09/11/2025
हर साल 9 नवम्बर का दिन उत्तराखंडवासियों के लिए गर्व और भावनाओं से भरा हुआ होता है। यह वह दिन है जब लंबे संघर्षों, अनगिनत बलिदानों और जनआंदोलनों के बाद हमारे सपनों का प्रदेश — उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आया। वर्ष 2000 में, भारत के मानचित्र पर यह नया राज्य 27वां राज्य बनकर उभरा, जिसकी आत्मा हिमालय की गोद में बसती है।
उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि संस्कृति, अध्यात्म, वीरता और प्रकृति का अद्भुत संगम है। यहां की हर नदी, हर घाटी, हर शिखर अपने भीतर कोई कहानी समेटे हुए है। गढ़वाल और कुमाऊं की भूमि ने देश को न जाने कितने वीर सपूत, संत, और पर्यावरण रक्षक दिए हैं।
राज्य आंदोलन के दिनों को याद करें तो मन में झुरझुरी सी दौड़ जाती है। पहाड़ों की बेटियां और माताएं सड़कों पर उतरीं, युवाओं ने अपनी पढ़ाई-नौकरी दांव पर लगाई, सिर्फ इसलिए कि पहाड़ों की आवाज़ दिल्ली तक पहुंचे। “अलग राज्य चाहिए” की यह पुकार केवल प्रशासनिक मांग नहीं थी, बल्कि यह हमारी पहचान और अस्तित्व की पुकार थी।
आज जब हम उत्तराखंड स्थापना दिवस 2025 मना रहे हैं, तो यह केवल जश्न का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन का भी समय है। पिछले 25 वर्षों में हमने बहुत कुछ हासिल किया है — सड़कों का जाल, शिक्षा संस्थान, पर्यटन विकास, और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता। लेकिन अब भी हमें पलायन, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों से जूझना पड़ रहा है।
यह समय है कि हम फिर से अपने संकल्प को दोहराएं — “हम अपने राज्य को ऐसा बनाएंगे कि यहां का कोई युवा अपने घर से दूर जाने को मजबूर न हो।” हमें अपनी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा करनी होगी, नदियों को स्वच्छ रखना होगा, और पहाड़ों की हरियाली को संजोकर रखना होगा।
उत्तराखंड केवल देवभूमि नहीं, यह शौर्यभूमि भी है — जहां के जवान देश की सीमाओं पर डटे रहते हैं, और जहां के गांवों में आज भी संस्कृति की महक बसी है।
आइए, इस स्थापना दिवस पर हम सब एकजुट होकर प्रतिज्ञा लें —
“हम अपने उत्तराखंड को विकास, शिक्षा, स्वच्छता और पर्यटन में अग्रणी बनाएंगे। हम अपनी जड़ों से जुड़े रहकर आधुनिकता की ओर बढ़ेंगे।”
जय बद्री-केदार!
जय उत्तराखंड!
🌸🌿 उत्तराखंड स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! 🌿🌸