31/03/2026
जब भी कोई #सेक्स #कांड पकड़ में आ जाता है तो अक्सर ऐसी महिलाएं कहने लगती हैं, मुझे नौकरी का/फिल्म में काम देने का/शादी का झांसा देकर मुझसे यौन संबंध बनाया।
महीनों या बरसों तक बनाया, रोज बनाया, साप्ताहिक बनाया.…....
समझ में नहीं आता कि क्या #सेक्स #विनिमय की #वस्तु है?
क्या #लड़कियां एकदम ही #बुद्धू हो गई हैं?
यह पोस्ट विमर्श के लिए है। कोई भी भूल हो तो अवश्य सुधारें, आप भी अपनी राय दें।
क्या महिलाएं या लड़कियां एकदम ही नासमझ हैं। जिनके साथ खानपान, धार्मिक परंपराओं का मेल नहीं, सामाजिक रीति रिवाजों का कोई साम्य नहीं उनके साथ भाग कर मातापिता को खून के आंसू रूला कर शादी कर लेती हैं। ऐसे संबंधों की परिणति कोई अच्छी तो होती नहीं। उनका तन, धन, मन लूट कर, नोचकर अंत में या तो रिजेक्ट कर दिया जाता है या फिर हत्या हो जाती है।
बिना विवाह के लड़कों के साथ रहती हैं तो लूजर कौन होता है क्या ये समझ नहीं पातीं?
एक और मजे की बात यह कि
#विवाह का #झांसा "देकर" रेप
#नौकरी का झांसा "देकर" रेप
#रोल का झांसा "देकर" रेप
यानी ये एक #डील हुई
उन्होंने झांसा "लिया"
#हमबिस्तर होती चली गई
गुस्सा तब आया या #धोखा तब महसूस हुआ
यानी जब कहे मुताबिक या #सौदे के अनुसार विवाह नहीं हुआ,नौकरी नहीं मिली या रोल नहीं मिला।
अगर मिल जाता तो ?ठीक था ?नियमित या वन टाइम या कुछ बार का #संभोग? #सेक्स क्या #विनिमय की वस्तु बन गई है?
अगर ये एक बिजनेस डील थी या यूं कहें कि एक डील थी तो यौन शोषण कहां हुआ? ये एक खराब डील, डील फेल्योर या खराब निर्णय हो सकता है।
क्या ये एक प्रकार का सौदा नहीं हुआ था कि तुम यौन सुख उठा लो बदले में शादी कर लेना, नौकरी दे देना, फिल्म में काम दे देना या अमुक फेवर कर देना? इसमें प्यार तो था नहीं....
और सचेत, समझदार, आंदोलनजीवी, पढ़ी लिखी मैच्योर्ड महिलाएं हों या युवतियां सेम आरोप....