Self Cab Pvt Ltd

Self Cab Pvt Ltd We provide Self Drive Car in kolkata

SELF CAB is a mobile and web based app for personal transportaion in india.SELF CAB started as an online CAB aggregator in KOLKATA and will start soon in DELHI,MUMBAI,BANGLORE,PUNJAB, RAJASTHAN etc and is among the fastest growing business in INDIA.

Year - 2011Model - Toyota FortunerFuel - DieselOwner - 2ndPrice - 8LakhContact Number - 9831576944
13/02/2022

Year - 2011
Model - Toyota Fortuner
Fuel - Diesel
Owner - 2nd
Price - 8Lakh
Contact Number - 9831576944

■ प्रसंग है किष्किंधाकाण्ड का ! वानर सेना गिद्ध से मिली, गिद्ध की आँखों के सस्पेंसरी लिगामेंट्स हरकत में आ गए और आँखों क...
03/01/2022

■ प्रसंग है किष्किंधाकाण्ड का ! वानर सेना गिद्ध से मिली, गिद्ध की आँखों के सस्पेंसरी लिगामेंट्स हरकत में आ गए और आँखों के लैंस को एक परफेक्ट जगह में होल्ड कर दिया। फिर गिद्ध ने अपने सुपर टेली जूम 1000x से देखा और सीता माता का एक्सेक्टली लोकेशन बता कर बोला - जो सौ योजन (चार सौ कोस) समुद्र लाँघ सकेगा और बुद्धिनिधान होगा, वही श्री राम का कार्य कर सकेगा !! ये कहकर जब गिद्ध चला गया, तब उन (वानरों) के मन में अत्यंत विस्मय हुआ। सब किसी ने अपना अपना बल एक्सप्लेन किया पर समुद्र के पार जाने में सभी ने संदेह प्रकट किया।

सब कन्फ्यूज थे सब अपनी शक्तियों के लेवल के बारे में सोच रहे थे कि अचानक ऋक्षराज जाम्बवन्त की नजर बाबा हनुमान पर पड़ी और और हनुमानजी से बोले जिसको तुलसी बाबा लिखतें हैं :-

कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। का चुप साधि रहेहु बलवाना॥
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना

हे हनुमान ! हे बलवान ! सुनो, तुमने यह क्या चुप साध रखी है ? तुम पवन के पुत्र हो और बल में पवन के समान हो। तुम बुद्धि-विवेक और विज्ञान की खान हो।

कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥
राम काज लगि तव अवतारा। सुनतहिं भयउ पर्बताकारा॥

जगत में कौन सा ऐसा कठिन काम है जो हे तात ! तुमसे न हो सके ? श्री रामजी के कार्य के लिए ही तो तुम्हारा अवतार हुआ है। यह सुनते ही हनुमान्जी पर्वत के आकार के (अत्यंत विशालकाय) हो गए।

उधर हनुमानजी का सेरोटोनिन मचल उठा था इधर तुलसी बाबा की कलम ✍️ बाबा लिखतें हैं आगे -

कनक बरन तन तेज बिराजा। मानहुँ अपर गिरिन्ह कर राजा॥
सिंहनाद करि बारहिं बारा। लीलहिं नाघउँ जलनिधि खारा॥
सहित सहाय रावनहि मारी। आनउँ इहाँ त्रिकूट उपारी॥
जामवंत मैं पूँछउँ तोही। उचित सिखावनु दीजहु मोही।

बाबा लिखतें हैं हनुमानजी का सोने सा रंग है, शरीर पर तेज सुशोभित है, मानो दूसरा पर्वतों का राजा सुमेरु हो। हनुमानजी ने बार-बार सिंहनाद करके कहा - मैं इस खारे समुद्र को खेल में ही लाँघ सकता हूँ !! और सहायकों सहित रावण को मारकर त्रिकूट पर्वत को उखाड़कर यहाँ ला सकता हूँ। हे जाम्बवान ! मैं तुमसे पूछता हूँ, तुम मुझे उचित सीख देना कि मुझे क्या करना चाहिए।

तो हनुमानजी को अपने बल और बुद्धि का एहसास हो गया था लेकिन आपको नहीं हो रहा है, क्योंकि जामवन्त जैसा जानकर आपको जागरूक करने को पास नहीं है !!

