24/07/2026
कैलाश पर्वत: धरती पर एकमात्र पर्वत जिसे आज तक कोई नहीं चढ़ पाया!
कैलाश पर्वत एक ऐसा नाम जो केवल धार्मिक महत्व ही नहीं, बल्कि विज्ञान और रहस्य का भी केंद्र है। हिमालय की गोद में स्थित यह पर्वत लगभग 21,778 फीट ऊंचा है, लेकिन आज तक कोई भी इस पर चढ़ाई नहीं कर सका। आख़िर ऐसा क्या है इस पर्वत में, जो इसे दुनिया के सबसे रहस्यमय पर्वतों में गिना जाता है?
धार्मिक मान्यता क्या कहती है?
हिंदू धर्म के अनुसार, कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थल है। यहीं पर शिवजी ध्यान में लीन रहते हैं। जैन धर्म में यह पर्वत अष्टापद के रूप में प्रसिद्ध है, और बौद्ध धर्म में इसे कांग रिनपोछे कहा गया है।
कोई क्यों नहीं चढ़ पाया?
इतनी ऊंचाई पर स्थित होने के बावजूद, आज तक कोई पर्वतारोही इस पर सफल चढ़ाई नहीं कर सका। यहां तक कि अनुभवी पर्वतारोही रेइनहोल्ड मेसनर ने भी इसे "असंभव" माना।
कई बार चढ़ाई की कोशिशें हुईं, लेकिन या तो मौसम ने साथ नहीं दिया या लोग रास्ता भटक गए। चीनी सरकार ने 2001 में आधिकारिक तौर पर कैलाश पर्वत की चढ़ाई पर रोक लगा दी, क्योंकि स्थानीय लोगों का मानना था कि यह "ईश्वर का घर" है और इसे छेड़ना पाप होगा।
वैज्ञानिक रहस्य भी कम नहीं
कैलाश पर्वत के चारों ओर की पर्वत श्रृंखलाएं एक स्वस्तिक आकृति में फैली हुई हैं यहां का चुंबकीय क्षेत्र इतना शक्तिशाली है कि कंपास काम करना बंद कर देता है लोगों का दावा है कि यहां समय "धीमा" हो जाता है यानी समय की गति सामान्य से अलग होती है
क्यों है यह पर्वत अब भी अजेय?
कई शोधकर्ता मानते हैं कि यह केवल एक पर्वत नहीं, बल्कि एक “एनर्जी पॉइंट” है, जिसे छेड़ना मानवता के लिए सही नहीं होगा। शायद यही कारण है कि यहां जाने की अनुमति केवल परिक्रमा तक सीमित है चोटी को छूने की इजाज़त किसी को नहीं।
कैलाश पर्वत हमें याद दिलाता है कि चाहे हम चाँद पर पहुँच गए हों, लेकिन कुछ चीज़ें आज भी इंसान की सीमाओं से परे हैं।