Shailu Bhai Uttarakhandi vlogs

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21/05/2026

चंद्रबदनी माता का मन्दिर अपने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में चंद्रकूट पर्वत पर स्थित एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ है। समुद्र तल से लगभग २,२७७ मीटर की ऊंचाई पर स्थित चंद्रबदनी देवी. यह मंदिर उन ५२ शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जहाँ माता सती का धड़ गिरा था चंद्रबदनी. यह पवित्र स्थान अपनी अलौकिक मान्यताओं और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है. पौराणिक महत्व: मान्यता है कि जब भगवान शिव माता सती के पार्थिव शरीर को ले जा रहे थे, तब उनका धड़ इसी स्थान पर गिरा था। यहाँ कोई मूर्ति नहीं बल्कि एक पवित्र श्रीयंत्र की पूजा होती है, जिसकी स्थापना आदि शंकराचार्य ने की थी। प्रमुख आकर्षण: मंदिर परिसर से हिमालय की चोटियों और आसपास की घाटियों के मनमोहक 360-डिग्री दृश्य दिखाई देते हैं.

12/05/2026

🙏Jai Maa चन्द्रबदनी🙏 माता के दरबार में जाने से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि यह माना जाता है कि वहाँ की पवित्र ऊर्जा से आपकी मन्नतें और मंत्र सिद्ध हो जाते हैं। इसे आध्यात्मिक शुद्धि और मानसिक शांति का अनुभव कहा जाता है।

11/05/2026

देवप्रयाग को हिंदू धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है, जहाँ ऋषि देवशर्मा ने तपस्या की थी।यह ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे पर स्थित है, जो समुद्र तल से लगभग (830) मीटर की ऊँचाई पर है।

09/05/2026

Jai Mata Dii 🙏 मां चंद्रबदनी उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में चंद्रकूट पर्वत की चोटी पर स्थित एक पवित्र और प्राचीन सिद्धपीठ/शक्तिपीठ है, जो देवप्रयाग से लगभग 32 किलोमीटर दूर है। समुद्र तल से 2,277 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह देवी सती को समर्पित है और माना जाता है कि यहाँ सती का धड़ गिरा था। यह 52 शक्तिपीठों में से एक है।

09/05/2026

🙏जय माँ चन्द्रबदनी🙏
माँ चन्द्रबदनी के दिव्य दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ.
मां चंद्रबदनी उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में चंद्रकूट पर्वत की चोटी पर स्थित एक पवित्र और प्राचीन सिद्धपीठ/शक्तिपीठ है, जो देवप्रयाग से लगभग 32 किलोमीटर दूर है। समुद्र तल से 2,277 मीटर की ऊंचाई पर स्थित, यह देवी सती को समर्पित है और माना जाता है कि यहाँ सती का धड़ गिरा था। यह 52 शक्तिपीठों में से एक है। कहा जाता है कि शिव द्वारा सती के शरीर को ले जाते समय उनका धड़ और हथियार यहाँ गिरे थे। यह टिहरी गढ़वाल के देवप्रयाग और प्रताप नगर तहसीलों की सीमा पर है। मन्दिर के चारों ओर हिमालय की भव्य पर्वत श्रृंखलाएँ हैं, जो एक 360-डिग्री दृश्य प्रदान करती हैं।यात्री सुविधा: यहाँ पहुँचने के लिए ट्रैकिंग और सड़क मार्ग दोनों उपलब्ध हैं।

08/05/2026

उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी 7 मई 2026 में अपने पैतृक गांव पंचूर (Panchur) पहुंचे, जो अपने उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में स्थित है। उनकी इस यात्रा के मुख्य बिंदु ये हैं: धार्मिक कार्यक्रम: वह पंचूर में नवनिर्मित हरि विष्णु पंचदेव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समापन समारोह में शामिल हुए, जो 4 से 8 मई 2026 तक आयोजित किया गया था। उत्तराखंड के CM के साथ मुलाकात: उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यमकेश्वर हेलीपैड पर उनका स्वागत किया। दोनों मुख्यमंत्रियों ने साथ में यमकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना की। फिटनेस और सादगी: सीएम योगी और सीएम धामी ने बिथ्याणी स्थित महायोगी गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में नवनिर्मित 'ओपन एयर जिम' का उद्घाटन किया और वहां कसरत भी की। अपनों के बीच समय: योगी आदित्यनाथ ने अपने परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के साथ समय बिताया।

नीलकंठ महादेव के दिव्य दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. नीलकंठ महादेव मंदिर, ऋषिकेश (उत्तराखंड) से 28 KM द...
08/05/2026

नीलकंठ महादेव के दिव्य दरबार में हाजिरी लगाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. नीलकंठ महादेव मंदिर, ऋषिकेश (उत्तराखंड) से 28 KM दूर लगभग 1330 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक प्राचीन और पवित्र शिव मंदिर है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, यह वही स्थान है जहाँ भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान निकला 'हलाहल विष' पिया था, जिससे उनका कंठ नीला पड़ गया और वे 'नीलकंठ' कहलाए।

08/05/2026

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26/04/2026

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