Chakor Travels

Chakor Travels Life is either a daring adventure or nothing at all!!!!

Full affordable holiday packages  for groups and office outings( Only for Uttrakhand and Himachal). Feel free for any qu...
22/07/2023

Full affordable holiday packages for groups and office outings( Only for Uttrakhand and Himachal). Feel free for any query contact 9599044190

18/11/2022

For full affordable Holiday package bookings please connect for Uttrakhand and HImachal Pradesh..9599044190

Incredible Garhwal
18/06/2020

Incredible Garhwal

12/02/2020
03/06/2019

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा की जानकारी :

Kuldeep KD Bagwari

7 मई, अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट खुलने और 9 एवं 10 मई को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है । गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शनों के लिए इन तीर्थ स्थलों पर आप कैसे पहुंच सकते हैं और यात्रा के दौरान आपको कौन-कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए, उसके बारे में इन स्थानों की स्वयं की गयी यात्रा के अनुभव के आधार पर जानकारी देने का प्रयास कर रहा हूँ ।

पहला पड़ाव यमुनोत्री :
चार धाम यात्रा यमुनोत्री से ही शुरू होती है इसीलिए इसे चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव कहा जाता है। यहाँ देवी यमुना का पहाड़ी शैली में मनमोहक मंदिर बना हुआ है और मंदिर के पास ही गर्म पानी का चश्मा भी है जो तीर्थ यात्रियों के आकर्षण का केंद्र है। यमुनोत्री पहुंचने के लिए सबसे सुलभ मार्ग देहरादून से होकर है । देहरादून तक आप हवाई यात्रा या रेल यात्रा से पहुंच सकते हैं। यहां से आगे जानकी चट्टी तक सड़क मार्ग और आखिरी 5-6 किलोमीटर पैदल चलकर यमुनोत्री पहुंच सकते हैं।

देहरादून से जानकी चट्टी के लिए कोई सीधी बस सेवा नहीं है । इसके लिए आपको पहले बड़कोट जाना पड़ेगा । देहरादून में दो बस स्टैंड हैं- पहला ISBT जहाँ से अन्य राज्यों की बसें आती जाती हैं , दूसरा हिल बस स्टैंड जहाँ से उत्तराखंड में हिल एरिया में जाने वाली बसें मिलती है । हिल बस स्टैंड शहर के बिलकुल मध्य ,रेलवे स्टेशन के पास बना हुआ है और ISBT से 5-6 किलोमीटर दूर है। देहरादून से बड़कोट के लिए दिन में सिर्फ दो बसें चलती हैं एक सुबह साढ़े 5 बजे और दूसरी दिन में बारह बजे । इसकी आप ऑनलाइन बुकिंग भी करवा सकते हैं बड़कोट से आगे जानकी चट्टी के लिये (45 किलोमीटर ) बसें और शेयर्ड टैक्सी उपलब्ध रहती हैं ।

जानकी चट्टी में रुकने के लिये हर बज़ट के होटल उपलब्ध हैं लेकिन ऊपर यमुनोत्री (3290 मीटर ) में रुकने के लिए धर्मशाला या दुकानों में रुकने की सिमित व्यवस्था ही है ।
मंदिर सुबह 6 से शाम 8:30 तक खुला रहता है ।

दूसरा पड़ाव गंगोत्री:

चारधाम यात्रा का दूसरा पड़ाव गंगोत्री है। यमुनोत्री के दर्शन कर तीर्थ यात्री गंगोत्री में गंगा माता की पूजा के लिए पहुंचते हैं। । जानकी चट्टी से गंगोत्री की सड़क मार्ग से दूरी 220 किलोमीटर है इसके लिए आपको वापिस बड़कोट आना पड़ेगा और फिर धरासू होते हुए उत्तरकाशी पहुंचना है । उत्तरकाशी से गंगोत्री की सड़क मार्ग से दूरी 100 किलोमीटर है । यदि आप सीधा ऋषिकेश से आते हैं तो गंगोत्री की दूरी 265 किलोमीटर है । गंगोत्री के लिए कोई चढ़ाई नहीं करनी पड़ती और आप अपने वाहन से सीधे गंगोत्री पहुँच सकते हैं ।

उत्तरकाशी से गंगोत्री के लिए दिन में सिर्फ दो बसें चलती हैं एक सुबह 6 बजे और दूसरी दिन में बारह बजे । दूसरी 12 बजे वाली बस, सिर्फ यात्रा सीजन में चलती है नियमित नहीं । सुबह की बस रोज जाती है । यही बस दोपहर 2 बजे गंगोत्री से वापिस उत्तरकाशी आ जाती है। बसों के अलावा शेयर्ड टैक्सी भी उपलब्ध रहती हैं।

मंदिर सुबह 6:15 से शाम 9:30 तक खुला रहता है । दोपहर 2 से 3 बजे तक बंद रहता है ।

तीसरा पड़ाव केदारनाथ:

चारधाम यात्रा का तीसरा पड़ाव केदारनाथ धाम है जो उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में आता है। हिमालय पर्वत की गोद में बना केदारनाथ मन्दिर बारह ज्योतिर्लिंग में सम्मिलित होने के साथ चार धाम और पंच केदार में से भी एक है। पत्‍थरों से बने कत्यूरी शैली से बने इस मन्दिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण पांडवों या उनके वंशज जन्मेजय द्वारा करवाया गया था। साथ ही यह भी प्रचलित है कि मंदिर का जीर्णोद्धार जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने करवाया था।

