Amazing Tourism Spots In Kanpur FB Page

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 ⬇️⬇️⬇️इसमें पूरा का पूरा दोष उस सर्प का था, आखिरकार वो बाज़ की पकड़ से छूट करके गरम खाने में क्यों गिरी, उसी की वजह से बे...
21/08/2024

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इसमें पूरा का पूरा दोष उस सर्प का था, आखिरकार वो बाज़ की पकड़ से छूट करके गरम खाने में क्यों गिरी, उसी की वजह से बेचारे गाँववाले, (समाज के लोग) ज़हर से दूषित होकर के मर गये।🤢🥺🤢
समाज-रुपी गाँववालों का तो काम ही है आरोप लगाना और न्याय व्यवस्था तो अब पहले जैसी रही ही नहीं है। इसीलिए सर्प को देखकर के अपने बिल तक जाना चाहिए था।🤐⚠️🤐
अगर सर्प इतना लेहराकर के चलेगी तो बाज़ की नज़र तो उसपर पड़नी ही थी ना, अब इसमें बाज़ और गाँववालों की क्या गलती थी, सारी की सारी गलती उस सर्प की ही थी।🤔🤐🤔🤐🤔


(14th August 2024)🥺🕯️👩🏻‍⚕️🕯️🤐

(28th November 2019)🥺🕯️👩🏻‍⚕️🕯️🤐

  A scaffold is a temporary structure used in construction to provide support and a safe working platform for workers pe...
28/05/2024



A scaffold is a temporary structure used in construction to provide support and a safe working platform for workers performing tasks at heights. It consists of one or more planks of varying lengths and heights, often supported by metal or wooden frames.

Purpose of Scaffolding in Construction

1. : Scaffolds provide a stable and secure platform for workers to perform tasks at heights, significantly reducing the risk of falls and accidents.

2. : They allow workers to reach areas that would otherwise be difficult or impossible to access, such as the upper floors of a building, ceilings, or exterior walls.

3. : Scaffolding enables workers to move materials and tools to the work area easily, enhancing productivity and efficiency on the job site.

4. : It can support the materials and equipment needed for the job, keeping them within easy reach of the workers and reducing the need for constant moving up and down.

5. : Scaffolds can be assembled in various configurations and heights, making them adaptable to different types of projects and work environments.

Properly erected and maintained scaffolding is crucial for the safety and efficiency of construction projects. It ensures that workers can perform their tasks effectively while minimizing the risk of injury.

Mexico से दुनिया तक—ओक्साक (Oaxaca) में एक शहद वाली चींटी🍯 है जिसे इसलिए जाना जाता है क्योंकि इसका पेट स्वादिष्ट शहद से ...
09/05/2024

Mexico से दुनिया तक—
ओक्साक (Oaxaca) में एक शहद वाली चींटी🍯 है जिसे इसलिए जाना जाता है क्योंकि इसका पेट स्वादिष्ट शहद से भरा होता है जिसे आप निकाल सकते हैं और फिर इसे छोटी चींटी में डाल देते हैं।
ओक्साक गांवों में इसे चिंदुडीस के नाम से जाना जाता है और यह एक प्रकार की चींटी है जो केवल शहद का उत्पादन करती है, इसे छत्ते में जमा करने के बजाय, अपने पेट के बगल में एक थैली उत्पन्न करती है जो मीठे स्वाद से भरी होने के साथ बाहर की ओर फूलती है, जिसे रात भर में निकाला जाता है। पुष्प रस, वे रेगिस्तानी इलाकों से संबंधित हैं और कुछ समुदायों में पाए जा सकते हैं, खासकर मिक्सटेका क्षेत्र में, जब बारिश नहीं होती है।

