12/06/2026
20 june 2026 को ग्रुप जा रहा है सर उसबैक शीट वाली बसों की खाना बनाने वाले साथ में रहेंगे तो शुद्ध खाने की गारंटी है रहने की व्यवस्था उत्तम है। यदि आप चारधाम आना चाहते हैं तो रजिस्ट्रेशन करा लीजिए और बीस तारीख को हमारे ऑफिस वैदिक नगर पार्ट वन रायवाला ऋषिकेश, हरिद्वार मेन रोड पर
वैदिक नगर (पार्ट 1), हरिद्वार ऋषिकेश मेन रोड हमारे ऑफिस रायवाला से आपकी 40-सीटर पुशबैक बस के साथ 10 दिवसीय चारधाम यात्रा की विस्तृत और व्यावहारिक कार्ययोजना (Itinerary) नीचे दी गई है। आपके दोनों रसोइए (Cooks), खाना बनाने का सामान और जरूरी दवाइयां बस में साथ रहेंगी, जिससे रास्ते में भोजन और आराम की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चलेगी।
🚌 चारधाम यात्रा मार्गदर्शिका (10 दिवसीय कार्यक्रम)
दिन 1: रायवाला से बड़कोट (उत्तरकाशी)
• दूरी: लगभग 180 किमी | समय: 6-7 घंटे
• यात्रा विवरण: सुबह-सुबह रायवाला से यात्रा की शुरुआत होगी। बस ऋषिकेश-नरेन्द्रनगर होते हुए आगे बढ़ेगी। रास्ते में पहाड़ों के सुंदर दृश्य देखते हुए शाम तक बड़कोट पहुंचेंगे।
• भोजन व्यवस्था: दोपहर में रास्ते में किसी सुरक्षित स्थान पर बस रोककर रसोइया दल साधारण भोजन तैयार कर सकता है, या सुबह रायवाला से ही पूरी-सब्जी पैक करवाकर चला जा सकता है। रात का भोजन होटल/आश्रम के पास रसोइयों द्वारा शुद्ध और गरम (रोटी, सब्जी, दाल, चावल, घी) बनाया जाएगा।
• रात्रि विश्राम: बड़कोट (परिवार के अनुसार कमरों की व्यवस्था)।
दिन 2: बड़कोट से यमुनोत्री धाम और वापस उत्तरकाशी
• यात्रा विवरण: सुबह जल्दी बड़कोट से जानकीचट्टी (45 किमी) के लिए निकलेंगे। जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम के लिए 6 किमी की पैदल/घोड़ा/पालकी से चढ़ाई है। दर्शन के बाद वापस जानकीचट्टी लौटें। वहाँ से सीधे उत्तरकाशी के लिए प्रस्थान।
• रमणीक स्थल: यमुना नदी का उद्गम, दिव्य शिला और सूर्य कुंड।
• भोजन व्यवस्था: सुबह का भोजन/नाश्ता जल्दी करके निकलें। शाम को उत्तरकाशी पहुंचकर रसोइयों द्वारा गरमा-गरम पौष्टिक भोजन तैयार किया जाएगा।
• रात्रि विश्राम: उत्तरकाशी।
दिन 3: उत्तरकाशी से गंगोत्री धाम और वापस उत्तरकाशी
• यात्रा विवरण: उत्तरकाशी से सुबह गंगोत्री धाम (100 किमी) के लिए प्रस्थान। भागीरथी नदी के किनारे-किनारे बस का सफर बेहद खूबसूरत है। दर्शन के बाद वापस उत्तरकाशी लौटेंगे।
• रमणीक स्थल: उत्तरकाशी का बाबा विश्वनाथ मंदिर, गंगनानी (गर्म पानी का कुंड), हर्षिल घाटी और भैरव घाटी।
• भोजन व्यवस्था: सुबह और शाम का भोजन रसोइयों द्वारा उत्तरकाशी के पड़ाव पर ही बनाया जाएगा।
• रात्रि विश्राम: उत्तरकाशी।
