Gauri Chandra Group

स्वतंत्रता दिवस पर पुराना वीडियो शेयर कर फंसी सुप्रिया श्रीनेत, नेहा सिंह राठौर! FIR दर्ज स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व मंत्र...
18/08/2026

स्वतंत्रता दिवस पर पुराना वीडियो शेयर कर फंसी सुप्रिया श्रीनेत, नेहा सिंह राठौर! FIR दर्ज

स्वतंत्रता दिवस पर पूर्व मंत्री का पुराना वीडियो शेयर करने के आरोप में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, लोक गायिका नेहा सिंह राठौर और अन्य सोशल मीडिया पेज के खिलाफ FIR हुई है.

पूरी खबर : https://intdy.in/lrsfcc

सब इंस्पेक्टर विनय पटेल को मार डालना चाहती थी  जेहादी भीड़,अबरार, इमरान, सालून, सुबील, शराफ़त, अतीक आसिफ, वारिस, नसीम, रान...
18/08/2026

सब इंस्पेक्टर विनय पटेल को मार डालना चाहती थी जेहादी भीड़,
अबरार, इमरान, सालून, सुबील, शराफ़त, अतीक आसिफ, वारिस, नसीम, रानू मियां, जीशान और नफीस भी शामिल थे हमलावरों में,
हिजाबी खुशबुन खातून और आफरीन ललकार रहीं थीं कि एक भी वर्दी वाला ज़िंदा बच कर जाने न पाए,
जंजीरों से गला घोंटा, लोहे की रॉड का वार होता रहा लगातार सिर पर,
महिला कांस्टेबल श्रेया यादव और मोहिनी की जैसे तैसे बच पाई जान,
लखनऊ के लैंड जिहाद पर एक्शन से भड़क गए थे उन्मादी,
मेरा उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध है पुलिस पर हमला करने वाले इन जेहादियों पर कठोर कार्यवाही होनी चाहि घरों पर बुलडोजर चलना चाहिए
UP Police


स्वामी यशवीर महाराज

18/08/2026

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व वित्त एवं गृह मंत्री पी चिदंबरम के बयान पर राजनीति गरमाई हुई है। पी चिदंबरम ने पीएम नरेंद्र मोदी के लाल किले से भाषण के बाद एक्स पर आठ शब्द लिखे थे। उन्होंने लिखा था कि मुझे दिमागी नक्सल (Dimagi Naxal) होने पर गर्व है। दरअसल पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा था कि देश में हथियारबंद नक्सलवाद तो खत्म हो रहा है, लेकिन व्यवस्था और सत्ता के गलियारों में बैठे 'दिमागी नक्सलियों' से सावधान रहने और उन्हें अलग-थलग करने की जरूरत है। पी चिदंबरम पर यूं तो कई बीजेपी नेताओं ने पलटवार किया है लेकिन गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी का जवाब भी सुर्खियों में है।

पी चिदंबरम से आधी उम्र के हर्ष संघवी ने बयान पर रिएक्शन देते हुए लिखा था कि मैं कांग्रेस नेता के बयान से बिल्कुल हैरान और अचंभित नहीं हूं। हर्ष संघवी ने इसके बाद पी चिदंबरम को आंकड़ों के जरिए घेरा था। अब हमें पता है कि पी. चिदंबरम के गृह मंत्री रहते हुए और UPA सरकार के दौरान नक्सलवाद क्यों फला-फूला। अब हमें पता है कि 2004-14 के बीच नक्सलवाद से लड़ते हुए लगभग 1913 पुलिसकर्मी और CRPF जवान क्यों मारे गए। संघवी ने आगे लिख था कि अब हमें पता है कि यूपीए शासन के दौरान नक्सली हमलों में 5,019 से ज़्यादा भारतीयों की जान क्यों गई।

मेरा भारत महान
18/08/2026

मेरा भारत महान

ये आजादी पसंद नहीं है तो किम जोंग वाली आजादी चाहिए क्या..?
18/08/2026

ये आजादी पसंद नहीं है तो किम जोंग वाली आजादी चाहिए क्या..?