उन्हें अलग-अलग नामों से जाना जाता है: चिंदुडिस, टियोकोंडुडी, बोटिजस, टियोको एनटुडी (मिक्सटेको का एक प्रकार जिसका अर्थ शहद चींटी Honey Ant है), विनिटोस, बिंगुइनास, आदि, क्योंकि अलग-अलग गांवों में नाम अलग-अलग होते हैं। आपको बस दिन के दौरान थोड़ा सा खोदना होगा जहां आपको एक चींटी दिखाई देगी और आपको यह मीठा व्यंजन मिलेगा, हालांकि इसका स्वाद मीठा है लेकिन इसमें फूलों के स्वाद की एक विस्तृत श्रृंखला है।
उन्हें चोट न पहुंचाएं, आप उनके पेट से शहद निकालकर उन्हें जाने दें, रात भर में उनका पेट फिर से भर जाएगा। इसका श्रेय संबंधित स्वामियों को जाता है।

 #अजीनोमोटो  को हम इसके रासायनिक नाम  #मोनोसोडियम_ग्लूटामेट (C₅H₈NO₄Na→ ) के नाम से भी जानते है।इसको संक्षिप्त में हम  #...
01/05/2024

#अजीनोमोटो
को हम इसके रासायनिक नाम #मोनोसोडियम_ग्लूटामेट (C₅H₈NO₄Na→ ) के नाम से भी जानते है।

इसको संक्षिप्त में हम #एमएसजी_MSG नाम से भी जानते है।अजीनोमोटो की कंपनी का मुख्य कार्यालय चोओ,
टोक्यो में स्थित है। यह 26 देशों में काम करता है।
इसका इस्तेमाल ज्यादातर चीन की खाद्य पदार्थो में
खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

पहले हम अधिकांशतः घर पर बने खाने को खाते थे,
लेकिन अब लोग चिप्स, पिज्ज़ा और मैगी जैसे खाने को ज्यादा पसंद करने लगे हैं। जिनमे अजीनोमोटो का इस्तेमाल होता है।
इसका इस्तेमाल कई डिब्बाबंद फ़ास्ट फ़ूड सोया सॉस, टोमेटो सॉस, संरक्षित मछली जैसे सभी संरक्षित खाद्य उत्पादों में किया जाता है।

अजीनोमोटो (Ajinomoto) को पहली बार 1909 में जापानी जैव रसायनज्ञ किकुनाए इकेडा के द्वारा खोजा गया था।
उन्होने इसके स्वाद को मामी के रूप में पहचाना जिसका अर्थ होता है।

सुखद स्वाद…
कई जापानी सूप में इसका इस्तेमाल होता है।
इसका स्वाद थोडा नमक के जैसा होता है। देखने में यह चमकीले छोटे क्रिस्टल के जैसा होता है।
इसमें प्राकृतिक रूप से एमिनो एसिड पाया जाता है।

किन्तु!
आज दुनिया के हर कुक खाने में स्वाद को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल करते है।
एमएसजी का इस्तेमाल सुरक्षित माना गया है,
इसका इस्तेमाल पहले चीन की रसोई में होता था,
लेकिन अब ये धीरे धीरे हमारे भी घरों की रसोई में अपना पैठ बना चुका है।

अपने समय को बचाने के लिए जो हम 2 मिनट में नुडल्स को तैयार कर ग्रहण करते है इस तरह के अधिकांशतः खाद्य पदार्थो में यह पाया जाता है जो धीरे धीरे हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाते है।

यह एक प्रकार से नशे की लत जैसा होता है अगर आप एक बार अजीनोमोटो युक्त भोजन को ग्रहण कर लेते है, तो आप उस भोजन को नियमित खाने की इच्छा रखने लगेंगे।

इसके सेवन से शरीर में इन्सुलिन की मात्रा बढ़ जाती है।
जब आप एमएसजी मिले पदार्थो का सेवन करते है, तो रक्त में ग्लूटामेट का स्तर बढ़ जाता है…जिसकी वजह से इसका शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।

एमएसजी (MSG) को एक धीमा हत्यारा☠️ भी कहा जा सकता है। यह आँखों की रेटिना को नुकसान पहुंचाता है साथ ही यह थायराईड और कैंसर जैसे रोगों के लक्षण पैदा कर सकता है।

