The Logical Uttrakhandi

The Logical Uttrakhandi हमारी मांग उत्तराखंड मांगे भू कानून

23/03/2025

उत्तराखण्ड दिवस पर केवल फॉर्मेलिटी ओर बिहार दिवस पर 9 दिनों का जश्न
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 22 मार्च से 30 मार्च 2025 तक 9 दिवसीय बिहार दिवस मनाने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस निर्णय का कुछ संगठनों द्वारा विरोध भी किया जा रहा है। स्वाभिमान मोर्चा के मोहित डिमरी ने कहा है कि उत्तराखंड में बिहार दिवस मनाने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इसके अलावा, कुछ लोगों ने सवाल उठाया है कि बिहार में कभी उत्तराखंड दिवस नहीं मनाया गया, तो उत्तराखंड में बिहार दिवस क्यों मनाया जा रहा है।

बिहार दिवस प्रतिवर्ष 22 मार्च को मनाया जाता है, जो 22 मार्च 1912 को बिहार राज्य के गठन की याद में आयोजित होता है। इस वर्ष, बिहार ने अपना 113वां स्थापना दिवस मनाया, जिसका थीम 'उन्नत बिहार-विशिष्ट बिहार' था।

उत्तराखंड में भाजपा द्वारा आयोजित इस 9 दिवसीय बिहार दिवस के कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

08/03/2025

#उत्तराखंड_समाचार | 7 मार्च 2025

उत्तराखंड में बीते दिन कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं, जिनका प्रदेश की राजनीति, विकास और समाज पर सीधा असर पड़ा। आइए जानते हैं विस्तार से:

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1️⃣ राजनीतिक हलचल:

उत्तराखंड की राजनीति में एक नया मोड़ आया जब विधानसभा बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बयान को लेकर विवाद गहरा गया।
➡️ गैरसैंण में लोगों ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
➡️ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने प्रदर्शनकारियों को "सड़क छाप नेता" कहा, जिससे मामला और गरमा गया।
➡️ विपक्ष ने सरकार पर पहाड़ और मैदान में भेदभाव करने का आरोप लगाया।

📌 आपकी राय: क्या सरकार को पहाड़ों के विकास पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए?

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2️⃣ प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड दौरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड पहुंचे और मुखवा में मां गंगा की पूजा की। इस दौरान उन्होंने राज्य के लिए कई बड़ी घोषणाएं की:
✅ केदारनाथ रोपवे प्रोजेक्ट को मंजूरी – अब 8 घंटे की यात्रा सिर्फ 30 मिनट में होगी!
✅ हेमकुंड साहिब रोपवे प्रोजेक्ट को भी हरी झंडी – श्रद्धालुओं को बड़ी राहत।
✅ उत्तराखंड को विंटर टूरिज्म हब बनाने का आह्वान – फिल्म शूटिंग, डेस्टिनेशन वेडिंग और विंटर योगा को मिलेगा बढ़ावा।
✅ युवा कंटेंट क्रिएटर्स को प्रदेश के पर्यटन को प्रमोट करने की अपील।

📌 क्या आपको लगता है कि रोपवे पर्यटन को बढ़ावा देगा? कमेंट करें!

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3️⃣ प्राकृतिक आपदा – चमोली में चट्टान दरकी!

🚨 चमोली जिले में बड़ा हादसा –
➡️ हेमकुंड साहिब को जोड़ने वाला पुल टूट गया, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया।
➡️ राहत-बचाव कार्य जारी, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया।
➡️ स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

📌 क्या उत्तराखंड को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए नई रणनीति की जरूरत है?

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4️⃣ स्वास्थ्य और समाज सेवा

🩺 ऋषिकेश में निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन
✅ 70 से ज्यादा लोगों ने नेत्र चिकित्सा का लाभ उठाया।
✅ आयोजन का उद्देश्य – गरीब और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज देना।
✅ स्थानीय डॉक्टरों ने इसे बड़ी पहल बताया।

📌 आपके क्षेत्र में ऐसे शिविर होने चाहिए? कमेंट में अपनी राय दें!

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उत्तराखंड के लिए यह दिन राजनीति, विकास और आपदाओं से भरा रहा। आप इन घटनाओं के बारे में क्या सोचते हैं? हमें कमेंट में बताएं!

