26/11/2015
ट्रैवल एजंट क्यों ठीक से कमा नहीं पातें?
आज ट्रैवल इंडस्ट्री कम समय में सब से ज्यादा आगे बढने वाली इंडस्ट्री हैं.। भारत में कम से कम हर साल ४० से ४५ ‰ लाेग अपनी छुट्टियां मनानें भारत के अंतर्गत भागाें में आैर भारत. के बाहर घूमने जातें हैं। पिछले साल २०१५ में नयुनतम १५०० से २००० परिवार कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में छुट्टी मनाकर आयें हैं। आज कल की राेजमरा की जिंदगी की भागदौड़ से वक्त निकालकर आम आदमी घुमनें जाता है। वाे अपनें घर के आसपास काेई ट्रैवल एजेंसी खाेजता हैं और वहाॅ अपना हाॅलिडे प्लान बताता है, एजंट से बजट पता कर वह और किसी एजंट के पास जाता है। ईसी तरह वह और भी पुछताछ करतें है। हर जगह से उसे अलग अलग कींमतें मिलती हैं, और हर एजंट उसे औराे से कम किमत देता जिसमें वाे अपना हक का कमीशन कम करता हैं। भारत में कई बडी कंपनीज है जाे अपना कमीशन कम नहीं हाेने देतें। बडी एजेंसी की बुकींग की संख्या ज्यादा होती हैं, उस के कारण उनके सप्लायर्स किंमत उस वक्त के लिये कम कर सकते हैं। पर छाेटे एजंट ऐसा नही कर पातें और उन्हें बुकींग पानें के लिये अपना कमीशन कम करना पड़ता हैं। यह लगभग सब छाेटे एजंट की तकलीफ हैं। अगर आप मानते हैं इस बात को तो शेयर करें। इसके कुछ उपाय हम कर सकतें हैं। जानिये अगली पाेसट में।
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