Garhwal Express

Garhwal Express Updates About Garhwal Uttarakhad, India

05/06/2014

बस बचा खुचा हमारे पास एक
आसमान है
जिसको रोज रात देखकर ये तसल्ली कर लेते हैं की
वो वहीँ आसमान है जो तुम्हारे ऊपर है
मुट्ठियों में भर लेते है हर रात
तुम्हारे शहर से आने वाली हवा
वो हवा, जो उतरने से मना कर देती है मेरे फेफड़ों में
तुम्हारी तरह ये कहते हुए की
"मुझे सिगरेट की गंध से नफरत है"

कुछ बासी उखड़ी बेढब सी कवितायेँ हैं
जिनमे तुमको तुमसे चुराकर रक्खा है हमने
शाम किसी छत पर बैठकर खुदको सुनाने के लिए

अलमारियों के बीच, कहीं किसी कोने में
जिन्दा है एक ओल्ड मोंक की बोतल
जिसको तय करना है मेरे हलक से एक रास्ता
आंसू बन ने के लिए

हथेलियों में बाकी है
अभी मेरे किस्मत की बागी केंचुलियाँ
जिनके टुकड़े ढूँढ ढूंढ कर शायद तुम्हारी किस्मत
मिल जाये मुझसे

बस बचा खुचा इतना ही हैं मेरे पास
और हाँ तुम्हारी दी हुई एक डायरी भी
जिसमे दर्ज है मेरी बर्बादी का अफसाना... :)

18/04/2014

एक क्वार्टर पी के अभी तक नाली के पास पड़ा है वो,
जो 4 बोतल वोडका काम मेरा रोज का पे रात भर नाचा था ;)

14/04/2014

:)

06/04/2014

जो बस चले तो तेरी यादें
सिरहाने रख लूँ
सोचता रहूँ, सहेजता रहूँ
जो बस चले तो
बस नासमझियों में जियूं
बेफिक्र, बेपरवाह रहूँ
जो बस चले तो
तेरा नाम चीख कर
फिजाओं में गूंजा दूँ
बेशर्मी से ज़माने को बता दूँ
बदनामी के डर को डरा दूँ
जो बस चले तो
तुझे मेरे रंग में रंग लूँ
सबकी नज़रों से ओझल हो जाऊं
बस रहे तेरा मेरा प्यार
वोही हो मेरा संसार
जो बस चले तो
बस शाम की मद्धम रौशनी रहे
इतनी की बस तेरा
चेहरा साफ़ दिखे
जो बस चले तो
कहलवा दूँ तुझसे की
बस..अब आ जाओ
दुनिया को रखकर परे
चले जहा हो सपने खरे
मेरा बस चले और इक बार तुम कह दो तो........
:)

08/03/2014

"कभी जो तेरे दुपट्टे से
हाथ पोछा
तो नाराजगी,
और कभी
खुद ही आंचल दिया
की पोछ लो..

हरपल तेरे मिजाज ने
इक नया मोड़ लिया,
तेरी अनगिनत अनसमझी अदाओं में
चलो एक और हमने जोड़ लिया." :) :)

28/02/2014

अपनी यादों से कह दो ढाई दिन छुट्टी दे दें मुझे,
आखिर इश्क के हिस्से में भी वीकेंड होना चाहिए !! :)

15/01/2014

एक रंग तेरा और एक रंग मेरा
इतनी तरह से बाँट ली दुनिया अपनी ..

एक हंसी तेरी और एक हंसी मेरी
इस तरह से बाँट ली खुशियाँ अपनी ..

एक राह तेरी और एक राह मेरी
इस तरह से बाँट ली दूरियाँ अपनी ..

एक ख्वाब तेरा और एक ख्वाब मेरा
इस तरह से बाँट ली मजबूरियाँ अपनी ..

एक बात तेरी और एक बात मेरी
इस तरह से बाँट ली खामोशियाँ अपनी .. :)

17/12/2013

जैसे जैसे ठंड बढ़ रही हैं, रह-रह कर मन मे ख़्याल आता है कि अब शादी कर ही लेनी चाहिए, ये सर्दियाँ सिर्फ कम्बल-रज़ाई के सहारे तो निकलने से रहीं। ;) :)

15/12/2013

बड़ा complicated था...
design इस इश्क़ के sweater का...
पहले हिम्मत की सिलाई लेकर...
निगाहों के ऊन से फंदे डाले...
फिर बनाया proposal का border ...
फिर डाले दोनों के ख्वाबों के कुछ ऊपर कुछ नीचे के फंदे...
आधा ही बना तो सोचा
ज़माने को दिखा लें...
उसने पकड़ लिया खुला सिरा...
और खींचता रहा...
कम्बख़्त ने उधेड़ के रख दिया...
गुज़र रही है ये सर्दी...
अब बिना किसी sweater के...

10/12/2013

वो नहीं करती थी कुछ भी तरीके से,
उसकी बातों में उसकी हँसी उलझती थी,
वो नाराज़ भी हो तो सताती नहीं थी,
वो लड़ती भी तो ज़रा सी बात पे हँस देती थी,
तवील मुलाक़ातों के बाद भी कहती,
लो मैंने ये तो बताया ही नहीं तुमको।

वो मिले तो कहना उसे नहीं आया
छोड़ के जाना भी मुझे। :)

07/12/2013

शाम होते ही थोड़ी सी जिंदगी खींच ली मैंने,
इसी बहाने तेरी यादों कि जमीन सींच ली मैंने ;)
-=-=bolo ChEErs$$=-=-

Address

Kotdwar
Garhwal
246149

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Garhwal Express posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category