20/05/2026
अगर आप इन गर्मियों में उत्तराखंड जाने की सोच रहे, तो ये जानना जरूरी है कि इसके दो हिस्से हैं- कुमाऊँ और गढ़वाल।
जहां गढ़वाल जाना जाता है चार धाम के लिए, वहीं कुमाऊँ शांति पसंद लोग घूमना पसंद करते हैं (नैनीताल, कॉर्बेट को छोड़कर, ये भीड़ वाली जगहें हैं)..
कोशिश करिए कि इन दोनों regions को मिक्स मत करिए एक ट्रिप में, अपनी पसंद अनुसार एक ही चुनिए..
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✍️ये पहले भी लिखा था कुमाऊँ के बारे में, शायद फिर काम आए किसी के-
कुमाऊँ मेरे दिल के करीब है तो सोचा जितना मुझे पता है, उतना साझा करना बनता है..
(ये जानकारियां सिर्फ मेरे पर्सनल अनुभव पर आधारित हैं)
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👉कुमाऊँ कैसे पहुँचे-
🚉रेल- काठगोदाम तक ट्रेन जाती है। अगर दिल्ली से ट्रैवल कर रहे हों तो दिल्ली से 6 बजे शताब्दी ले लें, दोपहर करीब 12 बजे काठगोदाम उतरें और वहाँ बाहर कई टैक्सीयां खड़ी मिल जाती है हर जगह के लिए..
🚍बस- हल्द्वानी तक स्लीपर व अन्य बसों के काफी ऑप्शन हैं। Zing बस आपको अल्मोड़ा, नैनीताल तक भी पहुंचाती है लोकल टैक्सी से tie up करके।
🚕टैक्सी- अगर टैक्सी से जाना चाहते हैं, तो एक बार MMT की कैब का रेट भी चेक कर लें। पहले से बुक करें तो काफी कम रेट भी देखें हैं मैंने इसके, दिल्ली से किसी हिल स्टेशन पर पहुंचने और वापस आने के लिए। हालांकि सीजन में ये भी महंगा होगा, पर एक बार चेक कर लें pvt taxi बुक करने के पहले..
काठगोदाम से आगे के लिए या तो पूरे ट्रिप के लिए लोकल टैक्सी बुक कर लें या अकेले हों तो स्कूटी ले लें रेंट पर। जिस होटल में रुक रहे हों, वो भी अक्सर arrange कर देतें हैं बोलने पर..
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👉कुमाऊँ में मेरी पसंदीदा जगहें-
1. मुक्तेश्वर- काठगोदाम से करीब ढाई घंटा दूर है। अगर आप शताब्दी से आते हैं और बाहर निकलते ही टैक्सी कर लें तो 3-4 बजे तक मुक्तेश्वर पहुंच जाएंगे।
काफी बड़े एरिया में फैले होने के कारण यहां मंसूरी, नैनीताल जैसी भीड़ का पता नहीं चलता और जगह शांत सी लगती है।
मैं अक्सर यहां Trishul Orchard में रुकती हूँ। मुझे उनकी प्रॉपर्टी पसंद है, हालांकि खाना औसत सा ही है उनका..
अकेले ट्रैवल कर रहे हों तो Zostel, goStops जैसे ऑप्शन भी हैं, जिनमें 500/- per day के आसपास Dormitory में एक बेड मिल जाएगा।
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2. सतखोल- ये मुक्तेश्वर से थोड़ा ही आगे है और उन लोगों के लिए है जिन्हें sightseeing से ज्यादा सुकून से कुछ दिन बिताने की इच्छा हो..
छोटा सा गांव है, और आपको बेवजह पैदल चलना पसंद हो तो यहां से Peora गांव तक वॉक कर आइए।
मैं यहां Mer Homestay में रुक चुकी हूं, कमरे और उनका व्यू जबरदस्त है, पर रोड से थोड़ा अंदर है। बच्चे साथ हों तो शायद वो बोर हों जाए। पर अगर आपको शांति चाहिए तो बिना कहीं गए, इनके यहां दो दिन बिता दीजिए आराम से।
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3. Banlekhi- बहुत अलग थलग पर खूबसूरत जगह है। इस जगह को मैं सिर्फ Banlekhi Cottages नामक प्रॉपर्टी के कारण जानती हूं, जहां मैं रुक चुकी हूं।
व्यू खूबसूरत है, पर इस प्रॉपर्टी पर जाने के लिए आपको कुछ दूर पैदल चलना होता है। अगर चल सके, तो निराशा नहीं होगी।
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4. Kasar Devi- ये मेरे दिल के सबसे करीब है। यहां मैंने अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत सूर्यास्त देखें हैं।
अगर सोलो ट्रैवल कर रहे हैं तो यहां भी Hosteller, goStops जैसे ऑप्शन हैं।
व्यू के कारण मैं The Travellers Hive में रुकती हूँ। ये भी सोलो traveling के लिए बेह्तरीन प्रॉपर्टी है। यहां रुकें तो सामने दिखने वाले हिल टॉप पर 15-20 मिनट की hike जरूर करें सूर्यास्त देखने।
या Monastery के पास भी एक खूबसूरत sunset व्यू पॉइंट है, उसे भी मिस ना करें..