जामवन्त ने जागरूक किया था बाबा हनुमान को और मैं चाहती हूँ कि आप खुद के ही जामवन्त बन जाओ 🙏

वो सतयुग था उनके पास सबसे महत्त्वपूर्ण गदा थी, आपके पास सेंट्रल नर्वस सिस्टम का सबसे बलवान न्यूरोट्रांसमीटर GABA है जिसे गामा अमीनोब्यूटायरिक एसिड कहतें हैं। आप जानबूझकर अपने इस इनहिबिटरी न्यूरोट्रांसमीटर के बल को बढ़ा नहीं रहे हो !!

कौन नहीं चाहता कि कुदरत के सहयोग से उसका रोग ऐसा कटे कि फिर दोबारा दिखायी न दे। लेकिन कुदरती तरीक़े से रोग-नियन्त्रण के साथ कुछ बातें समझनी ज़रूरी हो जाती हैं। इसको सबसे कुदरती तरीके से बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका व्यायाम की होती है जो आपसे होता नहीं और कुछ न्यूट्रिनेंट्स और प्रोबायोटिक्स वाली डाइट्री की जो आप खाते नहीं हो 😠

हनुमानजी का पूरी कहानी में क्या क्या रोल था ये सबको पता है, अब इस GABA का मैं बता दूँ अगर ये कम हुआ मतलब इसकी डिफिसियसी हुई आपकी बॉडी में तो ये Anxiety Panic attacks, Seizure, Headaches जैसी बीमारियों का जनक होगा..!!

सबसे पहले स्वीकृति करनी है सत्य की। मानना है कि आपको घबराहट है और यह एक बड़ा मारक रोग है। फिर 'दवा ही खाऊँगा' की रट छोड़नी है। सोचने के साथ भी जानना ज़रूरी है। जानेंगे तो सोच पाएँगे। जानेंगे ही नहीं तो जब पहली बार सोचने को कहा जाएगा, तो हँसी आएगी। यह हँसी अनभिज्ञता की हँसी है। हँसिए, लेकिन पढ़ते-जानते-समझते हुए हँसिए। और फिर अन्त में गम्भीर हो कर युद्ध के लिए चलिए, लेकिन एकदम आहिस्ता-आहिस्ता ठण्डी साँसों के साथ बिना घबराहट।

शरीर में बनता GABA प्राकृतिक है, दवाई के सहारे बना न्यूरोट्रांसमीटर उसकी नकल। हम प्रयास करते हैं कि रोगियों को उनकी सामान्य आन्तरिक प्रकृति के नज़दीक पहुँचा सकें और उनकी दैहिक क्रियाएँ सामान्य हो जाएँ। लेकिन हम चाह कर भी पूरी तरह उन्हें सामान्य नहीं कर सकते : कारण कि बाहर से दी गयी गोलियाँ-इंजेक्शन प्राकृतिक न्यूरोट्रांसमीटर्स की बराबरी नहीं कर सकते।

GABA न कोई देवी है, न देवता। वो आपके CNS में हर जगह है और उसका ब्रेन में मेजर रोल है। वह घटा है, क्योंकि आपने अपनी बाहर-भीतर की कुदरत बदल दी है। खानपान बदल दिया है, रहन-सहन बदल दिया है, आदतें बदल दी हैं। और आपको कुदरती तरीके से सब रोग खत्म करने है Woha सालो 😂

सन 1672 से कह रही हूँ न आपको की कसरत रोज करो। रोज़। लगातार। कोई बहाना नहीं। आप करते जाएँगे, शरीर बेहतर होता जाएगा। आसान व्यायामों से शुरू करिए, धीरे-धीरे स्तर बढ़ाइए। अपने आप शरीर बेहतर होगा। न्यूरोट्रांसमीटर्स इनक्रीज होते जाएंगे। कमर का घटता घेरा बीपी शुगर और मोटापे के लेवल को नीचे लाने में मदद करेगा।

बाजारू खाद्य पदार्थों का सेवन कम या बन्द ही कर दो, तेल, तले हुई चीजें कम कर लो, दोपहर और की कॉफी बन्द कर दो ये आपके इनसोम्निया का कारण बन सकती है, घर में सीढियां होगी ? चढो-उतरो 20-30 बार, कार्डियो कसरत नही आती तो यूट्यूब से देख के सिख लो। हरि सब्जियां, दालें, सलाद भरपूर बढा लो। हर बार ड्रग के भरोसे विकलांग मत बनो। जागरूक बनो सालो। सबके जीवन में जामवन्त नही आएंगे !

