28/02/2026
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नाहन: 125 किलो चांदी व 8 तोले सोने से सुसज्जित कालीस्थान मंदिर के गर्भगृह में मां काली विराजमान
सिरमौर की आध्यात्मिक परंपरा को नई भव्यता प्रदान करते हुए कालीस्थान मंदिर में नवनिर्मित गर्भगृह में विधि-विधान के साथ मां काली की प्रतिमा की स्थापना कर दी गई। धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न इस प्रतिष्ठा समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नया गर्भगृह पारंपरिक भारतीय वास्तुशिल्प शैली में निर्मित किया गया है, जिसमें भव्यता और सूक्ष्म कलात्मकता का विशेष ध्यान रखा गया है। निर्माण में 125 किलोग्राम चांदी का उपयोग किया गया है, जबकि मंदिर के शिखर पर स्थापित कलश आठ तोले सोने से तैयार किया गया है। मंदिर समिति के अनुसार गर्भगृह निर्माण सहित विभिन्न विकास कार्यों पर तीन करोड़ रुपये से अधिक व्यय किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं के सहयोग और समिति के समन्वित प्रयासों से संभव हुआ। इतिहास के पन्नों में दर्ज यह मंदिर सिरमौर रियासत की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। इसका निर्माण वर्ष 1830 (विक्रमी सम्वत् 1887) में राजा विजय प्रकाश द्वारा करवाया गया था। मान्यता है कि मंदिर की मुख्य प्रतिमा कुमाऊं से रानी साहिबा स्वयं लेकर आई थीं, जिसके पश्चात भव्य मंदिर निर्माण का निर्णय लिया गया। क्षत्रिय समुदाय में मां काली को युद्ध की देवी के रूप में विशेष श्रद्धा प्राप्त है, जिसके कारण रियासतकाल से ही यहां गहरी आस्था बनी हुई है। मंदिर के प्रथम गद्दी महंत के रूप में महंत जोगीनाथ को दायित्व सौंपा गया था। रविवार को इस उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और भंडारा ग्रहण किया।