दिन 4: उत्तरकाशी से गुप्तकाशी / फाटा
• دूरी: लगभग 220 किमी | समय: 8-9 घंटे
• यात्रा विवरण: आज का सफर लंबा है। उत्तरकाशी से लम्बगांव और चमियाला होते हुए केदारनाथ घाटी (गुप्तकाशी या फाटा) के लिए प्रस्थान करेंगे। रास्ते में टिहरी बांध का कुछ हिस्सा और पहाड़ी संस्कृति देखने को मिलेगी।
• भोजन व्यवस्था: दोपहर में रास्ते में किसी अच्छी जगह बस रोककर रसोइया दल भोजन बनाएगा। रात का भोजन गुप्तकाशी/फाटा में बनेगा।
• रात्रि विश्राम: गुप्तकाशी या फाटा।
दिन 5: गुप्तकाशी से केदारनाथ धाम (या गौरीकुंड)
• यात्रा विवरण: सुबह जल्दी सोनप्रयाग पहुंचेंगे। वहाँ से शटल गाड़ियों द्वारा गौरीकुंड और फिर केदारनाथ धाम की 16 किमी की पैदल/घोड़ा/हेलीकॉप्टर यात्रा। (जो लोग पैदल नहीं जा सकते, वे नीचे गुप्तकाशी/फाटा में रुक सकते हैं या हेलीकॉप्टर ले सकते हैं)।
• रमणीक स्थल: मंदाकिनी नदी का सुंदर रूप, भीम शिला।
• भोजन व्यवस्था: जो लोग ऊपर केदारनाथ जाएंगे, उनके लिए सुबह का भोजन नीचे रसोइया दल बना देगा। ऊपर केदारनाथ में स्थानीय ढाबों पर भोजन करना होगा। नीचे रुकने वाले दल के लिए रसोइए नियमित भोजन बनाएंगे।
• रात्रि विश्राम: केदारनाथ (ऊपर) या गुप्तकाशी/फाटा (नीचे)।
दिन 6: केदारनाथ से वापस गुप्तकाशी और त्रियुगीनारायण दर्शन
• यात्रा विवरण: केदारनाथ दर्शन के बाद सुबह नीचे गौरीकुंड लौटें। बस द्वारा सभी यात्री त्रियुगीनारायण मंदिर (भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह स्थल) के दर्शन के लिए जाएंगे। यहाँ की अखंड धुनी के दर्शन अत्यंत पवित्र माने जाते हैं।
• रमणीक स्थल: त्रियुगीनारायण गांव और अमर वेदि।
• भोजन व्यवस्था: शाम को गुप्तकाशी/फाटा के होटल/धर्मशाला में रसोइयों द्वारा शुद्ध घी के साथ बढ़िया दाल-चावल, रोटी-सब्जी का भोजन।
• रात्रि विश्राम: गुप्तकाशी / ऊखीमठ।
दिन 7: गुप्तकाशी से चोपता होते हुए पीपलकोटी/जोशीमठ
• यात्रा विवरण: सुबह बस ऊखीमठ होते हुए चोपता (जिसे 'उत्तराखंड का मिनी स्विट्जरलैंड' कहा जाता है) के रास्ते आगे बढ़ेगी। यह मार्ग जंगलों और बुग्यालों से भरा बेहद रमणीक है। शाम तक पीपलकोटी या जोशीमठ पहुंचेंगे।
• रमणीक स्थल: चोपता के मखमली घास के मैदान, मंडल घाटी।
• भोजन व्यवस्था: दोपहर का भोजन चोपता के आसपास किसी खूबसूरत मैदान में बस रोककर रसोइयों द्वारा बनाया जा सकता है। रात का भोजन जोशीमठ/पीपलकोटी में।
• रात्रि विश्राम: पीपलकोटी या जोशीमठ।
दिन 8: जोशीमठ से बद्रीनाथ धाम
• यात्रा विवरण: सुबह जोशीमठ से बद्रीनाथ धाम (50 किमी) के लिए प्रस्थान। दोपहर तक बद्रीनाथ पहुंचकर होटल/धर्मशाला में ठहरेंगे। शाम को भगवान बद्रीविशाल के भव्य दर्शन और आरती।
