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अपना कोरबा -107कोरबा मे अनेकों स्थान हैं जहाँ कभी भी पिकनिक मनाने जा सकते हैं.एक ही स्थान मे अनेकों बार, बार बार जा सकते...
03/01/2026

अपना कोरबा -107
कोरबा मे अनेकों स्थान हैं जहाँ कभी भी पिकनिक मनाने जा सकते हैं.
एक ही स्थान मे अनेकों बार, बार बार जा सकते हैं. हर बार नये तरीके से उस स्थान मे मस्ती मौज कर सकते हैं

ऐसा ही स्थान है
"अरेतरा"
जो बालको -लेमरू मार्ग मे कोरबा से लगभग 35 किलोमीटर मे है इस स्थान मे दो नदियों ( नदियों इसलिए लिख रहा इनमे बारह महीने पानी रहता है )सरई और चोरनई का संगम है, अब संगम का महत्व सब जानते हैं।
इस स्थान को नये अंदाज मे देखें

नवरात्री पर विशेषप्रथम दिवस हरित नवरात्रि सर्वमंगला मंदिर, कोरबा (छत्तीसगढ़) एक प्रसिद्ध देवी मंदिर है, जिसकी ऐतिहासिक, ...
22/09/2025

नवरात्री पर विशेष
प्रथम दिवस
हरित नवरात्रि

सर्वमंगला मंदिर, कोरबा (छत्तीसगढ़) एक प्रसिद्ध देवी मंदिर है, जिसकी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से खास पहचान है।
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इतिहास और स्थापत्य

1. संस्थापक व समय
कहा जाता है कि यह मंदिर लगभग सन् 1898 (लगभग 124 साल पहले) बनाया गया था।
मंदिर का निर्माण कोरेश के एक जमींदार राजेश्वर दयाल के पूर्वजों द्वारा कराया गया था।

2. देवी की उपासना
देवी दुर्गा को यहाँ “माँ सर्वमंगला” के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर कोरबा की प्रथम आराध्य देवी है।

3. स्थान एवं भूगोल

मंदिर हसदेव नदी के किनारे स्थित है।

एक गुफा है जो मंदिर के पास /नदी के पास होती है और दूसरी तरफ निकलती है। ऐसी मान्यता है कि रानी धनराज कुंवर देवी इस गुफा का इस्तेमाल कर मंदिर आने-जाने के लिए करती थीं। (वर्तमान मे गुफा को रेल विभाग द्वारा नये रेल लाइन बिछाने के दौरान मिट्टी से भर दिया गया है )

4. पौधा-वृक्ष और लोक आस्था
मंदिर परिसर में एक बहुत पुराना वट वृक्ष है, जिसे मन्नत पूरी करने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि यह लगभग 500 वर्ष पुराना है।
अतीत में इस वृक्ष के नीचे हाथी विश्राम करते थे और मयूर भी आते थे।

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धार्मिक एवं सामाजिक महत्व

1. त्योहारों में भूमिका
नवरात्रि के समय यहाँ व्यापक पूजा-आराधना की जाती है। विशेष रूप से चैत्र नवरात्र और महानवमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति होती है।

2. आस्था एवं परंपराएँ

भक्त अक्सर चुनरी चढ़ाने की परंपरा निभाते हैं। उदाहरण के लिए, एक वर्ष माता को 301 मीटर लंबी चुनरी चढ़ाई गई थी,
एक अन्य परंपरा है हर मास की पूर्णिमा को "नमामि हसदेव" नामक संस्था द्वारा सर्वामंगला घाट पर हसदेव नदी की महाआरती का आयोजन किया जाता है

3. स्थानीय इतिहास
मंदिर को “कोरबा जमींदारी” से जोड़कर देखा जाता है। कोरेश जमींदारों और ख़ासकर इसके झिलमिलाते इतिहास के लोगों ने इसका निर्माण करवा कर देवी को अपनी कुलदेवी के रूप में मान्यता दी।

📍 कैसे पहुँचें

वायु मार्ग: रायपुर का स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (लगभग 200 किमी)

रेल मार्ग: कोरबा रेलवे स्टेशन (लगभग 5 किमी)

सड़क मार्ग: कोरबा बस स्टैंड (लगभग 5 किमी)
आप गूगल मैप के द्वारा भी जा सकते हैं. 👇
https://maps.app.goo.gl/vNNWu5jh3jHY5aKA7

सहयोग सोशल मिडिया और कोरबा जिला प्रशासन
कोरबा

इस वर्ष कोरबा नगर निगम द्वारा सर्वमंगला मंदिर परिसर को नवरात्री के दौरान प्लास्टिक फ्री जोन घोषित किया है.
सभी प्लास्टिक नामक दानव को परिसर मे अपना पाँव पसारने न दें।

संकलन:-शैलेन्द्र कुमार नामदेव, कोरबा

पर्यावरण संरक्षण के लिये
पेड़ लगायें, जल बचायें, प्लास्टिक हटायें

05/09/2025

अपना कोरबा -106(2)
कोरबा - राताखार - प्रगतिनगर मार्ग मे जीवन दायिनी
"पावन हसदेव "
पर सर्वेश्वर एनिकट मे सुंदर दृश्य
बारिश का पानी झर झर करते बहते हुये.

