02/06/2026
टेंशन
एक ऐसी बीमारी है, जो इंसान को जीते जी अंदर से तोड़ देती है.
बाहर से सब ठीक दिखता है, पर अंदर हर रोज़ एक जंग चलती रहती है.
हँसते हुए चेहरे के पीछे छुपे होते हैं हज़ारों डर, अनगिनत सवाल और अधूरे जवाब. कभी भविष्य की चिंता, कभी बीते कल का बोझ, इंसान वर्तमान में जीना ही भूल जाता है.
नींद आँखों से दूर हो जाती है, और सुकून दिल से कहीं खो जाता है.
लोग कहते हैं "सब ठीक हो जाएगा", पर जो अंदर टूट रहा होता है, वो हर किसी को दिखता नहीं. टेंशन धीरे-धीरे इंसान को इतना कमजोर कर देती है, कि वो मुस्कुराना भी सीखकर भूल जाता है. ये ऐसी खामोश बीमारी है, जो बिना आवाज़ के इंसान को खत्म करती रहती है....!!