अजीनोमोटो (Ajinomoto) से युक्त खाद्य पदार्थो का अगर नियमित सेवन किया जाये तो यह माइग्रेन पैदा कर सकता है, जिसको हम अधकपाली भी कहते है। इस बीमारी में आधे सिर में हल्का हल्का दर्द होते रहता है।

एमएसजी (MSG) के अधिक सेवन से मोटापे के बढ़ने का खतरा हमेशा बना रहता है हमारे शरीर में मौजूद लेप्टिन हॉर्मोन,
हमे भोजन के अधिक सेवन को रोकने के लिए हमारे मस्तिष्क को संकेत देते है।

अजीनोमोटो के सेवन से ये प्रभावित हो सकता है जिस वजह से हम ज्यादा भोजन कर जल्द ही मोटापे से ग्रस्त हो सकते है।

खैर…फास्ट फूड के तो सभी दीवाने हैं ही !!

28/04/2024

🔕 🚭
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What is the point of voting for a government that promotes the senseless cutting of trees? Instead of enhancing the well-being of the citizens, the Municipal Corporation seems to be worsening matters. It feels as though dictatorship is being masked under the guise of democracy. Since childhood, both at home and in school, we have been taught about the significance of trees in our lives and the consequences of their absence. Yet, some corrupt individuals affiliated with political parties misuse their authority by instructing entities like the Municipal Corporation to needlessly dig up roads or chop down trees. Despite this, educated individuals, believing in the promise of reform, continue to cast their votes with pride.
Let's stand together and demand accountability from our leaders!
🌳🚫

#नो_वोट🔕 #नो_करप्शन🚭
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
ऐसी सरकार को वोट देने का क्या मतलब है जो पेड़ों की बेहूदा कटाई को बढ़ावा देती है? नगर निगम नागरिकों की खुशहाली बढ़ाने के बजाय हालात बिगाड़ता नजर आ रहा है। ऐसा लगता है जैसे लोकतंत्र की आड़ में तानाशाही को छुपाया जा रहा है। बचपन से ही, घर और स्कूल दोनों जगह, हमें हमारे जीवन में पेड़ों के महत्व और उनकी अनुपस्थिति के परिणामों के बारे में सिखाया गया है। फिर भी, राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ भ्रष्ट व्यक्ति नगर निगम जैसी संस्थाओं को अनावश्यक रूप से सड़कें खोदने या पेड़ों को काटने का निर्देश देकर अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हैं। इसके बावजूद, शिक्षित व्यक्ति, सुधार के वादे पर विश्वास करते हुए, गर्व के साथ अपना वोट डालना जारी रखते हैं।
आइए एक साथ खड़े हों और अपने नेताओं से जवाबदेही की मांग करें!
#नोवोटनोकरप्शननोडिक्टेटरशिप🌳🚫

: The views expressed in this post are solely those of the author and do not necessarily reflect the views of any organization or entity associated with them. The hashtags used are for illustrative purposes only and do not imply any endorsement or affiliation with specific movements or ideologies. Readers are encouraged to conduct their own research and form their own opinions on the topics discussed.

22/01/2024

अयोध्या धाम में श्रीराम लला की प्राण-प्रतिष्ठा एवं सदी के सबसे बड़े उत्सव के पावन अवसर पर, समस्त जन मानस को ढेर सारी बधाइयां एवं मंगलमयी शुभकामनाएं।🚩🚩🚩

स्त्रियों के अर्धनग्न और छोटे कपडो़ में घूमने पर जो लोग या स्त्रियाँ ये कहते हैं कि कपड़े नहीं सोच बदलोउन लोगों से कुछ प्...
29/10/2023

स्त्रियों के अर्धनग्न और छोटे कपडो़ में घूमने पर जो लोग या स्त्रियाँ ये कहते हैं कि कपड़े नहीं सोच बदलो
उन लोगों से कुछ प्रश्न हैं…!! आशा है आप जवाब देंगे…🙏🏻🙏🏻🙏🏻

1) #पहली_बात → हम सोच क्यों बदलें…?? सोच बदलने की नौबत आखिर आ ही क्यों रही है…??? आपके अनुचित आचरण के कारण…??? और आपने लोगों की सोच का ठेका लिया है क्या…???

