09/03/2026
केदारताल ट्रैक
~हम लोगों ने तो बाबा केदारनाथ और केदार कंठा ट्रैक के बारे में जरूर सुना होगा मगर केदारताल के बारे में हम में से बहुत कम लोग ही जानते होंगे।
~उत्तराखंड की प्रमुख छोटा चारधाम यात्रा के मुख्य तीर्थ स्थल गंगोत्री से मात्र 17 किलोमीटर की दुरी पर स्थित केदारताल ट्रेक उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय ट्रेक में से एक है।
~वास्तव में समुद्रतल से 4900 मीटर (16075 फुट) की ऊंचाई पर स्थित केदारताल एक हिमनद झील है जिसके पानी का मुख्य स्त्रोत झील के आसपास में स्थित माउंट थलयसागर ( 6904 मीटर ), माउंट भृगुपंथ (6,772 मीटर) और माउंट मंदार (6,672 मीटर) जैसे हिमालय के विशाल पर्वत है।
~इसके अलावा केदारताल केदारगंगा जैसी पवित्र नदी का उद्गम स्थल भी माना जाता है। केदारगंगा आगे जाकर भागीरथी नदी में विलय हो जाती है जो की पवित्र गंगा नदी की 12 सहायक नदियों में से एक है।
~गंगोत्री से शुरू होने वाला केदारताल ट्रेक एक कठिन श्रेणी का ट्रेक माना जाता है, क्योंकि इस पुरे ट्रेक के दौरान आपको कई बार 45 डिग्री तक खड़ी चढ़ाई करनी पड़ती है और इसके अलावा इस जगह पर भुस्खलन की संभावना भी हर समय भी बनी रहती है इस वजह से इस पुरे ट्रेक को कठिन श्रेणी के ट्रेक में माना जाता है।
~गंगोत्री से केदारताल ट्रेक पूरा करने की कुल अवधि 4-5 दिन मानी जाती है। और इस पुरे ट्रेक के दौरान आप गंगोत्री से भोजखरक और केदारखरक होते केदारताल पहुंच सकते है। पुरे ट्रेक के दौरान आप हिमालय के पहाड़ों में स्थित घने जंगलो और खड़ी चट्टानों को पार करते हुए केदारताल पहुचंते है जो की आपकी यात्रा को और भी रोमांचक और यादगार बना देता है।
केदारताल हिमालय के उन गिने-चुने ट्रेक में से एक है जहाँ से आपको हिमालय के सबसे विशाल पर्वत एक साथ दिखाई देते है जैसे – मांडा पर्वत, माउंट गंगोत्री, माउंट थलयसागर, माउंट जोगिन और माउंट भृगुपंथ। उत्तराखंड में जितने भी ट्रेक है उन सभी ट्रेक में सबसे कम भीड़ आपको इस ट्रेक पर मिलती है क्योंकि सिर्फ अनुभवी ट्रेकर ही इस ट्रेक पर जाना पसंद करते है। इसलिए अगर आपको केदारताल ट्रेक करना है तो आप जितना हो सके उतना अपने आपको शारीरिक रूप से सक्षम बनाये और हो सके तो इस ट्रेक को करने से पहले 2-4 मध्यम श्रेणी के ट्रेक कर लें ताकि आप यह ट्रेक आसानी से पूरा कर पाएं।
# # #केदारताल का इतिहास -
D.m
Call 📶📶📶