24/08/2025
जानें OTT क्या है? | OTT Platform का मतलब--
शब्द काफी चर्चा में बना रहता है. लोग इंटरनेट पर ओटीटी के बारे में जानने के लिए सर्च करते हैं और OTT क्या है, OTT की full form क्या है जैसे सवालों के जवाब ढूंढते हैं. यदि आप भी उनमें से एक हैं तो आप बिल्कुल सही मंच पर पहुंचे हैं. क्योंकि आज के इस लेख में आपके साथ OTT से जुड़ी सारी जानकारीयां शेयर की जाएंगी.&&
▶️OTT क्या है--ओटीटी यानी ओवर दी टॉप (Over the Top) मीडिया सेवाएं वे मीडिया सेवाएं हैं जो इंटरनेट के जरिए सीधे दर्शकों को प्रदान की जाती हैं. ज्यादातर OTT शब्द का इस्तेमाल विडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं के लिए किया जाता है, जहां वीडियो को इंटरनेट के जरिए सीधे मोबाइल, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप या कंप्यूटर पर ऑनलाइन स्ट्रीम किया जाता है.
▶️OTT सर्विस के प्रकार
ओटीटी सेवाएं नीचे दिए गए तीन प्रकार की होती हैं:
@ Video Content: जैसे नाम से पता चलता है, इस सेवा के जरिए शिक्षा, लाइफस्टाइल, मनोरंजन इत्यादि से जुड़े वीडियो को यूजर्स तक वितरित किया जाता है.
@ Voice Services: FaceTime, WeChat, Zoom या अन्य VoIP सेवाएं जो इंटरनेट के माध्यम से वितरित की जाती हैं.
@ Messaging: थर्ड पार्टीज द्वारा प्रदान की जाने वाली इंस्टेंट मैसेजिंग और ऑनलाइन चैट सेवाएं जैसे Whatsapp, @, Telegram इत्यादि.
OTT Platform क्या होता है?
जिन विडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म्स पर OTT सेवा का इस्तेमाल करते हुए वीडियो सामग्री को दर्शकों तक भेजा जाता है, उन्हें OTT platforms कहा जाता है. उदाहरण के लिए Youtube, Netflix, Disney+ Hotstar, Amazon Prime, Sony Liv इत्यादि सब ओटीटी प्लेटफार्म हैं जो बिना किसी केबल कनेक्शन के केवल इंटरनेट के जरिए यूजर्स तक वीडियो कंटेंट पहुंचाते हैं. इन प्लेटफॉर्म्स को इनकी apps या website के जरिए एक्सेस किया जा सकता है.
@ प्लेटफॉर्म्स उन सभी पारम्परिक प्लेटफॉर्म्स से अलग हैं जो इससे पहले किसी मीडिया कंटेंट का नियंत्रण और वितरण करते थे, जैसे कि केबल, ब्रॉडकास्ट और सॅटॅलाइट टेलीविज़न प्लेटफॉर्म्स. साधारण शब्दों में कहें तो Netflix या Youtube देखने के लिए हम इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को भुगतान करते हैं बजाय किसी केबल ऑपरेटर के.
▶️OTT Content: जो भी कंटेंट OTT platform से प्राप्त होता है उसे ओटीटी कंटेंट कहा जाता है. ओटीटी कंटेंट को कई devices पर देखा जा सकता है जैसे मोबाइल, टीवी, कंप्यूटर, स्मार्टटीवी इत्यादि.
@ Device: मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर के अलावा वो डिवाइस जिसका इस्तेमाल OTT कंटेंट देखने के लिए किया जा सकता है ओटीटी डिवाइस कहलाता है जैसे स्मार्टटीवी, एप्पल टीवी, xBox, प्ले स्टेशन, क्रोमकास्ट, अमेज़न फायर स्टिक्स और कोई अन्य डिवाइस.
@ सर्विस कैसे काम करती है?
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्ले किए जाने वाले वीडियो कंटेंट को एक server पर स्टोर किया जाता है. Pre-recorded कंटेंट को CDNs (Content Delivery Networks) पर स्टोर किया जाता है ताकि इंटरनेट पर इसे अच्छी तरह से वितरित किया जा सके.
▶️जब कोई यूजर किसी app या वेबसाइट के जरिए वीडियो प्ले करता है तो सबसे पहले लोकल CDN पर वीडियो कंटेंट के manifest file के लिए रिक्वेस्ट भेजी
जाती है. इसके साथ ही DRM (Digital Rights Management) सर्वर, जहां वीडियो को स्टोर किया गया है, पर रिक्वेस्ट भेजी जाती है. अब वीडियो को media key के जरिए decrypt किया जाता है और यूजर के सामने पेश किया जाता है.
▶️▶️OTT Platform की शुरुआत कब हुई?
सबसे पहला भारतीय OTT platform BIGFlix था, जिसे Reliance Entertainment द्वारा वर्ष 2008 में लॉन्च किया गया था. इसके बाद वर्ष 2010 में Digivive ने भारत का पहला ओटीटी मोबाइल ऐप nexGTv लॉन्च किया. इस ऐप के जरिए live tv और on-demand कंटेंट को देखा जा सकता था. nexGTv पहला मोबाइल ऐप था जिसने वर्ष 2013-14 के दौरान पहली बार स्मार्टफोन पर indian premier league को लाइव स्ट्रीम किया.
वर्ष 2015 में IPL की लाइव स्ट्रीम ने एक और भारतीय OTT प्लेटफार्म Hotstar (जिसे अब Hotstar+Disney के नाम से जाना जाता है) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ओटीटी ने भारत में एक महत्वपूर्ण रफ्तार तब पकड़ी जब 2013 में भारतीय बाजार में Ditto Tv और Sony Liv को लॉन्च किया गया. Ditto एक aggregator platform था जिसमें Sony, Star, Zee इत्यादि जैसे सभी मीडिया चैनल्स के शो शामिल थे.