07/06/2026
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में उत्तराखंड के युवा शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े करती है।
केशव नेगी दिल्ली में एक कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे, जिनकी जिम्मेदारी रसोई में भोजन तैयार करना थी। भवन की वैधता, फायर एनओसी, सुरक्षा मानकों का पालन और निर्माण संबंधी नियमों की निगरानी उनके कार्यक्षेत्र में नहीं आती थी। यदि भवन में सुरक्षा संबंधी खामियां, अवैध निर्माण या प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही हुई है, तो इसकी जवाबदेही उन लोगों की तय होनी चाहिए जो वास्तव में इसके लिए जिम्मेदार हैं।
21 लोगों की दुखद मृत्यु से पूरा देश आहत है और दोषियों पर कार्रवाई होना आवश्यक है। लेकिन निष्पक्ष जांच का अर्थ यह भी है कि किसी कर्मचारी को केवल आसान लक्ष्य मानकर पूरे मामले की जिम्मेदारी उस पर न डाल दी जाए।
यह भी जांच का विषय है कि रिहायशी क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां किन अनुमतियों के आधार पर संचालित हो रही थीं, सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं हुआ और संबंधित विभागों की भूमिका क्या रही।
उत्तराखंड सरकार, जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से आग्रह है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए तथा केशव नेगी को उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। न्याय तभी सार्थक होगा जब जांच वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक पहुंचे और किसी निर्दोष को बलि का बकरा न बनाया जाए।