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25/06/2020

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आकर्षण होटल फोटो मौसम कैसे पहुंचेंमहाराष्‍ट्र के सतारा जिले में महाबलेश्वर एक प्रसिद्ध हिल 00स्‍टेशन है। पश्चिमी घाटों म...
22/06/2020

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महाराष्‍ट्र के सतारा जिले में महाबलेश्वर एक प्रसिद्ध हिल 00स्‍टेशन है। पश्चिमी घाटों में स्थित, यह जगह दुनिया के सबसे खुबसूरत हिल स्‍टेशनों में शामिल है। महाबलेश्वर में पर्यटक गर्मी के मौसम में आना पसंद करते है। महाबलेश्‍वर का शाब्दिक अर्थ होता है- गॉड ऑफ ग्रेट पॉवर यानि भगवान की महान शक्ति। महाबलेश्वर को पांच नदियों की भूमि भी कहा जाता है। यहां वीना, गायत्री, सावित्री, कोयना और कृष्‍णा नामक पांच नदियां बहती है। 4,450 फीट की ऊंचाई पर बसा यह शहर 150 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैला हुआ है। महाबलेश्वर, मुम्‍बई से 220 किमी. और पुणे से 180 किमी. दूर स्थित है।

महाबलेश्‍वर का इतिहास

महाबलेश्वर की खोज सबसे पहले राजा सिंघन ने की थी। यहां का प्रसिद्ध महाबलेश्‍वर मंदिर इन्‍होने ही बनवाया था। 17 वीं शताब्‍दी के बाद शिवाजी राजे ने इस क्षेत्र पर कब्‍जा करके यहां प्रतापगढ़ किला बनवाया। 1819 में अंग्रेजों ने महाबलेश्वर को अपने हाथों में ले लिया। आजादी के बाद महाबलेश्वर, एक हिल स्‍टेशन के रूप में उभरा।

महाबलेश्‍वर में मोहक दृश्य और असली दृष्टिकोण

महाबलेश्‍वर में 30 से भी ज्‍यादा जगह है जहां पर्यटक भ्रमण कर सकते है। यहां की घाटियां, जंगल,झरने और झीलें यात्रियों की सारी थकान को मिटा देती है। यहां आकर शाम को विल्‍सन प्‍वांइट को देखनाकाफी अच्‍छा लगता है। ईको प्‍वांइट, बच्‍चों की पसंदीदा जगह है जहां तेजी से चिल्‍लाने पर आवाज वापस सुनाई देती है। यहां के एल्फिंसटन प्वाइंट, मार्जोरी प्वाइंट, कैसल रॉक, फ़ॉकलैंड प्वाइंट, कारनैक प्वाइंट और बंबई प्‍वाइंट देखना न भूलें। यहां का विश्‍व प्रसिद्ध प्रतापगढ़ किला शिवाजी महाराज ने बनवाया था जो पर्यटकों के लिए कौतूहुल का विषय बना हुआ है। महाबलेश्वर में कई प्राचीन मंदिर भी है जहां श्रद्धालु दर्शन कर सकते है।

महाबलेश्वर- ग्रीन साइड

महाबलेश्वर के जंगलों में कीमती औषधीय और आयुर्वेदिक पौधों की भरमार है। यहां की शुद्ध जलवायु में पेड़- पौधे भली-भांति पनपते है। बीमार व्‍यक्तियों को अक्‍सर महाबलेश्वर की सैर की सलाह दी जाती है ताकि उनको स्‍वच्‍छ हवा और शुद्ध वातावरण मिल सके। यहां स्थित पहाडि़यां गर्मियों को उष्‍णता बढ़ाने से रोकता है। यहां की जलवायु वर्ष भर सामान्‍य रहती है। साल के किसी भी मौसम में यहां घूमने आया जा सकता है। बारिश के मौसम में यहां काफी हरियाली हो जाती है। किसी भी हिल स्‍टेशन से ज्‍यादा यहां पर्यटक आना पसंद करते है। महाबलेश्वर के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह है कि यहां के तीन पठारों में 1800 के दशक के दौरान चीनी और मलय दोषियों को सजा दी जाती थी और उन्‍‍हे यहां जेल काटनी पड़ती थी। इस दौरान कैदियों को कई कार्य भी करने पड़ते थे जैसे- टोकरियों को बनाना, खेती करना आदि। पर्यटक महाबलेश्वर जाकर स्ट्रॉबेरी और शहतूत का स्‍वाद चखना न भूलें।