2) #दूसरी_बात → आप उन लड़कियों की सोच का आकलन क्यों नहीं करते…?? कि उन्होंने क्या सोचकर ऐसे कपड़े पहने कि उसके स्तन पीठ जांघे इत्यादि सब दिखाई दे रहा है…इन कपड़ों के पीछे उसकी सोच क्या थी…?? एक निर्लज्ज लड़की चाहती है की पूरा पुरुष समाज उसे देखे, वहीँ दूसरी तरफ एक सभ्य लड़की बिलकुल पसंद नहीं करेगी की कोई उसे इस तरह से देखे।

3) अगर सोच बदलना ही है तो क्यों न हर बात को लेकर बदली जाए…??? आपको कोई अपनी बीच वाली ऊँगली का इशारा करे तो आप उसे गलत मत मानिए……सोच बदलिये…वैसे भी ऊँगली में तो कोई बुराई नहीं होती…आपको कोई गाली बके तो उसे गाली मत मानिए…उसे प्रेम सूचक शब्द समझिये………???
हत्या ,डकैती, चोरी, बलात्कार, आतंकवाद इत्यादि सबको लेकर सोच बदली जाये…सिर्फ नग्नता को लेकर ही क्यों…? क्या ये सारे कार्य अभिव्यक्ति की आज़ादी की श्रेणी में ही आते हैं…???

4) कुछ लड़कियां कहती हैं कि हम क्या पहनेगे ये हम तय करेंगे……पुरुष नहीं………
जी बहुत अच्छी बात है……आप ही तय करें…लेकिन हम पुरुष भी किन लड़कियों का सम्मान/मदद करेंगे ये भी हम तय करेंगे, स्त्रियां नहीं……और

"हम किसी का सम्मान नहीं करेंगे इसका अर्थ ये नहीं कि हम उसका अपमान करेंगे।"

5) फिर कुछ विवेकहीन लड़कियां कहती हैं कि हमें आज़ादी है अपनी ज़िन्दगी जीने की………
जी बिल्कुल आज़ादी है, ऐसी आज़ादी सबको मिले, व्यक्ति को चरस गंजा ड्रग्स ब्राउन शुगर लेने की आज़ादी हो, गाय भैंस का मांस खाने की आज़ादी हो, वैश्यालय खोलने की आज़ादी हो, पोर्न फ़िल्म बनाने की आज़ादी हो… हर तरफ से व्यक्ति को आज़ादी हो।…???

6) लड़कों को संस्कारो का पाठ पढ़ाने वाला कुंठित स्त्री समुदाय क्या इस बात का उत्तर देगा कि क्या भारतीय परम्परा में ये बात शोभा देती है की एक लड़की अपने भाई या पिता के आगे अपने निजी अंगो का प्रदर्शन बेशर्मी से करे…??? क्या ये लड़कियां पुरुषों को भाई/पिता की नज़र से देखती हैं…??? जब ये खुद पुरुषों को भाई/पिता की नज़र से नहीं देखती तो फिर खुद किस अधिकार से ये कहती हैं कि…

"हमें माँ/बहन की नज़र से देखो"…???

कौन सी माँ बहन अपने भाई बेटे के आगे नंगी होती हैं…??? भारत में तो ऐसा कभी नहीं होता था……

सत्य यह है की अश्लीलता को किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं ठहराया जा सकता। ये कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों की तरफ ले जाने वाली एक नशे की दुकान है और इसका उत्पादन स्त्री समुदाय करता है।
मष्तिष्क विज्ञान के अनुसार 4 तरह के नशों में एक नशा अश्लीलता(से…) भी है।