बहुत अच्छे cafes हैं यहां, पैदल घूम कर explore करें।
अगर परिवार साथ हो तो KMVN में रुक सकते हैं, बजट ज्यादा हो तो Kasar Holiday Home भी अच्छा ऑप्शन है।
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5. Linguarata- एक छोटा सा गांव है अल्मोड़ा और चौकोरी के बीच। नदी किनारे रुकना पसंद हो तो यहां Hobo Huts में रुक सकते हैं।
इस जगह की हाइट ज्यादा ना होने के कारण गर्मी लग सकती है। पर नदी में घंटों बैठ सकते हैं और मुझे इनका खाना भी अच्छा लगा था।
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6. रानीखेत- यहां मैं कभी रुकी नहीं क्योंकि हर बार लगता है कि थोड़ी दूर ट्रैवल करके कौसानी ही पहुंच जायें, वहां से त्रिशूल पीक और सुंदर दिखते हैं।
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7. बिनसर- हमेशा से मेरी लिस्ट में रहा पर जा नहीं पायी क्योंकि वहाँ नेटवर्क issue है और मैं ऑफिस साथ लेकर घूमती हूँ।
पर अगर शांति से रहना चाहें तो अच्छी जगह है, वहाँ के KMVN की भी तारीफ सुनी है मैंने।
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8. कौसानी- बर्फ वाली peaks देख कर यदि आपका दिन बन जाता है तो ये जगह आपके लिए है।
मैं यहां Aashritha Homestay में रुकी हूँ, उनके फर्स्ट फ्लोर के रूम में रुकने का अपना मजा है, सामने के seating space के कारण वहां से शानदार नजारा है।
एक बार Blossom Hideaway भी रुकी हूँ, व्यू अच्छा है, normal होटल है।
थोड़ी महंगी जगह रुकना चाहें तो Chevron Eco Lodge या Pratiksha Himalayan Retreat की तारीफ सुनी है।
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9. चौकोरी- ये भी बहुत खूबसूरत है।
एक बार चौकोरी के थोड़ा पहले काफल फार्म स्टे में रुकी हूँ। ओनर अच्छे हैं और अगर ज्यादा luxury का शौक ना हो और फार्म जैसी जगह पसंद है तो यहां रुक सकते हैं। इनके यहाँ छोटे हिसालू फल जरूर खाइएगा।
अगली बार KMVN के गेस्ट हाउस में भी रुकी थी, rooms औसत थे पर व्यू जबरदस्त था।
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10. मुंसियारी- ये कुमाऊँ की शायद सबसे खूबसूरत जगह है मेरे लिए क्योंकि हिमाच्छादित पंचाचुली peaks एकदम सामने हैं यहां।
अगर किस्मत अच्छी रही, तो पूर्णिमा के आसपास चांदनी में जगमगाते बर्फीले पहाड़ आपके जीवन मे एक सुनहरा पन्ना हो जाएंगे।
Milam Inn में रुक चुकी हूं, उनके lower ground फ्लोर वाले रूम की बजाय ऊपर के rooms में रुकिए और रूम की खिड़की से ही पंचाचुली देखिए।
अगर Homestay में रुकना चाहते हों तो बहुत पास के गांवों में रुकें, Map में दिख जाएंगे आपको।
हो सके तो Khaliya top का ट्रेक जरूर करें और एक रात वहीं टेंट में रुकें।
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कुछ जरूरी बातें-
👉मैं नैनीताल या उसके आसपास की भीड़ वाली जगहें नहीं जाती, खासकर सीजन में। लंबे जाम और भीड़ से बहुत दूर रहतीं हूँ। पर अगर इसके आसपास रुकना चाहें तो Pangot, नौकुचियाताल या भीमताल रुक जाएं।
👉मैंने sightseeing के बारे मे नहीं लिखा क्योंकि वो आपको गूगल पर आसानी से मिल जाएगा।
पर शायद कपिलेश्वर महादेव ना मिले, उसे भी अपनी लिस्ट में जोड़ लें।
👉जो भी प्रॉपर्टी suggest की है, उसके रिव्यू खुद पढ़ कर डिसाइड कीजिएगा रुकना है या नहीं और उनका नंबर भी आपको वहीं मिल जाएगा 🙏
👉अगर आप 6 दिन के लिए जाना चाह रहे, तो मुक्तेश्वर, कौसानी और कसार देवी हो आइए, हर जगह दो रात रुकिए (या ऊपर लिखी जगहों में से कोई तीन)। ज्यादा दौड़ने भागने और रोज अलग होटल जाकर चेक इन- चेक आउट और पैकिंग के झंझट से बचिए।
👉खुद प्लान कर रहे हों तो जगहों की दूरी अच्छे से चेक करें गूगल Map पर।
👉सीजन- सितंबर के अंत मे या October के पहले हफ्ते में कुमाऊँ सबसे खूबसूरत लगा था।
भीड़ नहीं थी और हरी घास की कालीन बिछी हुई थी और नदी का पानी था अपने सुन्दरतम रंग में..
और हाँ,
कुमाऊँ को देखना हो तो शांति से देखें, भाग भाग कर नहीं🙏
क्योंकि यहां की शांति और खूबसूरती को आप केवल थम कर ही अनुभव कर सकते हैं..❤️
Photos कसार की है,
सितंबर, 2024 की
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