04/06/2022
HUM SE ITIHAAS KYO CHIPAYA ?
खवासपुरा में खंडहर महल और दरगाह।
पीपाड़ सिटी (जोधपुर). देश में नई व पुरानी दिल्ली के नाम चर्चित के हैं लेकिन मारवाड़ में किसी जमाने में एक लोड़ी (छोटी) दिल्ली हुआ को करती थी। समय के साथ लोग जुबिसराते चले गए और अब इतिहास के पन्नों से गायब है। बचे हैं केवल की पुराने महल के कुछ अवशेष। दिल्ली में सूरवंश के शासनकाल के दौरान
बसी इस दिल्ली के अवशेष जोधपुर के पीपाड़ उपखंड के खवासपुरा गांव में हैं, इस गांव का नाम खवासपुरा भी शेरशाह के प्रमुख सेनापति खवास खान के नाम पर पड़ा। पहले
शेरशाह सूरी की मौत के बाद उसका सेनापति खवास खान फरार होकर जावा खेड़ा गांव में आ गया और यहां नए नाम लोड़ी दिल्ली राज य बसाया। यहां किले का निर्माण करवाया।
शेरशाह के सेनापति खवास खान की हत्या के बाद उसके समर्थक शव लेकर आए और किले के बाहर दफन कर दरगाह बना दी। यह दरगाह क्षेत्र में सदभावना की प्रतीक के रूप में पहचान रखती हैं।