केदारनाथ पहुँचने के लिए आप ऋषिकेश से सोनप्रयाग तक अपनी गाड़ी से , बस या टैक्सी से आ सकते हैं। ऋषिकेश से सोनप्रयाग की दूरी 260 किलोमीटर है । सोनप्रयाग से आगे गौरीकुण्ड की दूरी 6 किलोमीटर है और यहां तक आप स्थानीय शेयर्ड टैक्सी से जा सकते हैं । सोनप्रयाग से आगे कोई भी प्राइवेट वाहन ले जाना मना है । गौरीकुण्ड से 16 किलोमीटर की चढ़ाई करके ही आप केदारनाथ पहुंच सकते हैं। यहाँ घोड़ा /खच्चर ,पालकी आदि यात्रियों की सुविधा के लिए उपलब्ध रहते हैं । पिछले साल गौरीकुण्ड से केदारनाथ तक जाने के लिए घोड़ा /खच्चर का रेट 1600 रूपये था ।रुकने के लिए गुप्तकाशी ,फाटा ,सीतापुर ,सोनप्रयाग ,गौरीकुंड ,लिन्चौली और केदारनाथ में सुविधा उपलब्ध है।

केदारनाथ जी का मन्दिर आम दर्शनार्थियों के लिए प्रात: 6:00 बजे खुलता है। दोपहर तीन बजे विशेष पूजा ,सफ़ाई और उसके बाद विश्राम के लिए मन्दिर बन्द कर दिया जाता है।पुन: शाम 5 बजे जनता के दर्शन हेतु मन्दिर खोला जाता है।पाँच मुख वाली भगवान शिव की प्रतिमा का विधिवत श्रृंगार करके 7:30 बजे से 8:30 बजे तक नियमित आरती होती है।रात्रि 8:30 बजे केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग का मन्दिर बन्द कर दिया जाता है।

चौथा पड़ाव बद्रीनाथ:
बद्रीनाथ धाम (3133 मीटर ) तक बसें - गाड़ियां जाती हैं, इसलिए यहां मौसम अनुकूल होने पर पैदल नहीं जाना पड़ता। बद्रीनाथ को बैकुण्ठ धाम भी कहा जाता है। यहां पहुंचने के लिए ऋषिकेश से देवप्रयाग, श्रीनगर, रूद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली और गोविन्दघाट होते हुए पहुंचा जा सकता है। ऋषिकेश से बद्रीनाथ की दूरी लगभग 300 किलोमीटर है. । रुकने के लिए बहुत से होटल और धर्मशाला में सुविधा उपलब्ध है।
मंदिर सुबह 6:00 से शाम 9:30 तक खुला रहता है । दोपहर 1 से 4 बजे तक बंद रहता है ।

अन्य खूबसूरत मंदिर :

केदारनाथ और बद्रीनाथ के बीच कई और मंदिर भी हैं जिनके दर्शन तीर्थ यात्री कर सकते हैं। इनमें भविष्यबद्री मंदिर, नृसिंह मंदिर, बासुदेव मंदिर, जोशीमठ जैसे मंदिर बद्रीनाथ यात्रा मार्ग के आसपास हैं जबकि केदारनाथ मार्ग पर विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, मदमहेश्वर मंदिर, महाकाली मंदिर कालीमठ, नारायण मंदिर, तुंगनाथ मंदिर शामिल है। इसके अलावा 5 प्रयागों में से रूद्रप्रयाग, देवप्रयाग केदार मार्ग पर और कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग और विष्णुप्रयाग बद्रीनाथ मार्ग पर पड़ते हैं। चारधाम की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु और तीर्थ यात्री इन मंदिरों में भी जाते हैं।

कब जाएं?
वैसे तो चारधाम यात्रा हर साल अप्रैल या मई के महीने में शुरू होती है और अक्टूबर-नवंबर में खत्म हो जाती है। लेकिन मई जून का महीना इस यात्रा का पीक सीजन होता है क्योंकि जूलाई से अगस्त के बीच इस इलाके में भारी बारिश होती है, जिसकी वजह से तीर्थ यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सितंबर-अक्टूबर चारधाम यात्रा पर जाने का सबसे बेस्ट समय है क्योंकि बारिश के बाद पूरी घाटी धुली हुई और फ्रेश हो जाती है। चारों तरफ हरियाली नजर आने लगती है और यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही बनती है।

यात्रा के दौरान इन चीजों का रखें ध्यान:
अपनी जरूरी दवाइयां और इसके अलावा छोटी-मोटी सामान्य परेशानियों जैसे- पेट दर्द, उल्टी, सिरदर्द, बुखार की दवा के अलावा क्रीम और पेनरिलीफ स्प्रे भी साथ रखना चाहिए।
यात्रा के दौरान गर्म -ऊनी कपड़े और एक अच्छा टॉर्च भी साथ जरूर रखें। हो सके तो चारधाम की यात्रा अकेले करने की बजाए दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ करें क्योंकि रूट चैलेंजिंग होने की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

अन्य किसी सहायता/जानकारी के लिए Trips Of India के व्हाट्स नंबर 8954137402 पर संपर्क करें।।

29/05/2019
29/03/2019

Visit Uttarakhand!

29/03/2019

Address

Delhi
110030

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Chakor Travels posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Chakor Travels:

Share