14/08/2026

1
सनसनीखेज खुलासा यह बता रहा है कि...
कांग्रेस। विदेशी वित्तपोषण। मीडिया। कथा। इस कहानी का मुख्य पात्र भारत में मीडिया की कथा को प्रभावित करता है, जो अमेरिकी और जमात के तत्वों द्वारा नियंत्रित है। इसके केंद्र में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की पत्नी नीलिमा कोटा हैं।
क्या आपको पता है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा उस कंपनी का हिस्सा हैं जो यह तय करती है कि किन भारतीय पत्रकारों को अमेरिका से वित्तीय सहायता मिलेगी? इस सवाल का जवाब कांग्रेस के विदेशी वित्त पोषित प्रचार तंत्र का पूरा पर्दाफाश कर देगा।
कोटा नीलिमा कांग्रेस की कार्यकारी समिति में हैं, तेलंगाना कांग्रेस की पूर्व उपाध्यक्ष हैं, और साथ ही साथ दिल्ली स्थित कंपनी PROTO का हिस्सा भी हैं, जो विदेशी फंडिंग प्राप्त करने वाले भारतीय पत्रकारों के चयन को नियंत्रित करती है। हितों का टकराव तो आने वाले परिणामों के सामने कुछ भी नहीं है...
फोटो
PROTO की स्थापना 2018 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स (ICFJ) के सदस्यों द्वारा की गई थी, जो एक अमेरिकी (गुप्त सरकारी संगठन) है और दुनिया भर के पत्रकारों को विदेशी धन मुहैया कराता है। कुछ ही महीनों में, PROTO दक्षिण एशिया के लिए ICFJ का प्रमुख भागीदार बन गया।
आंकड़े इस ऑपरेशन का पर्दाफाश करते हैं। ICFJ ने 2023 में 17.2 मिलियन डॉलर के खर्च के मुकाबले 11 मिलियन डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो चौंका देने वाला 6.2 मिलियन डॉलर का घाटा है। यह संगठन पूरी तरह से बाहरी फंडिंग पर निर्भर है, जिसका इस्तेमाल वह लक्षित देशों में अपने कार्यकर्ताओं को पैसा पहुंचाने के लिए करता है।
और ICFJ को कौन फंड करता है? सब कुछ जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा! गोल्डमैन सैक्स, ब्लूमबर्ग, WSJ, पॉलिटिको, और सबसे महत्वपूर्ण बात - यूएसएआईडी और जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फाउंडेशन, जो OCCRP के साथ मिलकर काम करेंगे।
आईसीएफजे ब्रुसेल्स स्थित समन्वय केंद्र ग्लोबल फोरम फॉर मीडिया डेवलपमेंट (जीएफएमडी) के साथ मिलकर काम करता है, जो 70 देशों के 200 पत्रकारिता संगठनों को एक साथ लाता है। जीएफएमडी यह सुनिश्चित करता है कि ये सभी प्रयास पश्चिमी नियंत्रण का विरोध करने वाली सरकारों के खिलाफ एकीकृत उद्देश्यों को आगे बढ़ाएं।

जीएफएमडी को उन्हीं स्रोतों से धन प्राप्त होता है: नाइट फाउंडेशन, ल्यूमिनेट और एनईडी, जो अमेरिकी सरकार की वह संस्था है जिसे रूस, चीन और कई देशों ने सत्ता परिवर्तन अभियानों और रंगीन क्रांतियों का समर्थन करने के लिए निष्कासित कर दिया था।
अब कांग्रेस कनेक्शन को समझिए - कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा से विवाहित कोटा नीलिमा ने 2017 से एक पूरा मीडिया इकोसिस्टम खड़ा किया है: इंस्टीट्यूट ऑफ परसेप्शन स्टडीज, रेट द डिबेट, हक्कू इनिशिएटिव और स्टूडियोअड्डा।

इन प्लेटफॉर्मों ने 2020-2025 के बीच 25-30 भाजपा विरोधी पत्रकारों को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह दी, जैसे कि आशुतोष (पूर्व-आप), परंजय गुहा ठाकुरता (जिन्होंने अडानी को निशाना बनाते हुए विदेशी वित्त पोषित रिपोर्टें लिखीं)। संभावना है कि ये पत्रकार विदेशी वित्त पोषण के लिए पत्रकारों की पूर्व-जांच प्रक्रिया को प्रभावित करेंगे।
अब आता है अधिक समस्याजनक हिस्सा - प्रोटो के संस्थापक नस्र उल हादी दक्षिण एशिया के लिए अपने पत्रकारों के चयन को नियंत्रित करते हैं, जबकि उनके भाई सैफ उल हादी जमात-ए-इस्लामी हिंद के साथ उनके विजन 2040 पहल पर काम करते हैं और हिंसक सीएए विरोध प्रदर्शनों में भी भाग लिया था।
सैफ उल हादी जमात-ए-इस्लामी से संबद्ध भारतीय इस्लामी अध्ययन संस्थान में पढ़ाते हैं। उन्होंने विजन 2040 में इनोवेशन लैब की अवधारणा तैयार की और उसका संचालन करते हैं। और यह विदेशी वित्त पोषित मीडिया गतिविधियों को भारत में इस्लामी राजनीतिक संगठन से सीधे जोड़ता है।
कार्यों का विभाजन जानबूझकर किया गया है- नस्र चुनिंदा पत्रकारों को विदेशी धन मुहैया कराता है। सैफ जमीनी स्तर पर इस्लामी सक्रियता का आयोजन करता है। कोटा नीलिमा कांग्रेस पार्टी को इन पत्रकारों की पूर्व-जांच और प्रशिक्षण के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराती है।
जुलाई 2020 और दिसंबर 2024 के बीच, ICFJ ने भारत में विशिष्ट कहानियों को प्रकाशित करवाया। हर एक कहानी अल्पसंख्यक उत्पीड़न, घृणास्पद भाषण, मनमानी न्याय प्रणाली, CAA भेदभाव और मोदी सरकार के तहत मुस्लिम धार्मिक स्थलों को हटाने जैसे मुद्दों पर केंद्रित थी।
Pawan Khera Indian National Congress Rahul Gandhi Priyanka Gandhi Vadra Bharatiya Janata Party (BJP)

देश की सदन की जगह सोशियल मीडिया के जरिये जवाब मांगने वालों को ऐसे ही जवाब दिया जाता हैक्या भाषा सही है मुद्दा कुछ भी पर ...
14/08/2026

देश की सदन की जगह सोशियल मीडिया के जरिये जवाब मांगने वालों को ऐसे ही जवाब दिया जाता है
क्या भाषा सही है मुद्दा कुछ भी पर कम से कम भाषा शैली मर्यादा में होना ही चाहिए

हमारा समर्थन के लिए कृपया साझा करें अपने सुझाव
14/08/2026

हमारा समर्थन के लिए कृपया साझा करें अपने सुझाव

Address

Delhi
110001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Gauri Chandra Group posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Gauri Chandra Group:

Shortcuts

Share