05/09/2015
LIKE US :-
Vijay Sastri ji~+91-70232 67711
https://www.facebook.com/loveproblemspecialistbaba
इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भद्र और गजकेशरी योग में पड़ रही है। भगवान श्रीकृष्ण के सबसे बड़े भक्त शनि महाराज के दिन शनिवार को मध्य रात्रि में भगवान का जन्म हो रहा है।
खास बात यह है कि किसी भी मनोकामना पूर्ति के लिए शनिवार और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का संयोग पर्याप्त है। 5 सितंबर की मध्यरात्रि अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का महासंयोग है।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय के सारे योग इस बार पड़ रहे हैं। उस समय की तरह इस बार भी रोहिणी नक्षत्र चल रहा है। ऐसा सुंदर संयोग 42 वर्षों के बाद आया है। 5 सितंबर शनिवार को सुबह नौ बजे के बाद प्रारंभ हो रही अष्टमी तिथि 6 सितंबर सुबह 7:35 बजे तक रहेगी। रोहिणी नक्षत्र शनिवार सुबह 6:15 बजे से है।इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भद्र और गजकेशरी योग में पड़ रही है। भगवान श्रीकृष्ण के सबसे बड़े भक्त शनि महाराज के दिन शनिवार को मध्य रात्रि में भगवान का जन्म हो रहा है।खास बात यह है कि किसी भी मनोकामना पूर्ति के लिए शनिवार और भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का संयोग पर्याप्त है।