#आचार्य_कौटिल्य ने चाणक्य सूत्र में 'वासना' को सबसे बड़ा नशा और बीमारी बताया है ।।
यदि यह नग्नता आधुनिकता का प्रतीक है तो फिर पूरा नग्न होकर स्त्रियां पूर्ण आधुनिकता का परिचय क्यों नहीं देती…???
गली गली और हर मोहल्ले में जिस तरह शराब की दुकान खोल देने पर बच्चों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है उसी तरह अश्लीलता समाज में यौन अपराधों को जन्म देती है।इसको किसी भी तरह उचित नहीं ठहराया जा सकता है ।।
विचार करिए और चर्चा करिए……या फिर मौन धारण कर लीजिए ।।

🙂🙏🏻🙏🏻🙏🏻

 #अकबर : मुझे इस राज्य से 5 मूर्ख ढूंढ कर दिखाओ…!! #बीरबल ने खोज शुरू की।एक महीने बाद वापस आये सिर्फ 2 लोगों के साथ। #अक...
31/07/2023

#अकबर : मुझे इस राज्य से 5 मूर्ख ढूंढ कर दिखाओ…!!

#बीरबल ने खोज शुरू की।
एक महीने बाद वापस आये सिर्फ 2 लोगों के साथ।

#अकबर ने कहा मैने 5 मूर्ख लाने के लिये कहा था…!!

#बीरबल ने कहां हुजुर लाया हूँ। पेश करने का मौका दिया जाय…

आदेश मिल गया।

#बीरबल_ने_कहा— हुजुर यह #पहला_मूर्ख है। मैने इसे बैलगाडी पर बैठ कर भी बैग सर पर ढोते हुए देखा और पूछने पर जवाब मिला के कहीं बैल के उपर ज्यादा लोड
ना हो जाए इसलिये बैग सिर पर ढो रहा हुँ!!
इस हिसाब से यह पहला मूर्ख है!!

#दूसरा_मूर्ख: यह आदमी है जो आप के सामने खडा है। मैने देखा इसके घर के ऊपर छत पर घास निकली थी। अपनी भैंस को छत पर ले जाकर घास खिला रहा था। मैने देखा और पूछा तो जवाब मिला कि घास छत पर जम जाती है तो भैंस को ऊपर ले जाकर घास खिला देता हूँ।
हुजुर जो आदमी अपने घर की छत पर जमी घास को काटकर फेंक नहीं सकता और भैंस को उस छत पर ले जाकर घास खिलाता है, तो उससे बडा मूर्ख और कौन हो सकता है!!!

#तीसरा_मूर्ख: बीरबल ने आगे कहा… जहाँपनाह अपने राज्य मे इतना काम है, पूरी नीति मुझे सम्हालना है, फिर भी मै मूर्खों को ढूढने में एक महीना बर्बाद कर रहा हूॅ इसलिये तीसरा मूर्ख मै
ही हूँ।

#चौथा_मूर्ख: जहाँपनाह! पूरे राज्य की जिम्मेदारी आप के ऊपर है।
दिमाग वालों से ही सारा काम होने वाला है। मूर्खों से कुछ होने वाला नहीं है। फिर भी आप मूर्खों को ढूढ रहे हैं। इस लिये चौथा मूर्ख जहाँपनाह आप हुए।

#पांचवा_मूर्ख:जहाँपनाह! मै बताना चाहता हूँ कि दुनिया भर के काम धाम को छोड़कर। घर परिवार को छोड़कर. पढाई लिखाई पर ध्यान ना देकर, सोशल मीडिया फेसबुक पर पूरा ध्यान लगा कर और पाँचवें मूर्ख को जानने के लिए अब भी पोस्ट पढ़ रहा है वही #पाँचवा_मूर्ख है

इससे बडा मुर्ख दुनिया में कोई नहीं...!
😂😂😂

30/05/2023

अगर आर्यभट्ट ने #ज़ीरो की खोज की तो रामायण में रावण के दस सिरों की गणना कैसे हुई…?

