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26 Jan 2024
25/01/2024

26 Jan 2024

12/12/2022

आसमान से उतरे थे भारतीय सेना के जांबाज सैनिक

7 दिसंबर तक भारतीय सेना ने जेसोर और सियालहट को आजाद करा लिया था। ढाका तक पहुंचने के लिए आर्मी आगे बढ़ी, तो उत्तर में मौजूद 93 पाकिस्तानी ब्रिगेड ने ढाका की ओर मूव करना शुरू किया। इन्हें बीच में रोकने के लिए भारत की 2 पैरा बटालियन को पैराशूट के माध्यम से तंगेल में लैंड कराया गया। इनका मिशन था ज़मीन पर मराठा लाइट Infantry से लिंक स्थापित करना। मराठा लाइट इंफेंट्री तब ढाका की ओर बढ़ रही थी। 11 दिसम्बर की शाम IAF के 6 An-12s, 20 C-119 ‘पैकेट’ और 22 डकोटा विमान ने कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे से उड़ान भरी। 800 जवानों को 12 जीपों सहित तंगेल में पैरा ड्रॉप कराया गया।

इस मिशन का मकसद था जमालपुर-तंगैल-ढाका रोड पर बने पूंगली ब्रिज पर कब्‍जा करना। साथ ही लूहाजांग नदी पर भी नजर रखनी थी। पैराशूट रेजिमेंट की 2nd बटालियन को जिम्‍मा सौंपा गया जिसकी अगुवाई ले. कर्नल कुलदीप सिंह पन्‍नू कर रहे थे। शाम 4.30 बजे का वक्‍त चुना गया क्‍योंकि उस वक्‍त धुंधलका होता है और सैनिकों को इतनी रोशनी भी मिल जाती कि वे आसानी से उतर कर अंधेरा होने तक छिप जाते। दुश्‍मन के इलाके में एक-एक करके IAF के विमान मंडराने लगे। करीब 800 पैराट्रूपर्स ने हवा में छलांग लगाई और नीचे पहुंचकर इकट्ठा होने लगे। दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद यह सबसे बड़ा पैराड्रॉप ऑपरेशन था। चश्‍मदीद कहते हैं कि उस दिन आसमान में बस पैराशूट्स ही पैराशूट्स नजर आ रहे थे।

हमारे सैनिकों ने जमीन पर पहुंचते ही पुल की सुरक्षा में लगे पाकिस्तानी डिफेंडर्स को हक्‍का-बक्‍का कर दिया। कुछ ही देर में पुल पर भारतीय सेना का कब्‍जा हो गया। डिफेंसिव पोजिशंस सेटअप की गईं और पाकिस्‍तानी ब्रिगेड का इंतजार होने लगा। आधी रात के करीब पाकिस्‍तानी सैनिक जब वहां पहुंचे तो भारतीय सेना को अपने इलाके में इतना भीतर पाकर हैरान रह गए। यह जगह ढाका से महज 70 किलोमीटर दूर थी। हमारे पैराट्रूपर्स ने पाकिस्‍तानी ब्रिगेड की धज्जियां उड़ा दीं। कई सैनिक खुले खेतों में भागे, कुछ लड़ते-लड़ते मारे गए और बहुत सारे बंदी बना लिए गए।

साथ ही पाकिस्तान को कन्फ़्यूज़ करने के लिए और दो इलाक़ों में डमी पैराशूट भी उतारे गए। अगले दिन ब्रिटेन से लेकर अमेरिका के अख़बारों में इस घटना की तस्वीर छपी। हल्ला मचा कि भारत ढाका पर कब्जे के लिए पूरी ब्रिगेड उतार दी है। असलियत ये थी कि तंगेल में कभी कोई तस्वीर खींची ही नहीं गई। राम मोहन रॉय तब दिल्ली से भारतीय सेना के मूवमेंट की प्रेस रिलीज की ज़िम्मेदारी सम्भाल रहे थे। उन्होंने जो तस्वीर रिलीज़ की, वो दरअसल एक साल पहले हुई ट्रेनिंग एक्सरसाइज की फोटो थी। तस्वीर ने अपना काम कर दिया। जंग के बाद जनरल नियाजी ने सरेंडर की एक मुख्य वजह इस फोटो को भी बताया। उन्होंने बताया कि टाइम्स लंदन में छपी इस तस्वीर ने ट्रूप्स का मनोबल तोड़ दिया था। तस्वीर से लग रहा था भारत ने पूरी ब्रिगेड उतार दी है। जबकि असल में सिर्फ़ एक बटालियन भर सैनिक ड्रॉप हुए थे।

