Journey to India

Journey to India Since 2005 I accompany tourists on their trips through the north of India. At first I was employed a

02/05/2022

मेरे बाबा चले अपने परम धाम केदारनाथ

10/03/2022

आप देख रहे हैं श्री खाटू श्याम से सीधा प्रसारण आचार्य रवि कांत जी महाराज के श्री मुख से श्याम कथा दिनांक 17 दिसंबर से ...

04/03/2022

#गंगोत्री_मन्दिर
आज से लगभग सौ वर्ष पूर्व, गंगोत्री मन्दिर ऐसे दिखाई देता था, दो चार साधु संतों के अतिरिक्त यहाँ कोई नहीं रहता था, तीर्थयात्री ज्यादा से ज्यादा एक रात्रि विश्राम कर वापस चला जाता था,,,,

🙏🌹💓 जय गंगा मैया जी 🌷🌹🙏
🙏🌹💓 हर हर महादेव जी 🔱🕉️🙏

यह होते हैं असली महादेव के भक्त यह होते हैं असली बाबा यह है हिंदू धर्म जो इतनी ठंड में भी भोले का नाम लेकर हर हर गंगे का...
29/01/2022

यह होते हैं असली महादेव के भक्त यह होते हैं असली बाबा यह है हिंदू धर्म जो इतनी ठंड में भी भोले का नाम लेकर हर हर गंगे का नाम लेकर स्नान कर रहे हैं यह होती है हिंदू शक्ति मैं इन महापुरुष के बारे में बोलने के इनकी तारीफ में मेरे पास कोई शब्द नहीं है बस यही कहूंगा कि महादेव भोलेनाथ इन्हें अपार शक्तियां दें और इनका मन चरित्र ऐसे ही पवित्र रहे 🙏 जय महादेव 🙏 भोलेनाथ 🙏हर हर महादेव 🙏

यह होते हैं असली महादेव के भक्त यह होते हैं असली बाबा यह है हिंदू धर्म जो इतनी ठंड में भी भोले का नाम लेकर हर हर गंगे .....

 #ऋषिकेशघरहैमेरालक्ष्मण-झूला  अतीत वर्तमान भविष्य ऋषिकेश घूमने आने वाले सभी घुमक्कड़ लक्ष्मण झूला से परिचित ही होंगे।192...
04/01/2022

#ऋषिकेशघरहैमेरा
लक्ष्मण-झूला अतीत वर्तमान भविष्य
ऋषिकेश घूमने आने वाले सभी घुमक्कड़ लक्ष्मण झूला से परिचित ही होंगे।1924 की विनाशकारी बाढ़ में तत्कालीन पुल के ध्वस्त हो जाने के पश्चात ब्रिटिश काल में 1927-1929 में बन कर तैयार हुआ।वर्तमान झूलापुल 11 अप्रैल 1930 को आवागमन हेतू जनता को समर्पित किया गया।उस समय राय बहादुर शिवप्रसाद तुलशान ने अपने पिता राय बहादुर सूरजमल झुनझुनवाला की स्मृति में (जिन्होंने 1889 में इससे पहले वाला पुल धर्मार्थ/जन कल्याण हेतु बनवाया था) तत्कालीन प्रशासन को एकमुश्त रक़म अदा की थी इस शर्त के साथ कि भविष्य में कभी भी इस पुल के सार्वजनिक उपयोग पर किसी प्रकार का शुल्क/टोल नहीं वसूला जाएगा ।
फ़िलहाल कुछ तकनीकी कमी या उम्र हो जाने के कारण केवल पैदल आवाजाही के लिए सीमित कर दिया गया है दुपहिया वाहन प्रतिबन्धित हैं।शीघ्र ही आधुनिक तकनीक से नये बजरंग सेतु का निर्माण आरम्भ होगा जिसके दोनों ओर पैदल चलने वालों के लिए ग्लास(काँच) का पारदर्शी रास्ता होगा बीच मे वाहनों की लेन होगी।सम्भव है वर्तमान लक्ष्मण झूला पुल को भविष्य के लिए ऐतिहासिक धरोहर के तौर पर संरक्षित कर दिया जाए।

धरती के स्वर्ग बाबा केदारनाथ धाम का नजारा बर्फबारी के बाद
06/12/2021

धरती के स्वर्ग बाबा केदारनाथ धाम का नजारा बर्फबारी के बाद

03/12/2021
14/10/2021

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