• रमणीक स्थल: तप्त कुंड (गर्म पानी का स्नान), माणा गांव (भारत का प्रथम गांव), व्यास गुफा, गणेश गुफा और सरस्वती नदी का उद्गम।
• भोजन व्यवस्था: सुबह और शाम का भोजन बद्रीनाथ में आपके रसोइयों द्वारा ही तैयार किया जाएगा।
• रात्रि विश्राम: बद्रीनाथ धाम।
दिन 9: बद्रीनाथ से नीति घाटी (नीति माणा) और वापस रुद्रप्रयाग
• यात्रा विवरण: सुबह बद्रीनाथ से निकलकर जोशीमठ के पास से नीति घाटी की ओर रुख करेंगे (यदि परमिशन और समय अनुकूल हो, तो नीति गांव के अद्भुत और शांत दृश्यों का आनंद लें, अन्यथा मुख्य मार्ग से आगे बढ़ें)। इसके बाद वापसी की यात्रा शुरू होगी और रास्ते में पंच प्रयागों के दर्शन करते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचेंगे।
• रमणीक स्थल:
A. विष्णुप्रयाग (अलकनंदा और धौलीगंगा का संगम)
B. नन्दप्रयाग (अलकनंदा और नंदाकिनी का संगम)
C. कर्णप्रयाग (अलकनंदा और पिंडर नदी का संगम)
D. रुद्रप्रयाग (अलकनंदा और मंदाकिनी का संगम)
• भोजन व्यवस्था: दोपहर का भोजन रास्ते में और रात का भोजन रुद्रप्रयाग के पड़ाव पर रसोइयों द्वारा।
• रात्रि विश्राम: रुद्रप्रयाग।
दिन 10: रुद्रप्रयाग से देवप्रयाग होते हुए रायवाला वापसी
• यात्रा विवरण: सुबह रुद्रप्रयाग से रायवाला के लिए वापसी। रास्ते में अंतिम और सबसे प्रमुख प्रयाग के दर्शन होंगे।
• रमणीक स्थल:देवप्रयाग (अलकनंदा और भागीरथी का संगम, जहाँ से 'गंगा' नाम पड़ता है)। इसके बाद ऋषिकेश होते हुए शाम तक अपने घर वापसी।
• भोजन व्यवस्था: दोपहर का भोजन देवप्रयाग या व्यासी के पास रसोइयों द्वारा अंतिम बार बनाया जाएगा। शाम को सकुशल रायवाला आगमन।
📌 महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं एवं निर्देश
⚠️ आवास व्यवस्था (Rooms): सभी पड़ावों पर कमरों का आवंटन परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से (Double/Triple/Four Sharing) पहले से बुक किया जाएगा, ताकि 40 लोगों के ग्रुप को रुकने में कोई असुविधा न हो।
🍲 रसोई का सामान: बस में राशन (आटा, दाल, चावल, मसाले, शुद्ध घी), गैस सिलेंडर, चूल्हा और बड़े बर्तन रखने के लिए पीछे या नीचे की डिग्गी में पर्याप्त जगह तय कर लें। रसोइयों के रुकने की व्यवस्था भी चालकों के साथ की जाएगी।
💊 प्राथमिक चिकित्सा (Medical Kit): बस में ऊंचाई पर होने वाली दिक्कतों के लिए दवाइयां (जैसे- उल्टी, चक्कर, पेट खराब, बुखार, ओआरएस, और पेन किलर) तथा कपूर की पोटली अनिवार्य रूप से साथ रखें।
📞 यात्रा आयोजक विवरण:
• नाम: जगदंबा प्रसाद मिश्रा
• संपर्क सूत्र: 9501884935 7895286305
• प्रस्थान स्थल: वैदिक नगर, पार्ट 1, हरिद्वार ऋषिकेश मेन रोड रायवाला (उत्तराखंड)