अपना कोरबा -106कोरबा - राताखार - प्रगतिनगर मार्ग मे  जीवन दायिनी "पावन हसदेव "पर सर्वेश्वर एनिकट मे सुंदर दृश्यबारिश का ...
05/09/2025

अपना कोरबा -106
कोरबा - राताखार - प्रगतिनगर मार्ग मे जीवन दायिनी
"पावन हसदेव "
पर सर्वेश्वर एनिकट मे सुंदर दृश्य
बारिश का पानी झर झर करते बहते हुये.

अपना कोरबा -105तुर्री धाम डोंगाआमा कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर पर  उरगा - हाटी मार्ग मे ग्राम सालिहाभाठा से ...
08/04/2025

अपना कोरबा -105

तुर्री धाम
डोंगाआमा

कोरबा जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर पर उरगा - हाटी मार्ग मे ग्राम सालिहाभाठा से लगभग 3 किलोमीटर पर है
ग्राम डोंगाआमा,

इसी ग्राम मे एक छोटी सी पहाड़ी के निचे है प्राकृतिक श्रोत जिसमे पुरे वर्ष भर पानी क़ी एक धार निरंतर बहते रहता है.इस स्थान मे एक कुंड बना हुआ है जिसमे से जल क़ी धार निकलता है.इसे ग्राम वासी तुर्री धाम के नाम से जानते हैं.
पानी जड़ी बुटियों से युक्त है.
आसपास, जामुन, सरई के पेड़ हैं,जल प्रवाह से यहाँ एक झील बना हुआ था और दलदल भी था अब सूख चुका है,
मनोरम स्थल है माता दुर्गा और शिव जी, हनुमान जी का मंदिर है.
सभी प्रकार के वाहन से जा सकते हैं.
गांव के बुजुर्गो से पता चलता है के सैकड़ों वर्ष पहले इस स्थान मे जल बहुत ही तीव्र गति से निकलता था जिसमे से एक डोंगा (नाव ) निकला था जो बाद मे एक आम के पेड़ मे बदल गया और उसका चप्पू एक विशाल सेमर के पेड़ मे बदल गया, वर्तमान मे सेमल पेड़ है, आम का पेड़ नहीं है.

आप 👇इस लोकेशन को ट्रेक करके भी जा सकते हैं
22.244211,82.847581

अपना कोरबा -104कोरबा लेमरू अरेतरा मार्ग मे लेमरू से लगभग 3.5 किलोमीटर पर केउबाहर के पास चोरनई नदी और नकिया से आने वाली क...
05/10/2024

अपना कोरबा -104

कोरबा लेमरू अरेतरा मार्ग मे लेमरू से लगभग 3.5 किलोमीटर पर केउबाहर के पास चोरनई नदी और नकिया से आने वाली केउबाहर नदी का संगम।
जहाँ आप पायेंगे
Just like गोवा या कोई समुद्र तट और बिना खतरा के आसानी से बच्चे भी जल क्रीड़ा कर सकते हैँ।
कैपिंग, ट्रेकिंग पिकनिक कर सकते हैँ। 100 मीटर दौड़ लगा सकते हैँ।
जाने मे सुगम, कुछ पगडंडी कुछ रेत

अपना कोरबा -103कोरबा -सतरेंगा  मार्ग की प्राकृतिक छटा
04/08/2024

अपना कोरबा -103
कोरबा -सतरेंगा मार्ग की प्राकृतिक छटा

अपना कोरबा -102कोरबा विविधताओं से भरा हुआ है खनिज, जल, जंगल जड़ी बूटीयाँ, पहाड़, विद्युत संयंत्र, अंतरिक्ष तक पहुँच वाला अ...
07/05/2024

अपना कोरबा -102
कोरबा विविधताओं से भरा हुआ है
खनिज, जल, जंगल
जड़ी बूटीयाँ, पहाड़, विद्युत संयंत्र, अंतरिक्ष तक पहुँच वाला अल्यूमिनियम कम्पनी और न जाने क्या क्या।
वनस्पति मे कभी पीले टेसू भी मिलते हैँ
आज मैं दिखाता हूं झारुल गुलाबी फूल वाले।
झारुल समान्य रूप मे बैगनी रंग के होते हैँ पर एक स्थान मे गुलाबी झारुल मिले हैँ। तो आपकी ओर है "गुलाबी वाले झारुल "
स्थान है दर्री

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NIHARIKA KOSABADI
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495677

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