🔹 #उत्तराखंड

07/03/2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में उत्तराखंड के मुखवा गांव का दौरा किया, जो मां गंगा का शीतकालीन गद्दी स्थल है। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में निम्नलिखित मुख्य बातें कहीं:

मां गंगा से विशेष संबंध: प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ महीने पहले उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया है। उन्होंने मुखवा गांव को मां गंगा का मायका (मातृ गृह) बताते हुए वहां आने को अपने लिए सौभाग्य माना।

सीमावर्ती गांवों का महत्व: प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती गांवों को देश का पहला गांव बताते हुए कहा कि 1962 के चीन हमले के बाद खाली हुए जादुंग गांव को फिर से बसाने की योजना पर काम हो रहा है, जिससे इन क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

शीतकालीन पर्यटन का आह्वान: प्रधानमंत्री ने 'घाम तापो पर्यटन' का उल्लेख करते हुए युवाओं और कॉर्पोरेट जगत से सर्दियों में उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में आने का आग्रह किया, जिससे शीतकालीन पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा।

पर्यटन स्थलों का विकास: प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार 50 नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजना बना रही है, जिससे राज्य में पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

स्थानीय उत्पादों का प्रोत्साहन: प्रधानमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री के इस दौरे का उद्देश्य उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा देना और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को प्रोत्साहित करना था।

आज, 6 मार्च 2025 को, उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के रामलीला मैदान में आयोजित 'पहाड़ी स्वाभिमान रैली' में ह...
06/03/2025

आज, 6 मार्च 2025 को, उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के रामलीला मैदान में आयोजित 'पहाड़ी स्वाभिमान रैली' में हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। यह रैली उत्तराखंड के मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा विधानसभा में की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने पहाड़ी समुदाय के प्रति अनुचित शब्दों का प्रयोग किया था।

लोकप्रिय लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी जी के आह्वान पर, राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग सुबह से ही गैरसैंण पहुंचने लगे थे। रैली के दौरान, प्रतिभागियों ने प्रेमचंद अग्रवाल की बर्खास्तगी की मांग की और पहाड़ी स्वाभिमान की रक्षा का संकल्प लिया।

यह आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक एकता और जनभावनाओं की शक्ति को प्रदर्शित करता है। शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित इस रैली ने सरकार को जनता की आवाज़ सुनने के लिए प्रेरित किया है, जिससे भविष्य में जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा और व्यवहार में सतर्क रहने का संदेश मिला है।

#पहाड़ीस्वाभिमान #गैरसैंणरैली #उत्तराखंड

06/03/2025

उत्तराखंड | दून वैली के संरक्षण का कानून खतरे में?

मंत्री प्रेम चंद अग्रवाल के विवादित बयान पर पूरे उत्तराखंड में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देहरादून में जनता ने उनके इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जिससे सरकार की जवाबदेही और नैतिकता पर सवाल उठे हैं।

वहीं, सरकार 1989 की दून वैली अधिसूचना में बदलाव करने की योजना बना रही है, जिससे इस संवेदनशील क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और प्रदूषण का खतरा बढ़ सकता है।

हाल ही में बद्रीनाथ में हिमस्खलन की दुखद घटना हुई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भूगर्भीय संतुलन से छेड़छाड़ के कारण ऐसे हादसे बढ़ सकते हैं।

सरकार विकास के नाम पर जंगलों की कटाई और पर्यावरण विनाश को बढ़ावा दे रही है, जिससे हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं और प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है। देहरादून में हाल ही में हुए पर्यावरण संरक्षण मार्च से साफ है कि जनता अब जागरूक हो रही है और सरकार की पर्यावरण विरोधी नीतियों का विरोध कर रही है।

क्या विकास के नाम पर उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा और पर्यावरणीय संतुलन को नष्ट करना सही है?
अपनी राय कमेंट में साझा करें!

20/10/2024
13/09/2024
13/09/2024

चार धाम यात्रा करवाने वाले दूसरे प्रदेशों के, टेहरी डेम में नौकरी करने वाले दूसरे प्रदेशों के, AIIMS में नौकरी करने वाले दूसरे प्रदेशों के, उत्तराखंड रोडवेज में ड्राईवर कंडक्टर दूसरे प्रदेशों के, पोस्टमास्टर दूसरे प्रदेशों के, राफ्टिंग वाले दूसरे प्रदेशों के, रिजॉर्ट वाले दूसरे प्रदेशों के... बडे बडे टैंडर लेने वाले दूसरे प्रदेशों के.... और हम उत्तराखंडी केवल नेताओं के स्वागत, युवा नेता, ह्रदय सम्राट, राजनीती, और दारू पिने के लिये बल..! ✍️😐😅🤷‍♂️🤣

ये क्या हो रहा है ?
07/09/2024

ये क्या हो रहा है ?

