था कि हरिद्वार और ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से हरियाणा के लोगों द्वारा चलती है
। हालाँकि, आँकड़े और स्रोत कुछ और ही बताते हैं:
विविध पर्यटक आधार: ऋषिकेश को "विश्व की योग राजधानी" और भारत का सबसे बेहतरीन एडवेंचर पर्यटन स्थल माना जाता है
। यहाँ न केवल हरियाणा से, बल्कि पूरे भारत और विदेशों से पर्यटक, तीर्थयात्री, योग प्रेमी, और 'डिजिटल नोमैड्स' (digital nomads) आते हैं।
राज्यों की हिस्सेदारी (Demographics): पर्यटन के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में छुट्टियों (Holiday) पर आने वाले पर्यटकों में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश (31.6%) और दिल्ली (21.6%) का है। इसके बाद हरियाणा (12.2%) और पश्चिम बंगाल (8.9%) का स्थान आता है। धार्मिक यात्राओं के मामले में भी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की बड़ी हिस्सेदारी है।
अर्थव्यवस्था में योगदान: यह सच है कि ऋषिकेश की कुल आय का लगभग 30-40% हिस्सा पर्यटन से आता है, जो होटल, ट्रांसपोर्ट और राफ्टिंग जैसे व्यवसायों को चलाता है। लेकिन यह राजस्व पूरे देश और दुनिया के पर्यटकों से मिलकर बनता है, न कि सिर्फ एक राज्य से। साल 2024 के आंकड़ों के अनुसार, ऋषिकेश में 9,64,036 भारतीय और 4,857 विदेशी पर्यटक आए थे।
अगर सच में हरियाणा के पर्यटक आना बंद कर दें तो ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था का क्या होगा? अगर हरियाणा से पर्यटकों का आना पूरी तरह से बंद हो जाता है, तो इसके निम्नलिखित प्रभाव होंगे:
आर्थिक नुकसान: हरियाणा निश्चित रूप से पर्यटकों का एक महत्वपूर्ण स्रोत (source state) है। अगर वहाँ से पर्यटक नहीं आते हैं, तो स्थानीय व्यवसायों जैसे - टैक्सी ड्राइवर, होटल, कैंप, राफ्टिंग कराने वाले और छोटे दुकानदारों की आय (revenue) में कमी आएगी।
पूरी तरह से पतन नहीं होगा: इन्फ्लुएंसर द्वारा किया गया यह दावा कि "उत्तराखंड के लोग एक साल के भीतर भूखे मर जाएंगे", तथ्यों पर आधारित नहीं है। ऋषिकेश का पर्यटन मौसमी (seasonal) न होकर पूरे साल चलता है और इसके ग्राहक बहुत विविध हैं। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और विदेशी पर्यटकों की निरंतर आमद ऋषिकेश की अर्थव्यवस्था को सम्हाले रखने के लिए पर्याप्त है।
संक्षेप में, हरियाणा के पर्यटकों के न आने से ऋषिकेश को आर्थिक तौर पर एक झटका जरूर लगेगा, लेकिन चूंकि ऋषिकेश का पर्यटन मॉडल विश्वस्तरीय और कई राज्यों/देशों पर आधारित है, इसलिए इसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठप्प नहीं होगी।