याद रखिए - प्रकृति स्वास्थ्य है, तो प्रकृति रोग भी है। रोग से मनुष्य ने लड़कर जीवन जीता है। अन्यथा प्रकृति तो आपकी मृत्यु कब की चाह चुकी थी।

जय बजरंगबली 🙏 शुभरात्रि 🌹
मोनिका

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥अणिमा लघिमा महिमा गरिमा प्राप्ति प्राकाम्...
14/10/2021

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

अणिमा लघिमा महिमा गरिमा प्राप्ति प्राकाम्य ईशित्व और वशित्व इन आठ सिद्धियों को देने वाली माता सिद्धिदात्री नवरात्र पूजन का चरम भाव हैं।

आइये,महानवमी को जगा कर जगत में चेतना का संचार करें,
बधाई एवं शुभकामनाएं🙏🚩🌹

07/10/2021

सर्व मंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरन्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते।।

नारायणी (माँ शैलपुत्री),आप सब प्रकार का मंगल प्रदान करने वाली मंगलमयी हो, कल्याणदायिनी शिवा हो, सब पुरुषार्थो को सिद्ध करनेवाली, शरणागतवत्सला आपके चरणों में प्रणाम हो🙏🌺

आप सभी को नवरात्रि के पहले दिन की राम राम 🚩🙏💐

श्रीराम नवमी की बहुत बहुत बधाईभगवान श्रीराम आप सबकी रक्षा करें🚩
21/04/2021

श्रीराम नवमी की बहुत बहुत बधाई
भगवान श्रीराम आप सबकी रक्षा करें🚩

आप सभी को 🚩भारतीय नववर्ष 2078 विक्रमसंवत व चैत नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनायें 🙏हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान हैं !🚩
13/04/2021

आप सभी को 🚩भारतीय नववर्ष 2078 विक्रमसंवत व चैत नवरात्रि की बहुत बहुत शुभकामनायें 🙏

हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान हैं !🚩

एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक कैसे करें: किसी भी जगह पर जाने के लिए सबसे पहला कदम होता है उस जगह के बारे में अच्छी तरह से जानका...
05/03/2021

एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक कैसे करें:

किसी भी जगह पर जाने के लिए सबसे पहला कदम होता है उस जगह के बारे में अच्छी तरह से जानकारी बटोर लेना। अक्सर लोग कहते हैं कि उन्हें बिना किसी तरह की प्लैनिंग के घूमना पसंद है पर बात जब एवरेस्ट बेस कैंप चढ़ने की हो तो ये कदम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यह ट्रेक बाकी ट्रेक्स की तरह कोई आम ट्रेक नहीं है। इस ट्रेक को पूरा करने के लिए आपको कुछ 130 किलोमीटर चलना होगा पर इतना चलने के बाद जब माउंट एवरेस्ट अपनी बाहें खोल कर आपके सामने खड़ा होगा, आप अपनी सारी थकान भूल जाएंगे।

इंटरनेट पर एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक से जुड़ी जानकारी लिए तमाम साइट्स मिल जाएंगी। इस गाइड में मुख्यता 4 भाग हैं जो कि एवरेस्ट कैंप ट्रेक के लिए सबसे जरूरी हैं।

1. बजट

एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक एक काफी महंगी ट्रेक है। तो अगर आप इस ट्रेक पर जाने का मन बना रहें हैं तो अपनी जेब ढीली करने के लिए तैयार रहिएगा। बहुत सारी ट्रैवल कंपनियां हैं जो कि इस ट्रेक पर ले जाने के लिए पूरा पैकेज ऑफर करती हैं। इनके पैकेज लेने पर लगभग 1 लाख रुपए तक का खर्च आता है। अगर आप पहली बार इतनी लंबी ट्रेक पर जा रहें हैं तो मेरी मानिए किसी ट्रैवल कंपनी के साथ ही जाना चाहिए। इससे आप टेंशन फ़्री हो कर सिर्फ ट्रेक पर ध्यान दे सकते हैं। हालांकि इन कंपनियों के पैकेज अक्सर महंगे होते हैं क्योंकि हर खर्च के साथ इसमें कुछ हिस्सा कंपनी का प्रॉफिट भी होता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यहां आपको पैकेज के दाम के अलावा और ऊपर से भी कुछ पैसे देने होंगे। जैसे काठमांडू से लुक्ला तक का प्लेन का किराया। ट्रेक करने के लिए काठमांडू से आपको एक परमिट लेना होता है जिसके पैसे आपको खुद से ही भरने होंगे। इन सबके अलावा सागर मथा नेशनल पार्क में घुसने की फ़ीस भी आपको अपनी ही जेब से देनी होगी। यह सब खर्च ज़रूरी भी हैं क्यूंकि इन सबके बिना आप इस ट्रेक पर नहीं जा पाएंगे।

