Sem mukhem temple the 5th dhaam

Sem mukhem temple the 5th dhaam this is the famous temple of uttarakhand. this is called as famous naagtirth temple. this is now become the 5th dhaam of india.

https://youtu.be/JzVFlWbFnIU
22/02/2023

https://youtu.be/JzVFlWbFnIU

"Deva nagraja"Singer-Vikash Painuli & Shubham JoshiCourseMeera Shamliyat & Shonam SurvanditaMusic- Mrs.Amit V KapoorSitar- Pro. Mrs.Agni VermaFlute- Mrs Moha...

पांडव नृत्य की कुछ झलकियाँ
14/03/2021

पांडव नृत्य की कुछ झलकियाँ

गढ़वाल के गायकों पर केंद्रित मेरी पुस्तक ’हमारे सुर’ का विमोचन स्वामी कुलानंद महाराज ने किया। कुलानंद महाराज सेम नागराजा ...
16/06/2018

गढ़वाल के गायकों पर केंद्रित मेरी पुस्तक ’हमारे सुर’ का विमोचन स्वामी कुलानंद महाराज ने किया। कुलानंद महाराज सेम नागराजा मंदिर के निकट स्थित आश्रम के संस्थापक हैं। आपने फौज से रिटायर होने के बाद जनसेवा का जिम्मा संभाला है। भरा-पूरा परिवार त्यागने के बाद आप वर्षों से यहां लावारिस गायों की सेवा कर रहे हैं। जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। नागराजा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के रहने और ठहरने की व्यवस्था आप निःशुल्क करते हैं। उपली रमोली क्षेत्र में शिक्षा के उन्नयन का बेहतर विजन रखने वाले कुलानंद महाराज तड़क-भड़क और सियासत से कोसों दूर हैं। इसलिए ऐसी महान हस्ती को मैंने इस बार अपनी पुस्तक के विमोचन के लिए चुना। विमोचन कार्यक्रम भी सादगीभरा रहा। न प्रेस और न पाॅलिटिकल पीपल।
इस पुस्तक में गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी, जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के साथ ही वीरेंद्र राजपूत, ओम बधाणी, किशन महिपाल, मीना राणा, रेखा धस्माना, हेमा नेगी करासी, मंगलेश डंगवाल, विनोद सिरोला, चंद्रदत्त सुयाल, बसंती बिष्ट, पम्मी नवल, साहब सिंह रमोला, मंजू सुंदरियाल, अनुराधा निराला, कल्पना चैहान, संतोष खेतवाल इत्यादि गायक-गायिकाओं की जीवनी और गीतों का समीक्षात्मक अध्ययन किया गया है। गढ़वाली लोकगायकों और गायकी के प्रति रुचि रखने वाले संस्कृति प्रेमियों के लिए यह किताब उपयोगी साबित होगी, ऐसा मेरा मानना है। पुस्तक को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के इच्छुक लोग अपने पते के साथ इनबाॅक्स में संपर्क कर सकते हैं।
(फोटो श्रेय:श्री पंकज कोटियाल जी)

डॉ. वीरेंद्र बर्थवाल जी की वाल से

26/03/2017
http://bhattji16.blogspot.in/2017/01/blog-post.html
28/01/2017

http://bhattji16.blogspot.in/2017/01/blog-post.html

पांचवा धाम सेम नागराजा (सेममुखेम) उत्तराखंड  उत्तराखंड की हरी भरी वादियाँ,कल कल बहती हुई गंगा यमुना और सीना ताने हुए विशालकाय पहाड़, ...

21/10/2016

एक महर्षि थे वाजश्रवा, वे महान विद्वान और चरित्रवान थे. नचिकेता उनके पुत्र थे . एक बार महर्षि वाजश्रवा ने विश्वजीत यज्ञ किया ,दान देते समय रुष्ट होकर पिता ने पुत्र को यमrराज को दान मे देने का शाप दिया।
बालक नचिकेता घर से निकल कर हिमालय की इस ताल पर यम को प्राप्त करने के लिए तपस्या करने लगे .
यम राज ने तपस्या से खुश होकर नचिकेता को तीन बर दिये .
1) मेरे पिता मुझे पहचान ले और उनका क्रोध शांत हो जाये
२) पृथ्वी पर बहुत से दुःख है, दुःख दूर करने का उपाय क्या हो सकता है
3) मृत्यु के बाद मनुष्य का क्या होता है ? वह कहाँ जाता है ?

निचिकेता ताल पर यमराज और निचिकेता का सबाद हुआ कठोपनिषद के
अनुसार जो मनुष्य यहाँ आकर पूजा अर्चना करता है उसको मोछ मिलता है I लेकिन पैदल भी 12 से 18 धण्टे चलना पड़ता हैं।

जब सेम नागराज जाएँ तो नचिकेता ताल अवश्य जाएँ।

20/10/2016

सेम नागराज मंदिर

एक बार कृष्ण जमुना मे नहाने गये वही दूसरी कुशम्बा कोलिण भी नहा रही थी I नहाते समय कुशम्बा कोलिण के कुछ बाल बह कर कृष्ण की तरफ चले गये I कृष्ण ने बालो को देखा और भ्रम मे पड़ गये जिस स्त्री बाल इतने सुंदर है वह स्वयं कितनी सुंदर होगी I कृष्ण उसकी तलाश करते हुए उसके गाँव पहुचे I
कृष्ण कुशम्बा कोलिण के पहूँच कर अपने लिए रात सोने के लिए जगह मांगने लगे , उन दिनों उसका पति कैदू कोली राजा इन्दर के काम से 6 महने के प्रवास पर गया था I कुशम्बा कोलिन ने कृष्ण को सोने के लिए भैस बकरी और ओबरा रहने के कहा पर कृष्ण नहीं माने I कुशम्बा कोलिण ने नारायण को पहचान कर अपना साफ बिस्तर दे गिया I तभी कैदू कोली घर आ गया और कृष्ण वहा से भागने लगे I उनके पीछे कैदू कोली भी भागा I , कृष्ण एक जगह पर छुप गये पर एक कुत्ते ने उनका भेद खोल दिया I कृष्ण ने कुत्ते को श्राप दिया की सारी दुनिया धुर -२ करेगी I कृष्ण वहाँ से आगे एक हल्दी के खेत मे छिप गये और कैदू कोली उन्हे देख नहीं पाया I कृष्ण ने हल्दी पर खुश को बर दिया की हल्दी आप हमेशा सुमंगल रहेI उसी दिन से मंगल कार्य मे हल्दी का तिलक लगाया जाता है I उसी दिन से हल्दी भी नारायण के आस पास रहने लगीI
सेम मुखेम के जंगलो मे जंगली हल्दी के पेड बहुत पाये जाते है जिसकी खुशबू यात्रा के समय मंत्रमुग्ध कर देते है I इन जंगलो मे इतनी मात्रा मे जंगली हल्दी होने का अर्ध है l

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Sem Mukhem, Patti Mukhem, Thana Parapnagar
Tehri-Garhwal
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8791670417

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