13/01/2023
कुछ प्रकार के केसों से हमारा लगभग रोज ही वास्ता पड़ता है - प्रेम विवाह के मामलों में औसतन 5-6 महीने में पति केस , एफ आई आर हो जाती है, तथा अरेंज्ड मैरिज - मां बाप द्वारा की जाने वाली में औसतन 2-5 साल में केस/ एफ आई आर आती है ।
- नरेन्द्र सिंह तोमर " आनंद " एडवोकेट ।
लगभग 80-85% वैवाहिक मामले असफल हो रहे हैं , अधिकांश केसों में , लड़की के घर वाले बात बात पर लड़की की मदद करते हैं, उसे बल देते हैं , उसका अंधा समर्थन करते हैं , इससे ही लड़की अपनी हर सही या गलत बात मनवाने पर ससुराल वालों पर दवाब बनाती है, अनुचित व स्वाभिमान तथा परंपरा संस्कारों के विरूद्ध कार्य या आचरण व्यवहार को ससुराल वाले स्वीकार नहीं करते और एफ आई आर हो जाती है ।
कुछ मामलों में आरोप रहता है कि पति शराब बहुत पीता है और पीकर मारता है और पीटता है , और एफ आई आर दर्ज हो जाती है पूरी ससुराल के और सास ससुर के खिलाफ ।
कुछ मामलों में पति पत्नी की कुछ आपसी समस्या होती है , बिस्तर या सेक्स संबंधित अलग अलग मांग और आपूर्ति के बीच का भारी अंतर होने से भी मामला कड़वा होते होते आखिरकार कुंठायें बड़ी होकर गांठ बनते बनते , उन दोनों को एक दूसरे की हर छोटी बड़ी बात बुरी लगने लगती है , और एक दूसरे की कोई अच्छाई भी उसका अवगुण , दोष और अपराध नजर आने लगती है । और हालांकि एफ आई आर किसी और बहाने से किसी दूसरी बात पर होगी , मगर समस्या की असल बुनियाद यही बात होती है ।
अंतत: सजा , तलाक , मैंटीनेंस , बंटवारे आदि घरेलू हिंसा जैसे तमाम केसों की वैतरणीयां पार करते करते दोनों की हालत पंख नुचे परिंदो जैसी हो जाती है , लड़कियां सेकंड हैंड हो जातीं हैं , आदमी किसी दूसरी तलाकशुदा , विधवा की तलाश में निकल पड़ता है , बिना बच्चों की औरत को हर जगह प्राथमिकता मिलती है , अंतत: किसी किसी के दोबारा घर वापस बस जाते हैं , मगर आधिकांश के नहीं , मगर जब सेकंड हैंड या उम्र दराज को दूसरा विवाह करना हो तो , इसलिये वे दूसरी शादी में कामयाब नहीं होते , क्योंकि न तो वे खुलकर किसी से प्रेम का इकरार और इजहार कर पाते हैं और ना ही उन्हें तरीके से अपने मनपसंद लड़के को या लड़की को पटाना या फंसाना आता है । - नरेन्द्र सिंह तोमर " आनंद " एडवोकेट ।