अगर आप किसी ट्रैवल कंपनी के साथ नहीं जाना चाहते हैं और अपने आप से इस ट्रेक पर जाना चाहते हैं तब भी लगभग 70 हज़ार से 80 हज़ार तक का खर्च उठाने के लिए तैयार रहिएगा। हालांकि खुद से किसी भी ट्रेक पर जाने का अपना अलग ही मज़ा है। सारी प्लैनिंग आपकी अपनी होती है जिसका भी एक अलग ही रोमांच है। पर यदि आप अपने आप से इस ट्रेक पर जा रहें हैं तो कुछ बातें हैं जिन पर ध्यान देना ज़रूरी हो जाता है। यह ट्रेक मुश्किल नहीं है पर इसका मतलब यह नहीं है कि यह आसान ट्रेक है। एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक के लिए मेरी मानिए तो अपने साथ हर समय एक गाइड ज़रूर रखिए। पहाड़ों में अक्सर लगता है कि सीधे रास्ते हैं इसलिए खो जाने का डर नहीं है पर ऐसा नहीं होता है। पहाड़ जितने अच्छे दोस्त होते हैं उससे कहीं ज़्यादा घातक दुश्मन साबित हो सकते हैं।

इसके अलावा आपको अपना सामान उठाने के लिए मदद की जरूरत होगी। इसलिए आपके कुछ पैसे पोर्टर पर भी खर्च होंगे। इन्हे पैसे देने में कतराइएगा एकदम नहीं क्यूंकि आपका शौक यहां के लोगों के लिए इनकी जीविका चलाने का साधन है। ट्रैवल कंपनी के साथ जाने में एक और फ़ायदा भी है। इनके ट्रेक पैकेज में आपको वो सभी उपकरण भी दिए जाते हैं जो आपको इस ट्रेक को पूरा करने के लिए चाहिए होंगे और आपके रहने खाने की जगह तय होती है। अपने आप की प्लैनिंग में यह भी एक चीज है जिस पर आपको ख़ास ध्यान देना होगा। बाकी रहने खाने की व्यवस्था करनी होगी सो अलग।

2. कैसे करें पैकिंग?

घुमक्कड़ों की अक्सर आदत होती है एकदम आखिरी मिनटों में पैकिंग करने की। इससे होता यह है कि हम जरूरत से ज़्यादा चीज़ें लेकर यात्रा पर निकल पड़ते हैं। ऐसी चीजें जिनकी आपको शायद जरूरत भी ना हो। मेरी मानिए तो एवरेस्ट बेस कैंप की ट्रेक में यह गलती एकदम मत करिएगा। एडवांस में ही अपना रग्सैक पैक कर लें। अब सवाल ये आता है कि इतने लंबे ट्रेक के लिए क्या लें जाएं और क्या नहीं। क्यूंकि यह एक अच्छी ऊंचाई वाली ट्रेक है पैकिंग में आपको बहुत सोच समझ कर कपड़े रखने होंगे। जिससे आपका बैग भी ज़्यादा भारी ना हो और आप सारा सामान भी रख लें। एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक पर 2 बैग ले जाना उचित होगा। एक छोटा बैग जो कि ट्रेक करते समय आपके पास रहेगा और दूसरा आपका रग्सैक जो पोर्टर ऊपर तक पहुंचाएंगे।

छोटे बैग में यह रखें :

- बफ़ जो एक मास्क कि तरह होता है और धूप से बचने के लिए बहुत ज़रूरी है

- धूप से बचने के लिए टोपी और क्रीम

- हेड लैंप

- केमल बैक बॉटल जिसमें आप पानी स्टोर करेंगे

- एक बॉटल जिसमें यदि फिल्टर करने का सिस्टम हो तो ज़्यादा बेहतर रहेगा

- प्रोटीन चॉकलेट

- बारिश के बचने के लिए रेन जैकेट या पोंचो

रग्सैक में :