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महाराष्‍ट्र के सतारा जिले में महाबलेश्वर एक प्रसिद्ध हिल स्‍टेशन है। पश्चिमी घाटों में स्थित, यह जगह दुनिया के सबसे खुबसूरत हिल स्‍टेशनों में शामिल है। महाबलेश्वर में पर्यटक गर्मी के मौसम में आना पसंद करते है। महाबलेश्‍वर का शाब्दिक अर्थ होता है- गॉड ऑफ ग्रेट पॉवर यानि भगवान की महान शक्ति। महाबलेश्वर को पांच नदियों की भूमि भी कहा जाता है। यहां वीना, गायत्री, सावित्री, कोयना और कृष्‍णा नामक पांच नदियां बहती है। 4,450 फीट की ऊंचाई पर बसा यह शहर 150 वर्ग किमी. के क्षेत्र में फैला हुआ है। महाबलेश्वर, मुम्‍बई से 220 किमी. और पुणे से 180 किमी. दूर स्थित है।

महाबलेश्‍वर का इतिहास

महाबलेश्वर की खोज सबसे पहले राजा सिंघन ने की थी। यहां का प्रसिद्ध महाबलेश्‍वर मंदिर इन्‍होने ही बनवाया था। 17 वीं शताब्‍दी के बाद शिवाजी राजे ने इस क्षेत्र पर कब्‍जा करके यहां प्रतापगढ़ किला बनवाया। 1819 में अंग्रेजों ने महाबलेश्वर को अपने हाथों में ले लिया। आजादी के बाद महाबलेश्वर, एक हिल स्‍टेशन के रूप में उभरा।

महाबलेश्‍वर में मोहक दृश्य और असली दृष्टिकोण

महाबलेश्‍वर में 30 से भी ज्‍यादा जगह है जहां पर्यटक भ्रमण कर सकते है। यहां की घाटियां, जंगल,झरने और झीलें यात्रियों की सारी थकान को मिटा देती है। यहां आकर शाम को विल्‍सन प्‍वांइट को देखनाकाफी अच्‍छा लगता है। ईको प्‍वांइट, बच्‍चों की पसंदीदा जगह है जहां तेजी से चिल्‍लाने पर आवाज वापस सुनाई देती है। यहां के एल्फिंसटन प्वाइंट, मार्जोरी प्वाइंट, कैसल रॉक, फ़ॉकलैंड प्वाइंट, कारनैक प्वाइंट और बंबई प्‍वाइंट देखना न भूलें। यहां का विश्‍व प्रसिद्ध प्रतापगढ़ किला शिवाजी महाराज ने बनवाया था जो पर्यटकों के लिए कौतूहुल का विषय बना हुआ है। महाबलेश्वर में कई प्राचीन मंदिर भी है जहां श्रद्धालु दर्शन कर सकते है।

महाबलेश्वर- ग्रीन साइड

महाबलेश्वर के जंगलों में कीमती औषधीय और आयुर्वेदिक पौधों की भरमार है। यहां की शुद्ध जलवायु में पेड़- पौधे भली-भांति पनपते है। बीमार व्‍यक्तियों को अक्‍सर महाबलेश्वर की सैर की सलाह दी जाती है ताकि उनको स्‍वच्‍छ हवा और शुद्ध वातावरण मिल सके। यहां स्थित पहाडि़यां गर्मियों को उष्‍णता बढ़ाने से रोकता है। यहां की जलवायु वर्ष भर सामान्‍य रहती है। साल के किसी भी मौसम में यहां घूमने आया जा सकता है। बारिश के मौसम में यहां काफी हरियाली हो जाती है। किसी भी हिल स्‍टेशन से ज्‍यादा यहां पर्यटक आना पसंद करते है। महाबलेश्वर के बारे में एक दिलचस्प तथ्य यह है कि यहां के तीन पठारों में 1800 के दशक के दौरान चीनी और मलय दोषियों को सजा दी जाती थी और उन्‍‍हे यहां जेल काटनी पड़ती थी। इस दौरान कैदियों को कई कार्य भी करने पड़ते थे जैसे- टोकरियों को बनाना, खेती करना