01/12/2022

Incredible Kashi 💕

Welcome tothe Heritage the Innocence the calm the infinity the Moksha...Lord Shiv Kashi❤️ 🕉️
15/09/2022

Welcome to
the Heritage the Innocence the calm the infinity the Moksha...Lord Shiv Kashi❤️ 🕉️

Today we are Free,but remember this Freedom we didn't get FreeVery big price given by our Real Heroes Like #यतीन्द्रदास ...
15/09/2022

Today we are Free,but remember this Freedom we didn't get Free
Very big price given by our Real Heroes Like
#यतीन्द्रदास जी 🫡

अंग्रेज़ी शासन में कारागारों में भारतीय राजनैतिक बंदियों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता था। इसके विरोध में 63 दिन तक जतिन दास निराहार रहे। इस मुहिम में उनके साथी थे भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे अन्य क्रांतिकारी।
इसके उपरांत हुई उनकी मृत्यु से पूरा देश आंदोलित हो गया था।
लाहौर से कलकत्ता तक के उनके पार्थिव शरीर की यात्रा को पूरे देश ने अश्रुपूरित विदाई दी। स्वयं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कलकत्ता में शोकाकुल जनता की अगुवाई की और जतिन दास को "आधुनिक भारत के युवा दधीचि" की उपाधि दी।
स्वतंत्रता का मूल्य यह था।
जतिन दास जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन।

15/09/2022

अंग्रेज़ी शासन में कारागारों में भारतीय राजनैतिक बंदियों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा जाता था। इसके विरोध में 63 दिन तक जतिन दास निराहार रहे। इस मुहिम में उनके साथी थे भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त जैसे अन्य क्रांतिकारी।
इसके उपरांत हुई उनकी मृत्यु से पूरा देश आंदोलित हो गया था।
लाहौर से कलकत्ता तक के उनके पार्थिव शरीर की यात्रा को पूरे देश ने अश्रुपूरित विदाई दी। स्वयं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कलकत्ता में शोकाकुल जनता की अगुवाई की और जतिन दास को "आधुनिक भारत के युवा दधीचि" की उपाधि दी।
स्वतंत्रता का मूल्य यह था।
जतिन दास जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन।

A sight of the breathtakingly beautiful Chenab Bridge.
14/09/2022

A sight of the breathtakingly beautiful Chenab Bridge.

जय हो 🙏
10/09/2022

जय हो 🙏

श्रीदेवरहा बाबा की इस योगशक्ति को देखकर हैरान हुए HighCourt के वकील,बचाए ईमानदार IAS भक्त part 2Ashram Address -श्रीदेवरहा बाबा आश्रम, व...

Chitradurga Fort ~ One of the India’s strongest hill forts.
13/06/2022

Chitradurga Fort ~ One of the India’s strongest hill forts.

The more we search, the more we discover…. Vaghera Hill Fort, about 37 km North-West of Nasik, Maharashtra, India 📷 digv...
13/06/2022

The more we search, the more we discover….

Vaghera Hill Fort, about 37 km North-West of Nasik, Maharashtra, India

📷 digvijay.singh

Rare Japanese Temple Murti of Ganesh Jii  at Shijonawate city,Osaka, Japan!!
07/05/2022

Rare Japanese Temple Murti of Ganesh Jii at Shijonawate city,Osaka, Japan!!

काशी हुई मतवाली,आज अपने इष्ट संग खेलेगी होली🕉️सभी को बधाई
14/03/2022

काशी हुई मतवाली,
आज अपने इष्ट संग खेलेगी होली🕉️
सभी को बधाई

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D17/144-145-10-opp. Kashi Vishwanath Singh Dwar, Dashaswamedh Ghat Road
Varanasi
221001

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