- स्लीपिंग बैग। ध्यान रहे कि आपका स्लीपिंग बैग -8 डिग्री तक का तापमान सह सके

- ट्रेक्किंग के लिए जूते और साथ ही कोई नॉर्मल जूते

- फ्लीस जैकेट। अगर आपको ज़्यादा ठंड लगती है तो आप दो भी रख सकते हैं

- डाउन जैकेट

- 3 से 4 जोड़ी थर्मल

- 5-6 टीशर्ट। यह टीशर्ट ड्राई फिट हों तो अच्छा रहेगा

- ट्रेक्किंग पैंट

- गर्म टोपी, ग्लव्स (वॉटरप्रूफ और नॉर्मल) और मोजे

आपके रग्सैक का वज़न 12-13 किलो से ज़्यादा ना हो वरना आपको इसके भी अलग से पैसे देने पड़ेंगे।

3. क्या रास्ता लें?

वैसे तो इस ट्रेक को पूरा करने के लिए 2-3 रास्ते हैं पर क्यूंकि यह एक अच्छी ऊंचाई वाली ट्रेक है इसलिए सबसे सीधा रास्ता लेना सही रहेगा। अगर आप पहले भी ऐसे ही किसी ट्रेक पर जा चुके हैं तो आप अपने मन के अनुसार कोई भी रास्ता चुन सकते हैं। सीधे रास्ते से जाने में आपको बाकी दूसरे रास्तों की तुलना में प्रकृति सुंदरता शायद कुछ कम देखने को मिले पर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यही रास्ता सबसे बेस्ट है।

Day 1
काठमांडू
पहले दिन काठमांडू (1400 मीटर) पहुंचे। यहां से आपको लुक्ला (2860 मीटर) के लिए प्लेन लेना होगा। वैसे तो आप काठमांडू से लुक्ला तक सड़क के रास्ते से भी आ सकते हैं पर उसके लिए आपको तीन दिन एक्स्ट्रा लग जाएंगे। उसमे भी काठमांडू से लुक्ला के लिए सीधी सड़क नहीं है। आपकी गाड़ी कुछ दूर तक ही आ पाएगी जिसके बाद आपको हाईक करके लुक्ला पहुंचना पड़ेगा।

Day 2
दूसरे दिन लुक्ला से चलकर फाकदिंग (2610 मीटर) पहुंचिए। लुक्ला से फाकड़िंग का रास्ता लगभग तीन घंटे का है। बेहतरीन नजरों से भरा ये रास्ता आपको थकने का मौका नहीं देगा।

Day 3
इस दिन नामचे बाज़ार ( 3440 मीटर) आइए। फाकडिंग से नामचे बाज़ार का रास्ता थोड़ा लंबा और कठिन है। रास्ते में आपको एक सस्पेंशन पुल और एक चेक प्वाइंट भी मिलेगा। एक बार आप चेक प्वाइंट पहुंच जाइए फिर यहां से नमचे बाज़ार बस 10 मिनट की दूरी पर है।

Day 4
यह एक लम्बी और थका देने वाली ट्रेक है इसलिए समय समय पर शरीर को आराम देना बहुत ज़रूरी है। इसलिए ये दिन आराम करने के लिए रखिए। हमारे शरीर को इतनी ऊंचाई की आदत नहीं होती है और यहां तक आ कर धीरे-धीरे ऑक्सीजन का स्तर भी कम होना शुरू हो चुका रहेगा। इसलिए ख़ास कर ट्रेक करते समय सेहत का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है।

Day 5
यात्रा के पांचवे दिन नामचे बाज़ार से निकल कर देबुचे आइए। देबूचे आने के लिए चढ़ाई करने को तैयार रहिएगा।

Day 6
इस दिन तक आपको देबुचे से चल कर दिंगबोचे आ जाना चाहिए। चल कर क्यूंकि डेबूचे से यहां तक का रास्ता ज़्यादा कठिन नहीं है। यहां पहुंचने में आपको तीन घंटे लग सकते हैं। पर क्यूंकि रास्ता सीधा है इसलिए आपको ज़्यादा परेशानी नहीं होनी चाहिए।

Day 7
इस दिन को फिर से आराम करने के लिए रखिए। दिंगबोच एक छोटा सा गांव है पर क्योंकि यह ट्रेक के रास्ते में आता है इसलिए यह गांव बहुत विकसित हो गया है। चाहें तो यहां पैदल घूमिए। लोकल बेकरी में केक का स्वाद लीजिए। वैसे इतनी ऊंचाई पर केक खाने का भी अपना अलग ही मज़ा है।

