22/09/2025
नवरात्री पर विशेष
प्रथम दिवस
हरित नवरात्रि
सर्वमंगला मंदिर, कोरबा (छत्तीसगढ़) एक प्रसिद्ध देवी मंदिर है, जिसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से खास पहचान है।
---
इतिहास और स्थापत्य
1. संस्थापक व समय
कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग सन् 1898 (लगभग 124 साल पहले) बनाया गया था।
मंदिर का निर्माण कोरेश के एक जमींदार राजेश्वर दयाल के पूर्वजों द्वारा कराया गया था।
2. देवी की उपासना
देवी दुर्गा को यहाँ “माँ सर्वमंगला” के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर कोरबा की प्रथम आराध्य देवी है।
3. स्थान एवं भूगोल
मंदिर हसदेव नदी के किनारे स्थित है।
एक गुफा है जो मंदिर के पास /नदी के पास होती है और दूसरी तरफ निकलती है। ऐसी मान्यता है कि रानी धनराज कुंवर देवी इस गुफा का इस्तेमाल कर मंदिर आने-जाने के लिए करती थीं। (वर्तमान मे गुफा को रेल विभाग द्वारा नये रेल लाइन बिछाने के दौरान मिट्टी से भर दिया गया है )
4. पौधा-वृक्ष और लोक आस्था
मंदिर परिसर में एक बहुत पुराना वट वृक्ष है, जिसे मन्नत पूरी करने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि यह लगभग 500 वर्ष पुराना है।
अतीत में इस वृक्ष के नीचे हाथी विश्राम करते थे और मयूर भी आते थे।
---
धार्मिक एवं सामाजिक महत्व
1. त्योहारों में भूमिका
नवरात्रि के समय यहाँ व्यापक पूजा-आराधना की जाती है। विशेष रूप से चैत्र नवरात्र और महानवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति होती है।
2. आस्था एवं परंपराएँ
भक्त अक्सर चुनरी चढ़ाने की परंपरा निभाते हैं। उदाहरण के लिए, एक वर्ष माता को 301 मीटर लंबी चुनरी चढ़ाई गई थी,
एक अन्य परंपरा है हर मास की पूर्णिमा को "नमामि हसदेव" नामक संस्था द्वारा सर्वामंगला घाट पर हसदेव नदी की महाआरती का आयोजन किया जाता है
3. स्थानीय इतिहास
मंदिर को “कोरबा जमींदारी” से जोड़कर देखा जाता है। कोरेश जमींदारों और ख़ासकर इसके झिलमिलाते इतिहास के लोगों ने इसका निर्माण करवा कर देवी को अपनी कुलदेवी के रूप में मान्यता दी।
📍 कैसे पहुँचें
वायु मार्ग: रायपुर का स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 200 किमी)
रेल मार्ग: कोरबा रेलवे स्टेशन (लगभग 5 किमी)
सड़क मार्ग: कोरबा बस स्टैंड (लगभग 5 किमी)
आप गूगल मैप के द्वारा भी जा सकते हैं. 👇
https://maps.app.goo.gl/vNNWu5jh3jHY5aKA7
सहयोग सोशल मिडिया और कोरबा जिला प्रशासन
कोरबा
इस वर्ष कोरबा नगर निगम द्वारा सर्वमंगला मंदिर परिसर को नवरात्री के दौरान प्लास्टिक फ्री जोन घोषित किया है.
सभी प्लास्टिक नामक दानव को परिसर मे अपना पाँव पसारने न दें।
संकलन:-शैलेन्द्र कुमार नामदेव, कोरबा
पर्यावरण संरक्षण के लिये
पेड़ लगायें, जल बचायें, प्लास्टिक हटायें