23/10/2015
सऊदी अरब में गैर मुलकियों की सबसे बड़ी मुश्किल हल हो गयी, पासपोर्ट रखने कॉन्ट्रैक्ट की कॉपी न देने पर कफ़ील को जुर्माने का फैसला.
जेद्दा ( मॉनिटरिंग डेस्क ) सऊदी हुकूमत ने गैर मुलकियों की सबसे बड़ी मुश्किल हल कर दी है और अब सऊदी में काम करने वालो का पासपोर्ट अपने पास रखने वाले कफ़ील को 2 हज़ार रियाल जुर्माना किया जाएगा और दोबारा ऐसा करने पर जुर्माना डबल हो जाएगा तन्खुवाओ की अदायगी में देर या फिर जियादा काम करने पर मजबूर करने वाले कफ़ील भी मुश्किल में फंसेंगे,
अरब मीडिया ने वजारत लेबर के नए कानून के हवाले से बताया की वर्कर्स को कॉन्ट्रैक्ट की कॉपी न देने वाले कफ़ील को पांच हज़ार रियाल जुर्माना किया जाएगा यानी पासपोर्ट अपने पास रखने और कॉन्ट्रैक्ट कॉपी न देना दोनों ही कबीले सजा जुर्म करार पाये है, ऐसा कफ़ील जो अपने कॉन्ट्रैक्ट से हट कर वर्कर्स से कोई काम करवाये उसे 15 हज़ार रियाल जुर्माना किया जाएगा या ऐसे अखराजात का मुतालबा करे जो उसकी जिम्मेदारी है,
सऊदी गैजेट की रिपोर्ट के मुताबिक अगर वर्कर्स की तंखुवा में देर हुई या ज्यादा पैसे दिए बिना किसी वर्कर्स से ओवर टाइम करवाया गया या फिर सरकारी छुट्टियों के दौरान काम पर आने के लिए मजबूर किया गया तो ऐसी कंपनी पर भी जुर्माना होगा वर्कर्स से गर्मी या ख़राब मौसम में मुनासिब और एहतियाती तदाबीर के बगैर काम करवाना भी कानून की खिलाफ वर्ज़ी करार पाया है ,
हिफ़ाज़ती इक़दामात और सेहत के मयार पर समझोता करने वाली कम्पनियो पर 25 हज़ार रियाल जुर्माना होगा,
नए कानून के मुताबिक़ अगर कोई कंपनी कम से कम 12 परसेंट सऊदी मुलाज़िम को तरबियत फ़राहम नहीं करती तो भी मालिक पर जुर्माना लगेगा, अगर किसी कंपनी ने सऊदी मुलाज़िम की जाली भर्ती का दवा किया तो 25 हज़ार रियाल जुर्माना होगा अगर किसी मालिक ने सऊदियो के लिए मख़्सूस नौकरियों पर गैर मुलकियों को रखा तो ऐसी कंपनी पांच दिन के लिए बंद कर दी जायेगी,
वजारते लेबर ने ये साफ़ कर दिया है की गैर मुलकियों को वीसा बेचा गया तो 50 हज़ार और लाइसेंस के बगैर गैर मुलकियो को मुलाज़मत पर रखने पर 45 हज़ार रियाल जुर्माना होगा ऐसी नौकरियां जो लेडीज के लिए मख़्सूस कर दी गयी है उन पर मर्दों को रखने पर 10 हज़ार रियाल हर मर्द मुलाज़िम के हिसाब से जुर्माना किया जाएगा और कंपनी एक दिन के लिए बंद कर दी जाएंगी और इसी तरह लेडीज को मर्दो के साथ काम करने या फिर पाबन्दी वाले औकात में काम पर मजबूर करने पर 5 हज़ार से 10 हज़ार रियाल तक जुर्माना है,
वजारत ने ये भी वाजेह किया है की वजारत से लाइसेंस हासिल किये बगैर दफ्तर में भर्ती का अमल शुरू या वजारत को अपनी सर्विस रजिस्टर्ड न करने पर 10 हज़ार रियाल जुर्माना होगा लेकिन अगर मालूमात गलत दी गयी तो 25 हज़ार रियाल और वजारत की तहक़ीक़ाति अफसरान के काम में खलल डालने पर १० हज़ार रियाल जुर्माना होगा,
यहाँ ये बात भी गोर करने लायक है की एक गलती दोबारा दोहराई, तो जुर्माना भी दुगना हो जाएगा और जुर्माना एक महीने के अंदर ही अदा करने की हिदायत की गयी, वरना इसे दोबारा कानूनी खिलाफ वर्जी करार दिया जाएगा ताहम शिकायत के बाद मुतालिका कंपनियां 60 दिन के अंदर अपील कर सकती है