21/12/2025
नमस्ते! एक यात्रा संचालक के रूप में आपका उत्तरदायित्व बहुत बड़ा है। आपकी दी गई जानकारी के आधार पर मैंने एक व्यवस्थित और प्रोफेशनल यात्रा पत्र (Itinerary Letter) तैयार किया है।
चार धाम यात्रा: मंगलम सूचना पत्र
आदरणीय यात्रीगण,
देवभूमि उत्तराखंड की इस पावन चार धाम यात्रा में आपका हार्दिक स्वागत है। आपकी यात्रा सुखद, सुरक्षित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध हो, इसके लिए विस्तृत कार्यक्रम नीचे दिया गया है:
यात्रा कार्यक्रम (10 दिवस)
पहला दिन: हरिद्वार में पतित पावनी गंगा जी के स्नान के साथ यात्रा का शुभारंभ। प्रथम पड़ाव बड़कोट में रात्रि विश्राम।
दूसरा दिन: प्रातःकाल यमुनोत्री धाम के दर्शन। दर्शन पश्चात पुनः बड़कोट में रात्रि विश्राम।
तीसरा दिन: बड़कोट से उत्तरकाशी प्रस्थान। भगवान श्री विश्वनाथ जी के दर्शन और रात्रि विश्राम।
चौथा दिन: उत्तरकाशी से गंगोत्री धाम प्रस्थान। गंगा मैया के दर्शन कर पुनः उत्तरकाशी में विश्राम।
पाँचवा दिन: उत्तरकाशी से सोनप्रयाग/फाटा के लिए प्रस्थान एवं रात्रि विश्राम।
छठा दिन: केदारनाथ जी के लिए प्रस्थान (18 किमी पैदल मार्ग)। आप अपनी सुविधा अनुसार घोड़ा या पालकी का चुनाव कर सकते हैं।
सातवाँ दिन: केदारनाथ जी के दर्शन एवं पूजन। इसके पश्चात जोशीमठ या पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम।
आठवाँ दिन: भगवान बद्रीनाथ जी के दिव्य दर्शन।
नौवाँ दिन: वापसी मार्ग पर पंच प्रयागों के दर्शन करते हुए देवप्रयाग में रात्रि विश्राम।
दसवाँ दिन: ऋषिकेश एवं हरिद्वार दर्शन के साथ यात्रा का मंगलमय समापन।
भोजन एवं सुविधाएं
हम आपकी सेहत का विशेष ध्यान रखते हैं:
सुबह का नाश्ता: प्रतिदिन पौष्टिक और उत्तम गुणवत्ता वाला नाश्ता।
रात्रि भोजन: शुद्ध, सात्विक और स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था।
महत्वपूर्ण निर्देश एवं शर्तें
स्वास्थ्य: पहाड़ी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। जिन्हें सांस की तकलीफ है, वे यात्रा से पूर्व डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
वस्त्र: उत्तराखंड का मौसम अनिश्चित होता है, अतः अपने साथ गर्म कपड़े अनिवार्य रूप से रखें।
प्राकृतिक आपदा: किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा (भूस्खलन, भारी वर्षा आदि) की स्थिति में संचालक जिम्मेदार नहीं होगा। यात्री की सुरक्षा सर्वोपरि है, अतः परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिए जाएंगे।
095018 84935