Hello good morning friends Welcome to S & A Tourism KamshetExperiential journeys will make you a storytellerMaharashtra ...
21/06/2020

Hello good morning friends
Welcome to S & A Tourism

Kamshet
Experiential journeys will make you a storyteller
Maharashtra
Kamshet
Kamshet Travel Guides 19 Activities 15 Stays 1 Tour Places To Visit Categories Nearby Destinations
Kamshet is a beautiful hill station located in the Western Ghats of India. The place is famous for paragliding, a beloved adventure sport of India and the numerous flying schools located in the vicinity. The small but picturesque hill station is surrounded by the breathtaking Western Ghats which form a major part of the tourist places in Kamshet and regularly finds itself in many top 10 lists that name destination for the ultimate thrill-seekers.

Kamshet is a paradise not just for the eyes but also for the adventures ju**ie in you. But don’t think this place is just for those who seek thrill and excitement. There are numerous other activities to do in Kamshet as well as tourist hotspots that make this an ideal place for a family getaway or even a romantic getaway. Kamshet is ideally located just 45km from the main town of Pune city. The locals refer to it as a paragliding paradise. There is no better place in the region to indulge in this thrilling adventure activity.

But if you are not much of a thrill-seeker then you can spend your time enjoying the natural scenery, fresh air a luxury these days and stroll through the small villages laced around this quaint hill station. If you want to experience the quintessential Indian village lifestyle then a visit to one of the villages is a must. There you can interact with locals, have a feel of what it’s like to live in muddy huts and even have a small shopping spree at the local village markets.

The hills station is surrounded by gorgeous sunflowers fields and you can enjoy some amazing views while paragliding over them. Other tourist places in Kamshet include Bhairi Caves, Bedse Caves, Pavana Lake, Kondeshwar Temple, and Shinde Wadi Hills. If you have more time at hand you can perhaps extend your trip to other hill stations such as Khandala and Lonavala, which are located at short distances from Kamshet.

Enjoy every moment with S & A Tourism it's a very humble travel company book your trip and enjoy.
20/06/2020

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Good morning All माथेरान, मुंबई से मात्र ११० किलोमीटर दूर रायगढ़ जिले में मौजूद है प्राकृतिक खूबसूरती से भरा छोटा सा हिल...
18/06/2020

Good morning All
माथेरान, मुंबई से मात्र ११० किलोमीटर दूर रायगढ़ जिले में मौजूद है प्राकृतिक खूबसूरती से भरा छोटा सा हिल स्टेशन - माथेरान। कर्जत तहसील के अंदर आने वाला यह भारत का सबसे छोटा हिल स्टेशन है। यह पश्चिमी घाट पर्वत शृंखला में समुद्र तल से ८०० मीटर (२६२५ फीट) की उँचाई पर बसा है। मुंबई और पुणे से इसकी दूरी क्रमशः ९० और १२० किलो मीटर है। बड़े शहरोंसे इसकी निकटता के कारण मातेरान शहरी नागरिकों के लिए एक सप्ताहांत बिताने के लिए लोकप्रिय स्थल है। यहां की खासियत है कि यहां किसी भी प्रकार के वाहन का प्रवेश वर्जित है।[1] यही वजह है कि यहां का वातावरण मन को शांति प्रदान करता है। शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ पल बिताने के लिये माथेरान बिल्कुल उपयुक्त स्थान है। मुंबई, पुणे और नाशिक के लोगों की तो यह पसंदीदा जगह है ही लेकिन अब उत्तर और दक्षिण भारत के लोगों को भी यह स्थान अपनी ओर आकर्षित करने लगा है।

समुद्र तल से ८०० मीटर की ऊंचाई पर स्थित देश के इस सबसे छोटे हिल स्टेशन की खोज मई १८५० में ठाणे जिले के कलेक्टर ह्यूज पोयन्ट्‌स मलेट ने की थी। मुंबई के तत्कालीन गवर्नर लॉर्ड एल्फिंस्टोन ने यहां भविष्य के हिल स्टेशन की नींव रखी और गर्मी के दिनों में वक्त गुजारने की दृष्टि से इसे विकसित किया गया। ५००० की आबादी वाला यह कस्बा आज शहरी लोगों के लिए सप्ताहांत बिताने का मनपसंद स्थान बन गया है। मुंंबई, पुणे और सूरत से आसानी से पहुंचे जा सकने के कारण भी लोगों में इसकी लोकप्रियता बढ़ी है।