Day 8
इस दिन लोबुचे ( 6119 मीटर) के लिए निकलिए। दींगबोचे से यहां तक का सफर थका देने वाला है। इसलिए उचित यही रहेगा की आपको पिछले दिन अच्छे से आराम कर लेना चाहिए। रास्ते में आपको कई ऐसी चीजें मिलेंगी जिनको देख कर आप आश्चर्य में पड़ जाएंगे।

Day 9

लोबूचे से गोरक्षेप के लिए चलिए आज। आपको यहां तक आने में 6 घंटे तक का समय लग जाएगा। पर क्यूंकि रास्ता ज़्यादा मुश्किल नहीं है इसलिए थकान कुछ कम होगी। गोरक्षेप पहुंच कर कुछ देर रुक कर आराम कर लेना चाहिए। यह आपकी यात्रा का आखरी पड़ाव है। इसके बाद बस एक घंटे की चढ़ाई बचती है और उसके बाद आपकी आंखों के सामने वो होगा जिसके लिए आप इतनी लंबी ट्रेक करके आ रहें हैं।

एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने के बाद आप चाहें तो काला पत्थर ट्रेक भी कर सकते हैं। मेरी मानिए तो आपको ये ट्रेक ज़रूर करनी चाहिए। बेस कैंप की तुलना में यहां से माउंट एवरेस्ट ज़्यादा बेहतर दिखाई देता है। एवरेस्ट बेस कैंप पर ज़्यादा समय के लिए रहने का ऑप्शन नहीं है। इसकी वजह से कम ऑक्सीजन लेवल और हाई अल्टिट्यूड। इसलिए यहां कुछ देर रहने और यहां के नजरों को मन भर देख लेने के बाद आपको उसी दिन वापस गोरक्षेप के लिए निकल जाना होगा।

इन बातों का रखें ध्यान:

1. इस ट्रेक पर जाने से पहले एक ट्रैवल इनश्योरेंस ज़रूर करवा लें

2. काठमांडू के बाद आपको ए टी एम् मिलने बंद हो जाएंगे इसलिए अपने पास पर्याप्त पैसे रखें

3. एक दिन में 400 से 500 मीटर से ज़्यादा की चढ़ाई ना करें

4. हर 600- 800 मीटर के बाद एक दिन आराम करने के लिए रखें

5. कोशिश कीजिए ट्रेक करते समय वेजेटेरियन खाना ही खाएं। यहां खाने के बहुत सारे ऑप्शन मिल जाएंगे पर वो महंगे और बासी हो सकते हैं

6. अपने साथ कुछ दवाइयां ज़रूर रख लें

7. अगर आपके पास फिल्टर बॉटल नहीं है तो आप अपने पास पानी साफ करने वाली टैबलेट भी रख सकते हैं

8. ट्रेक पर जाने से पहले एक्यूट माउंटेन सिकनेस के बारे अच्छी तरह से ज़रूर पढ़ लेना चाहिए।

28/01/2021

Lharunghar

27/01/2021

कभी कभी चीन भी अच्छा लगता हैं

गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत बधाई 🇮🇳💐❤️
26/01/2021

गणतंत्र दिवस की बहुत बहुत बधाई 🇮🇳💐❤️

25/01/2021

Just wow

OMG....How beautiful it is! 💓The magical Sri Krishna Mandir in Patan Durbar Square, Nepal. It is said that one night, th...
26/11/2020

OMG....How beautiful it is! 💓

The magical Sri Krishna Mandir in Patan Durbar Square, Nepal.

It is said that one night, the great Malla kings Siddhi Narasingh dreamt that Bhagwan Sri Krishna & Srimati Radha were standing in front of the royal palace.

The King ordered a temple to be built on the same spot.

Please Visit by Self Cab Pvt Ltd

Address

BA 33, PRAFULLA KANAN, KESTOPUR
Kolkata
700101

Opening Hours

Monday 7am - 9pm
Tuesday 7am - 9pm
Wednesday 7am - 9pm
Thursday 7am - 9pm
Friday 7am - 9pm
Saturday 7am - 9pm
Sunday 7am - 9pm

Telephone

9831576944

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Self Cab Pvt Ltd posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Self Cab Pvt Ltd:

Share

Category