कुछ लोग इस प्रश्न को हिंदू धर्म और " #रामायण" " #महाभारत" " #गीता" को काल्पनिक दिखाने के लिए पूछते हैं कि जब आर्यभट्ट ने लगभग 6 वीं शताब्दी मे (शून्य/ज़ीरो→ 0/0) की खोज की तो आर्यभट की खोज से लगभग 5000 हजार वर्ष पहले रामायण में रावण के 10 सिर कैसे गिने गए? और महाभारत में 100 कौरवों की संख्या कैसे गिनी गई? जब उस समय लोगों को ( ) पता ही नहीं था तो लोग नंबर कैसे गिनते थे…???

अब मैं इस प्रश्न का उत्तर दे रहा हूँ🤔❓
कृपया इसे ध्यान से पढ़ें।👇🏻👇🏻👇🏻

आर्यभट्ट से पहले दुनिया “0” ( ) को नहीं जानती थी।
आर्यभट्ट ने ही खोज की थी (शून्य/ज़ीरो → 0/0), यह एक सत्य है। लेकिन आर्यभट्ट ने "0" ( ) की खोज 'शब्दों' में नहीं, 'संख्याओं' में की थी, इससे पहले '0' अंक को शब्दों में " #शून्य" कहा जाता था। उस समय मे भी हिन्दू धर्म ग्रंथो मे जैसे #शिव_पुराण, #स्कन्द_पुराण आदि में आकाश को "शुन्य" कहा गया है। यहाँ पे "शुन्य" का अर्थ अनंत से है। लेकिन "संस्कृत" में रामायण व महाभारत काल मे गिनती संख्या में न होकर शब्दों मे होती थी।

उस समय "1,2,3,4,5,6,7,8,9,10" संख्याओं के स्थान पर 'शब्दों' का प्रयोग होता था, वह भी 'संस्कृत' के शब्द ही प्रयुक्त होते थे। जैसे:— (1 = पहला ' #प्रथम') (2 = दूसरा ' #द्वितीय') (3 = तीसरा ' #तृतीय') (4 = चौथा ' #चतुर्थ') (5 = पांचवां ' #पंचम') (6 = छठा ' #षष्टं') (7 = सातवां ' #सप्तम') (8 = आठवां ' #अष्टम') (9 = नौवां ' #नवंम') (10 = दसवां ' #दशम')।
" #दशम = दस" यानि दसवें में "10" आया, लेकिन अंक 0 (Zer0/Zer0) नहीं आया, रावण को #दशानन कहा जाता है। 'दशानन' का अर्थ है दश+आनन = 'दस सिर' अब रावण के दस सिरों की गिनती देखिए। लेकिन 0 (Zer0) संख्या नहीं आया।

इसी प्रकार महाभारत काल में " #संस्कृत" शब्द में " #कौरवों" की सौ की संख्या को "शत्-शतम" बताया गया है। ' #शत्' एक संस्कृत शब्द है, जिसका हिंदी में अर्थ सौ "100" होता है। सौ "100" को संस्कृत में शत् कहते हैं। ('शत्' = 'सौ') इस गिनती में भी अंक का "00 (दोहरा शून्य)" नहीं आया और गिनती भी पूरी हो गई। महाभारत धर्मग्रंथ में कौरवों की संख्या सौ बताई गई है।

रोमन भाषा में भी 1–2–3–4–5–6–7–8–9–10 को (i), (ii), (iii), (iv), (v), (vi), (vii), (viii), और (ix) के रूप में लिखा जाता है। जहाँ दस को (x) कहा जाता है। X = दस इस रोमन 'x' में अंक (ज़ीरो/0) नहीं आता है और हम "दस पढ़ते हैं" और "गिनती पूरी हो गई"! इस प्रकार रोमन शब्द में कहीं भी "0 (शून्य)" नहीं आता है। और आप रोमन में "एक से एक सौ" पढ़ और लिख भी सकते हैं। आपको 0 या 00 लिखने की भी आवश्यकता नहीं है।
पहले के समय में गिनती शब्दों में लिखी जाती थी। उस समय अंकों का ज्ञान नहीं था। जैसे गीता में रामायण 1"2"3"4"5"6 या शेष पाठ इस प्रकार पढ़े जाते हैं। जैसे (प्रथम अध्याय, द्वितीय अध्याय, पंचम अध्याय, दशम अध्याय...आदि!) उनका दसवाँ अध्याय अर्थात दसवां पाठ (10th Chapter/Lesson) होता है। दसवाँ अध्याय = दसवाँ पाठ इसमें 'दस' शब्द आया है। परन्तु इस दस में अंक के '0' (शून्य) का प्रयोग नहीं किया गया है।

