16/11/2025
🔴 कुल्लू में बेटी ने दी अपने पिता को मुखाग्नि
🔴 पिता ने हमें परियों की तरह पाला हमारा भी फर्ज बनता है इन्हे बेटे की कमी न होने दे : बेटी रेखा,,,,,,
भुंतर, 16 नवंबर। कुल्लू रामशिला निवासी गुलजारी लाल के निधन के बाद उनकी बेटी रेखा ने अपने पिता को मुख्यग्नि देकर बेटी और बेटे का कर्तव्य निभाया। गुलजारी लाल की चार बेटियां रेखा, अन्नू, मीना व पूजा है लड़का कोई नहीं। सभी बेटियां पिता के अंतिम संस्कार को लेकर कुल्लू के भूतनाथ शमशान घाट तक पहुंची और अंतिम संस्कार की सभी रस्मे निभाई । हालांकि चारों बेटियों की शादियां हो चुकी है लेकिन सभी का पिता से बहुत ही लगाव है। गुलजारी लाल पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे उनकी धर्मपत्नी रामी देवी व बेटियों ने इनका बहुत इलाज करवाया।
गुलजारी लाल की गत शुक्रवार को ज्यादा ही तबीयत बिगड़ी तो धर्मपत्नी व बेटियां उन्हें उपचार को पीजीआई चंडीगढ़ ले कर गई। लेकिन वहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। फिर इन्हे शनिवार को कुल्लू अस्पताल ले आए। बेटी रेखा ने अपनी बहनों व मां के साथ पिता के इलाज को लेकर बहुत भागदौड़ की लेकिन पिता को नहीं बचा पाई गुलजारी लाल रविवार सुबह सभी को अलबिदा कह गए।
बेटी रेखा का कहना है कि पिता ने हमें एक परी की तरह पाला कभी किसी चीज की कमी महसूस न होने दी, हमारा भी फर्ज बनता था इन्हे बेटे की कमी न होने दे। पिता की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए बेटी रेखा ने दी मुखाग्नि, हिन्दूधर्म में पौराणिक मान्यता है कि बाप की चिता को मुखाग्नि बेटा ही देता है, जिसके बेटे नहीं होते उनकी चिता को भतीजा या फिर कोई करीबी ही आग लगाता है, लेकिन कुल्लू की रेखा ने अपने पिता की मौत के बाद उन्हें इस बात का मलाल होने नहीं दिया कि उनका कोई बेटा नहीं है। अंतिम संस्कार करते हुए समाज में फैले बेटा-बेटी में अंतर को करारा जवाब दिया है।