माथेरान का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है नेरल स्टेशन जो यहां से ९ किलोमीटर दूर है। इसके आगे वाहनों का प्रवेश वर्जित है। आगे जाने के लिए या तो पैदल जाना होगा, या बग्गी, रिक्शे या घोड़ों का प्रयोग करना होगा। लेकिन यहां पहुंचने का सबसे अच्छा साधन है यहां की टॉय ट्रेन जिसके हाल ही में १०० साल पूरे हुए हैं। पहाड़ों पर चढ़ती उतरती इस ट्रेन में बैठकर ढाई घंटे की यात्रा में खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का आनंद उठाया जा सकता है। इसके अलावा ट्रॉली से भी यहां तक पहुंचा जा सकता है। माथेरान में प्रवेश करते ही यहां का वातावरण और शुद्ध हवा मन को ताजगी और स्फूर्ति से भर देता है।

इस छोटे से हरे-भरे शहर में साल भर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। लेकिन यहां आने का सबसे अच्छा मौसम है मानसून। उस समय घाटियों में फैला कोहरा, हवा में तैरते बादल और भीगा-भीगा मौसम एक अलग ही समां पैदा करते हैं। माथेरान में प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए ३८ दृश्य बिंदु (व्यू पॉइंट्‌स) हैं जहां से वादियों में दूर तक फैली सुंदरता को आंखों में बसाया जा सकता है। इसके अलावा माउंट बेरी और शारलॉट लेक भी यहां के मुख्य आकर्षण हैं। माउंट बेरी से नेरल से आती हुई ट्रेन का दृश्य देखा जा सकता है। पहाड़ों पर हरियाली के बीच से घूम-घूम कर आती ट्रेन का दृश्य वाकई अभिभूत कर देता है। वहीं शारलॉट लेक यहां से सबसे खूबसूरत स्थानों में से एक है। लेक के दायीं ओर पीसरनाथ का प्राचीन मंदिर है। वहीं बायीं और दो पिकनिक स्पॉट लुईस पॉइंट और इको पॉइंट हैं।

हनीमून पॉइंट पर रस्सी के द्वारा घाटी को पार करने का साहसिक और रोमांचक कार्य का भी अनुभव यहां किया जा सकता है। इसके अलावा एलेक्जेंडर पॉइंट, रामबाग पॉइंट, लिटिल चौक पॉइंट, चौक पॉइंट, वन ट्री हिल पॉइंट, ओलंपिया रेसकोर्स, लॉर्डस पॉइंट, सेसिल पॉइंट, पनोरमा पॉइंट इत्यादि अनेक स्थानों पर जाकर प्रकृति की खूबसूरती का अहसास कर सकते हैं। प्रकृति प्रेमियों के लिये यह स्थान किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

माथेरान का शाब्दिक अर्थ होता है माथे (पर्वत के) पर स्थित अरन्य। पर्यावरण की दृष्टि से अतिसंवेदनशील होने के कारण यह पूरे एशिया एक मात्र स्वचालित वाहन मुक्त हिल स्टेशन है। माथेरान मे पनोरमा पॉइंट सहित लगभग ३६ पूर्व निस्चित लुक-आउट पायंट्स हैं जहाँ से आप आस पास के सारे क्षेत्र के अलावा नेरल शाहर का भी विहंगम दृश्य प्राप्त कर सकते है। पनोरमा पॉइंट से सूर्योदय और सूर्यास्त का नज़ारा बहुत नाटकीय और मनोरम होता है। लूयीसा पॉइंट के प्रबल फ़ोर्ट का सुस्पष्ट दर्शन होता है. वन ट्री हिल पॉइंट, हार्ट पॉइंट, मंकी पॉइंट, पोर्क्युपाइन पॉइंट, रामबाघ पॉइंट इत्यादि यहाँ के अन्य मुख्य पॉइंट हैं।

20% Off On every trip till 30th August
18/06/2020

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18/06/2020
18/06/2020

भारत चीन सीमा पर शहीद हुए जवानो को भावपूर्ण
🇳🇪श्रद्धांजलि🇳🇪

14/06/2020

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