सावधान पहाड़वासियों .. सुदूरवर्ती गोंडार गांव की घटना ।
04/09/2024

सावधान पहाड़वासियों ..
सुदूरवर्ती गोंडार गांव की घटना ।

04/09/2024

आदरणीय ,
श्री Satpal Maharaj जी इन 5 छोटी और कुल 31 लाख की योजनाओं का भव्य शिलान्यास /उद्घाटन का हक तो माननीय जिला पंचायत सदस्यों का था। इन 5 में से चार योजनाएं जिस वार्ड की हैं वँहा से महिला सदस्य हैं। यदि वे उद्घाटन करती तो नारी शक्ति का सम्मान होता कुछ साल उनकी याद बची रहती। सच में हमारे जिले में तो माननीय जिला पंचायत सदस्य भी कभी इन योजनाओं का उद्घाटन नहीं करते हैं वे इन कामों को अपने कर्तब्य का हिस्सा समझ कर आगे बड़ जाते हैं।
आपके पद की प्रतिष्ठा के अनुकूल तब अच्छा लगता यदि आप लोक निर्माण विभाग के मंत्री के रूप में अगस्त्यमुनि- बेडुबग्गड़ मोटर मार्ग के गंगानगर भूस्खलन पर मुख्यमंत्री की घोषणा के 5 करोड़ की प्रस्तावित योजना का शिलान्यास करते या जनता को ये बता पाते कि , वास्तव में इस घोषणा का वित्तीय स्वीकृति सहित शासनादेश जारी होकर काम कब शुरू होगा ? या माननीय मुख्यमंत्री जी की सैकड़ों पेंडिंग घोषणाओं की तरह यह भी केवल चुनावी घोषणा ही रह जायेगी।
आप यदि केदारनाथ विधानसभा के कई गांवों या तोकों की मांगों और जरूरत के अनुसार कुछ नई सड़कों /मिसिंग लिंक जिसमें दसज्यूला का मिसिंग लिंक भी एक है को वित्त सहित स्वीकृति दे देते तो ये आपके पद की गरिमा के अनुकूल होता। आप विधानसभा की दर्जनों खस्ता हाल सड़कों के लिए जीर्णोद्धार /डामरीकरण के लिए कुछ सार्थक करते तो जनता भी आपकी आभारी रहती।
कुछ नहीं तो आप खस्ताहाल गुप्तकाशी-देवर मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए ही कुछ दे देते जिस पर आगे जाकर आप की या आपकी संस्था की भी जमीन है । आपकी तो दुनिया भर में जमीनें हैं लेकिन इस गड्ढा युक्त मोटर मार्ग पर बेरोजगार युवाओं ने दर्जनों होटल कर्जा लेकर बनाए हैं । आप कुछ दिन पहले खुद इस मार्ग पर गए थे , ऐसी गड्ढे वाली सड़क पर कौन पर्यटक जाएगा ? आप प्रदेश के पर्यटन मंत्री भी हैं । लोगों ने कुछ दिन पहले देवर जाने पर आपको खूब खरी-खोटी भी सुनाई थी ।
लेकिन राज्य के सभी जन प्रतिनिधि जानते हैं कि , ये आप लोक निर्माण विभाग के मंत्री रहते हुए भी नहीं कर सकते क्योंकि आपके विभाग में सभी सड़कों की स्वीकृति संबंधित शक्ति का प्रयोग माननीय मुख्यमंत्री श्री Pushkar Singh Dhami जी ही करते हैं। सड़कों और बड़ी योजनाओं का उद्घाटन भी विभागीय मंत्री के बजाय माननीय मुख्यमंत्री ही करेंगे , ऐसी चेतावनी देने वाली खबरें भी अखबारों में छपती रहती हैं।
ऐसे में आपके पास उद्घाटन के लिए जिला पंचायत की छोटी योजनाएं ही बच जाती हैं। यही हाल राज्य के सभी माननीय मंत्रियों के हैं , वे बेचारे अपने विभाग की बड़ी योजनाओं का उद्घाटन भी नहीं कर सकते । खैर ये तो आपकी सरकार की सोच और कार्यप्रणाली है । हमारी चिंता तो ये है कि , केवल 31 लाख की योजनाओं के इस भव्य शिलान्यास / उद्घाटन समारोह और इन विज्ञापनों पर खर्च होने वाला लाखों रुपया किस मद से आएगा ?
Indian National Congress Uttarakhand Kumari Selja Harish Rawat Yashpal Arya Pritam Singh Ganesh Godiyal Ganesh Tiwari Lakhpat Singh Butola Mantri Prasad Naithani Pargat Singh करमवीर सिंह कुंवर Vinod Rana

सब मिले हुए हैं जी ।
04/09/2024

सब मिले हुए हैं जी ।

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