कुछ नास्तिक लोग अपने गलत कुतर्क से हिन्दू धर्म और शास्त्रों को काल्पनिक सिद्ध करना चाहते हैं। ताकि हिन्दू समाज को हिन्दुओं के मन में हिन्दू धर्म के प्रति द्वेष भरकर तथा हिन्दू धर्म को काल्पनिक सिद्ध करके अन्य धर्मों में परिवर्तित किया जाए। लेकिन आज का हिन्दू समाज इन लोगों की धार्मिक शिक्षा को न मानने के कारण इनके झूठ को सही मान लेता है। यह हमारे धर्म और संस्कृत के लिए हानिकारक कारक है। अपनी सभ्यता पहचानें, गर्व करें की
" ातनी_हैं", " िन्दू_हैं"।

#सत्य_सनातन_धर्म_की_जय 🚩🇮🇳🚩

09/05/2023

बिखरने का मुझको, शौक़ है बड़ा 💔
समेटेगा मुझको, तू बता ज़रा ❤️‍🩹❣️
डूबती है तुझमें, आज मेरी कश्ती 💞
गुफ़तगू में उतरी बात की तरह 💓
बिखरने का मुझको, शौक़ है बड़ा 💔
समेटेगा मुझको, तू बता ज़रा ❤️‍🩹❣️

https://youtu.be/hynOvvpWAoYJDB VLOGZ  #2📹📺: DUMDUM HANUMAN MANDIR || KOLKATA || 200 साल पुराना हनुमान मंदिर कोलकाता⛪😱  ...
04/05/2023

https://youtu.be/hynOvvpWAoY

JDB VLOGZ #2📹📺: DUMDUM HANUMAN MANDIR || KOLKATA || 200 साल पुराना हनुमान मंदिर कोलकाता⛪😱

ंगबली_मंदिर ाल_पुराना हनुमान मंदिर

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JDB VLOGZ #2 On DUMDUM HANUMAN MANDIR📹: https://youtu.be/hynOvvpWAoY

कोलकाता दमदम में इस्थित हनुमानजी (बजरंगबली) का यह मंदिर 200 साल से भी ज्यादा पुराना है, जहाँ पूजा करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। यह मंदिर बहुत जागृत है, और यहाँ की खास बात यह है कि यहाँ हमें हनुमानजी की मुस्कुराती मुद्रा दिखाई देते है। यहाँ विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार को बजरंगबली की पूजा में तुलसी के पत्तों से बनी माला पहनाई जाती है। यह मंदिर बहुत साफ है और यहाँ बहुत सारे साबुत नारियलों को लाल चुनरी से मनोकामना के लिए बाँधकर के टांग दिया जाता है। इस मंदिर के पीछे भगवान_शिव का एक प्राचीन मंदिर भी है।
#समय: 5:00 पूर्वाह्न–11:00 पूर्वाह्न और 3:00 #अपराह्न–9:00 अपराह्न

#पता: 63, दमदम रोड, डागा कॉलोनी, स्पेस टाउन, बहिरगथ कॉलोनी, साउथ दमदम, पश्चिम बंगाल 700074

: https://www.facebook.com/joy.banerjee.330467

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JDB VLOGZ #2 On DUMDUM HANUMAN MANDIR📹: https://youtu.be/hynOvvpWAoY

Carve yourself something like this in the world…🏆Ones who wins feels Pride…💝 whereas ones who loses feels Regret…❤️‍🩹
13/04/2023

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Ones who wins feels Pride…💝 whereas ones who loses feels Regret…❤️‍🩹

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