12/08/2026
♦️ सुल्तानगंज से देवघर बाबा धाम की कांवरिया पैदल यात्रा भारत की सबसे प्रसिद्ध धार्मिक पदयात्राओं में से एक है। इसका सरकारी स्रोतों में मार्ग लगभग 105–109 किमी बताया गया है।
♦️🔱 यात्रा की शुरुआत — सुल्तानगंज
🚩 मुख्य कांवरिया पैदल मार्ग
सरकारी बिहार पर्यटन के अनुसार प्रमुख मार्ग इस प्रकार है:
सुल्तानगंज → असरगंज 12 किमी
असरगंज → आगे का कांवरिया पथ 16 किमी
आगे → कुमारसार क्षेत्र 7.1 किमी
कुमारसार → गिरहेश्वर 9 किमी
गिरहेश्वर → अभरखा 7.9 किमी
अभरखा → कटोरिया 7.4 किमी
कटोरिया → इनरवरन 9.9 किमी
इनरवरन → गोढ़ियारी/गोविंदपुर 3 किमी
गोढ़ियारी → बरसालिया 13.3 किमी
बरसालिया → धारहरा 5.3 किमी
धारहरा → चंपानगर/आगे देवघर 2.3 किमी
इसके अलावा स्थानीय/पुराने मार्ग विवरणों में कुमारसार, चंदन नगर, जलेबिया मोड़, सूईया, अभरखिया, कटोरिया, लक्ष्मण झूला, इनरवरन, भुलभुलैया, गोड़ियारी, पटानिया, कलकटिया, भूतबंगला और दर्शनिया जैसे छोटे-बड़े पड़ाव भी मिलते हैं।
♦️⭐ जलेबिया मोड़ कहाँ आता है?
जलेबिया मोड़ कांवरिया मार्ग का महत्वपूर्ण पड़ाव है। पुराने विस्तृत मार्ग विवरण में यह चंदन नगर के बाद और सूईया से पहले आता है।
♦️🗺️ बिहार से झारखंड
कांवरिया पथ का बड़ा हिस्सा बिहार में है। इसके बाद कांवरिया दुम्मा के रास्ते झारखंड में प्रवेश करते हैं और देवघर की तरफ बढ़ते हैं।
दुम्मा को कांवरिया यात्रा में बिहार–झारखंड सीमा के महत्वपूर्ण प्रवेश-बिंदु के रूप में देखा जाता है।
♦️🛕 देवघर पहुंचने पर
देवघर पहुंचने के बाद कांवरिया सबसे पहले शिवगंगा में स्नान करते हैं। इसके बाद बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जाकर कांवर में लाया गया गंगाजल भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग पर अर्पित करते हैं।
सुल्तानगंज → गंगाजल → पैदल कांवर यात्रा → देवघर → शिवगंगा स्नान → बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक
यही इस पूरी यात्रा का मुख्य धार्मिक क्रम है।
♦️ कितने दिन लगते हैं?
सामान्य कांवरिया अपनी क्षमता और आराम के अनुसार इसे आमतौर पर 3–5 दिनों में पूरा कर सकते हैं। वहीं तेज गति से चलने वाले डाक बम बहुत कम समय में यात्रा पूरी करने का प्रयास करते हैं।
बिहार पर्यटन के अनुसार यात्रा लगभग 105 किमी की है, जबकि देवघर जिला प्रशासन इसे सुल्तानगंज से बाबा धाम तक लगभग 109 किमी बताता है।
♦️🏕️ रास्ते में मिलने वाली सुविधाएं
श्रावणी मेला के दौरान कांवरिया पथ पर प्रशासन की तरफ से कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जैसे:
* 🚰 पेयजल
* 🏕️ विश्राम/टेंट
* 🛏️ रुकने की व्यवस्था
* 🏥 मेडिकल कैंप
* 🚻 शौचालय
* 💡 रोशनी
* 🚑 आपातकालीन सहायता
* 🍛 भोजन एवं सेवा शिविर
♦️🔥 बोल बम की परंपरा
पूरे रास्ते कांवरिया “बोल बम”, “हर हर महादेव” का जयकारा लगाते हुए चलते हैं।
भगवा वस्त्र, कंधे पर कांवर और उसमें रखा गंगाजल इस यात्रा की पहचान है। श्रावण में पूरा रास्ता कांवरियों की भीड़ से भगवामय हो जाता है। देवघर प्रशासन इसे लगभग 109 किमी लंबी मानव श्रृंखला जैसा दृश्य बताता है।
♦️🙏 यात्रा का धार्मिक महत्व
बाबा बैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। श्रावण महीने में यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
🔱 एक लाइन में पूरा रूट
सुल्तानगंज → असरगंज → कुमारसार → जलेबिया मोड़ → सूईया क्षेत्र → अभरखा → कटोरिया → इनरवरन → गोढ़ियारी → बरसालिया → धारहरा → चंपानगर → दुम्मा → देवघर बाबा धाम
हर हर महादेव 🔱 बोल बम 🚩
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